Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

IDBI बैंक लोन घोटाले में दो बैंकों के CEO पर मुकदमा दर्ज, CBI का एक्‍शन खास खबर: दबाव नहीं जरूरत करा रही मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, ये है पीछे का सच एक्सिस बैंक को Q4 में 2189 करोड़ का हुआ घाटा, प्रोविजनिंग 3 गुना बढ़ी 500 करोड़ से बनेगा दिल्‍ली का सबसे ऊंचा टावर, होंगे 160 ब्रांडेड लग्‍जरी अपार्टमेंट पेट्रोल-डीजल के बढ़ते रेट पर पेट्रोलियम मंत्री ने जताई चिंता, राज्‍यों से कहा टैक्‍स घटाएं फेसबुक को अब तक का सबसे ज्यादा प्रॉफिट, 63% बढ़कर हुआ 32500 करोड़ रु चीनी मीडिया में छाए विदेश सचिव विजय गोखले, मोदी-जिनपिंग मुलाकात में निभाई अहम भूमिका यस बैंक का मुनाफा 29 फीसदी बढ़कर 1179 करोड़ हुआ, प्रोविजनिंग बढ़ी ग्लोबल संकेतों से चढ़ा मार्केट, सेंसेक्स 212 अंक मजबूत, निफ्टी 10600 से ऊपर मुकेश अंबानी का ये स्‍कूल तैयार करता है ‘कमांडो’, फार्म भरने की लास्‍ट डेट है 28 अप्रैल अटक सकता है H-1B वीजाहोल्डर के जीवनसाथी को जॉब से रोकने वाला प्रपोजल टाटा मोटर्स ने एक साथ लांच किए 14 ट्रक, जानें दाम, दम और खूबि‍यां रेलवे यात्री को देती है 10 लाख का इंश्‍योरेंस, क्‍लेम के लि‍ए करें ये काम HDFC बैंक ने FD पर 1% तक बढ़ाई ब्‍याज दर Samsung S9 को अलग लेवल का स्मार्टफोन बनाता है उसका कैमरा
बिज़नेस न्यूज़ » Personal Finance » Financial Planning » Updateबैंक डिपॉजिट को मिलेगी ज्यादा सुरक्षा, सरकार इन्श्योरेंस कैप बढ़ाने पर कर रही विचार

बैंक डिपॉजिट को मिलेगी ज्यादा सुरक्षा, सरकार इन्श्योरेंस कैप बढ़ाने पर कर रही विचार

बैंक डिपॉजिट को मिलेगी ज्यादा सुरक्षा, सरकार इन्श्योरेंस कैप बढ़ाने पर कर रही विचार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार इन्श्योरेंस कैप बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस संबंध में फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा में जानकारी दी। यहां ये बता दें कि वर्तमान में डिपोजिट इंश्योरेंस लिमिट 1 लाख रुपए है। जेटली ने इसके साथ ही यह भी कहा कि बैंक डिपॉजिट को पहले से ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।  

 

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एफआरडीआई बिल पर  स्पष्टीकरण

 

वहीं फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एफआरडीआई बिल 2017 को लेकर मीडिया में चल रही गलतफहमियों को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। मिनिस्ट्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून में जमाकर्ता को दी जाने वाली हालिया सुरक्षा को पूरी तरह से बदला नहीं गया है। मंत्रालय ने कहा कि वित्तीय निपटान और जमा बीमा विधेयक (FRDI) में किसी भी तरह प्रतिकूल तरीके से जमाकर्ताओं को मिलने वाले मौजूदा संरक्षणों में किसी भी प्रकार का प्रतिकूल संशोधन नहीं किया गया है।

- मंत्रालय ने बयान में कहा कि एफआरडीआई विधेयक में जमाकर्ताओं को अधिक पारदर्शी तरीके से अतिरिक्त संरक्षण दिए गए हैं।

- मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मीडिया विशेषरूप से सोशल मीडिया में एफआरडीआई विधेयक में जमाकर्ताओं के संरक्षण के मामले में बेल-इन प्रावधान को लेकर कुछ संदेह जताया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है।

- मंत्रालय ने कहा कि एफआरडीआई विधेयक में बेल-इन कई रेजॉलूशन टुल्स में से एक माध्यम है। 

- मंत्रालय ने कहा, किसी विशेष प्रकार के रेजॉलूशन केस में बेल-इन प्रावधान के इस्तेमाल की जरूरत नहीं होगी।

- निश्चित रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मामले में इसकी जरूरत नहीं होगी क्योंकि इस तरह की आकस्मिक स्थिति आने की गुंजाइश नहीं है। फिलहाल बैंकों में जमा एक लाख रुपये तक की राशि का बीमा होता है।

- इसी तरह का संरक्षण एफआरडीआई विधेयक में भी जारी रहेगा। 

 

- वित्त मंत्रालय को निपटान निगम को जमा बीमा राशि में बढ़ोतरी का अधिकार होगा। यह स्पष्ट किया है कि 1 लाख रुपये से अधिक के गैर-बीमित जमा को मौजूदा कानून के तहत गैर-संरक्षित कर्जदाता के रूप में लिया जाएगा और परिसमापन की स्थिति में उन्हें तरजीह बकाया, सरकार बकाया आदि की अदाएगी के बाद भुगतान किया जाएगा। 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.