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EPFO का बड़ा कदम, डिफॉल्‍टर कंपनियों में इंस्‍पेक्‍शन के लिए नहीं लेनी होगी इजाजत

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने प्रॉविडेट फंड समय से न जमा कराने वाली कंपनियों से रिकवरी के लिए बड़ा कदम उठाया ह

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नई दिल्‍ली। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने प्रॉविडेट फंड समय से न जमा कराने वाली कंपनियों से रिकवरी के लिए बड़ा कदम उठाया है। ईपीएफओ ने फैसला किया है कि 2 वेज मंथ या इससे अधिक समय तक डिफॉल्‍ट करने वाली कंपनियों में इंस्‍पेक्‍शन के लिए अधिकारियों को इजाजत लेनी की जरूरत नहीं है। अब तक इस केटेगरी में आने वाली कंपनियों में इंस्‍पेक्‍शन के लिए अधिकारियों को सेंट्रल एनालिसिस इंटेलीजेंस यूनिट (सीएआईयू) से इजाजत लेनी पड़ती थी। ईपीएफओ ने इस बात को ट्रैक करने के लिए कि कंपनियां समय से पीएफ जमा करा रही हैं या नहीं सीएआईयू बनाई थी। 

 

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ईपीएफओ ने अपने सभी जोनल ऑफिस और रीजनल ऑफिस को भेजे सर्कुलर में कहा है कि डिफॉल्‍टर्स की ए और बी कैटेगरी में आने वाली कंपनियों में इंस्‍पेक्‍शन के लिए रीजनल पीएफ कमिश्‍नर डिफॉल्‍ट की राशि के आधार पर यह तय कर सकते हैं किस कंपनी में पहले इंस्‍पेक्‍शन हो और किस कंपनी में बाद में। जिस कंपनी की डिफॉल्‍ट राशि ज्‍यादा हो उस कंपनी में इस्‍पेक्‍शन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। 

 

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इससे क्‍या पड़ेगा फर्क 

 

इससे डिफॉल्‍ट करने वाली कंपनियों में इंस्‍पेक्‍शन में तेजी आएगी और डिफॉल्‍ट करने वाली कंपनियों से पीएफ अमाउंट की रिकवरी भी बढ़ सकती है। कंपनियों में भी इंस्‍पेक्‍शन को लेकर डर बढ़ेगा और वे ड्यू पीएफ की राशि जमा कराने की पहल करेंगी। 

 

डिफॉल्‍टर की ए और बी कैटेगरी में आती हैं कौन सी कंपनियां 

 

चार वेज मंथ या इससे अधिक समय तक पीएफ पर डिफॉल्‍ट कराने वाली कंपनियां ए कैटेगरी में आती हैं। वहीं 2 या 3 वेज मंथ तक डिफॉल्‍ट न करने वाली कंपनियां बी कैटेगरी में आती हैं। वहीं 1 वेज मंथ में डिफॉल्‍ट करने वाली कंपनियां सी कैटेगरी में आती हैं। 

 

हर माह तैयार होती है डिफॉल्‍टर्स की लिस्‍ट 

 

ईपीएफओ की सेंट्रल इंटेलीजेंस यूनिट हर माह अपने पोर्टल पर डिफॉल्‍टर की लिस्‍ट तैयार कर अपलोड करती है। फील्‍ड ऑफिस में अधिकारी इस लिस्‍ट के आधार पर ही डिफॉल्‍ट करने वाली कंपनियों में इस्‍पेक्‍शन के लिए इजाजत मांगते थे। लेकिन अब उनको ए और बी कैटेगरी की कंपनियों में इंस्‍पेक्‍शन के लिए इजातत नहीं लेनी पड़ेगी। 

 

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बढ़ रही है डिफाल्‍ट करने वाली कंपनियों की संख्‍या 

 

ईपीएफओ के पास पीएफ न जमा कराने वाली कंपनियों की संख्‍या हाल में बढ़ी है। ईपीएफओ ने इस बात पर चिंता जताते हुए कहा था कि इंस्‍पेक्‍शन के लिए जिम्‍मेदार अधिकारी अपना काम ठीक तरीके से नहीं कर रहे हैं। ईपीएफओ ने इस बारे में अपने अधिकारियों को चेतावनी भी दी थी। ईपीएफओ के डाटा के अनुसार डिफॉल्‍ट करने वाली कंपनियों की संख्‍या 1.30 लाख से अधिक हो गई है। 

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