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अनुमति के बिना ही कंपनियों में इन्‍सपेक्‍शन कर रहे PF अधिकारी, EPFO ने किया अलर्ट

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन यानी EPFO के अधिकारी जरूरी अनुमति के बिना ही कंपनियों में निरीक्षण के लिए जा रहे हैं।

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नई दिल्‍ली। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन यानी EPFO के अधिकारी जरूरी अनुमति के बिना ही कंपनियों में निरीक्षण के लिए जा रहे हैं। ऐसे मामले सामने आने के बाद ईपीएफओ ने कंपनियों में निरीक्षण के लिए गाइडलाइंस जारी की है। इसके तहत ईपीएफओ ने बताया है कि किस कैटेगरी के इस्‍टैबलिशमेंट का निरीक्षण के अनुमति के बिना किया जा सकता है और किस कैटेगरी के इस्‍टैबलिशमेंट में निरीक्षण के लिए अधिकारियों को अनुमति लेनी होगी। 

 

 EPFO ने जारी की गाइडलाइंस 

 

ईपीएफओ के एडिशनल सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर डॉ एसके ठाकुर ने सभी रीजनल पीएफ कमिश्‍नर्स को एक सर्कुलर जारी कर इस बात पर चिंता जताई है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें अधिकारी बिना जरूरी अनुमति के ही कंपनियों में इस्‍पेक्‍शन के लिए जा रहे हैं। सर्कुलर में कहा गया है कि लेबर मिनिस्‍ट्री के श्रम सुविधा पोर्टल द्वारा इन्‍सपेक्‍शन के लिए तैयार इस्‍टैबलिशमेंट की लिस्‍ट में शामिल इस्‍टैबलिशमेंट के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा सीएआईयू  पोर्टल की ए और बी लिस्‍ट में शामिल  डिफॉल्‍टर्स इस्‍टैबलिशमेंट में इन्‍सपेक्‍शन के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है।

 

शिकायत से जुड़े मामलों में अनुमति की जरूरत नहीं 

 

इसके अलावा ऐसे मामलों में जिनको शिकायत के आधार पर हेड ऑफिस ने रेफर किया उनमें इन्‍सपेक्‍शन के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। अगर किसी इस्‍टैबलिशमेंट में 20 या इससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं और सीएआईयू पोर्टल की वेज एनालिसिस रिपोर्ट में यह पाया जाता है कि इन इस्‍टैबलिशमेंट में ईपीएफ वेज 1,000 रुपए से कम है तो निरीक्षण के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। अगर कोई एग्‍जेम्‍पटेड इस्‍टैबलिशमेंट मंथली रिटर्न फाइल नहीं कर रहा है तो वहां निरीक्षण के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। इसके अलावा बाकी सभी इस्‍टैबलिशमेंट में निरीक्षण के लिए सीएआईयू की अनुमति जरूरी है।  

 

जानकारी मिलने पर कदम उठाएं रीजनल पीएफ कमिश्‍नर 

 

सर्कुलर में कहा गया है कि अगर किसी रीजनल पीएफ कमिश्‍नर को जानकारी मिलती है कि किसी इस्‍टैबलिशमेंट ने ईपीएफ एंड एमपी एक्‍ट के तहत खुद को रजिस्‍टर्ड नहीं कराया है तो रीजनल पीएफ कमिश्‍नर इस्‍टैबलिशमेंट से संपर्क कर खुद को रजिस्‍टर्ड कराने के लिए कहेंगे। इसके बावजूद अगर इस्‍टैबलिशमेंट खुद को एक्‍ट के तहत रजिस्‍टर्ड नहीं कराता है तो 
सीएआईयू की अनुमति लेने के बाद एनफोर्समेंट ऑफीसर को लगाया जाएगा और वह इस्‍टैबलिशमेंट के रिकॉर्ड को वेरीफाई कर एक्‍ट के तहत उसका रजिस्‍ट्रेशन सुनिश्चित कराएगा। जिससे की इस्‍टैब‍लिशमेंट के कर्मचारियों को सोशल सिक्‍योरिटी कवर मुहैया कराया जा सके। 

20 या 20 से अधिक कर्मचारियों वाले इस्‍टैबलिशमेंट के लिए खुद को रजिस्‍टर कराना है जरूरी 

 

अगर किसी इस्‍टैबलिशमेंट में 20 या 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं तो उसके लिए ईपीएफ एंड एमपी एकट के तहत खुद को रजिस्‍टर कराना जरूरी है। इसके तहत उसे अपने कर्मचारियों का पीएफ काट कर हर माह तय समय पर ईपीएफओ के पास जमा कराना होता है। इस्‍टैबलिशिमेंट के लिए ऐसा करना जरूरी है। अगर इस्‍टैबलिशमेंट ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। 

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