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नई और पुरानी पेंशन में ये है अंतर, इसलिए मच रहा है बवाल, यहां जानिए पूरी सच्चाई

देशभर के कर्मचारी कर रहे हैं पुरानी पेंशन लागू करने की मांग

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम लागू की है। इस व्यवस्था के तहत पेंशन के लिए कर्मचारियों के वेतन से 10 फीसदी की कटौती की जाती है। इतनी ही सहयोग सरकार करती है। अब सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 14 फीसदी कर दी है। लेकिन कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार पुरानीं पेंशन व्यवस्था को लागू करे। इसको लेकर कई केंद्रीय कर्मचारी संगठन और राज्य कर्मचारियों के संगठन आंदोलन भी चला रहे हैं। आइए आपको बताते हैं कि पुरानी पेंशन और नई पेंशन स्कीम में क्या अंतर है। 

 

पुरानी पेंशन योजना में मिलते हैं यह लाभ
- पुरानी पेंशन के लाभार्थियों को जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की सुविधा मिलती है। 
- पुरानी पेंशन के तहत कर्मचारियों के वेतन से कोई कटौती नहीं होती है। 
- पुरानी पेंशन के लाभार्थियों को अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर गारंटीड पेंशन मिलती है।
- पुरानी पेंशन पूरी तरह से सरकार द्वारा दी जाती है।
- पुरानी पेंशन में विवाद होने पर सरकार के खिलाफ केस किया जाता है।
- पुरानी पेंशन वालों को रिटायरमेंट पर अंतिम वेतन के अनुसार 16.5 गुना राशि ग्रेच्युटि के रूप में मिलती है।
- पुरानी पेंशन वालों को ड्यूटी में मृत्यु पर डेथ ग्रेच्युटी मिलती है। 7वें वेतन आयोग के बाद यह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है।
- पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत कर्मचारी की सेवाकाल में मौत होने पर परिजनों को पारिवारिक पेंशन मिलती है।
- पुराने पेंशन वालों को महंगाई भत्ता और वेतन आयोगों का भी लाभ मिलता है।
- पुरानी पेंशन वालों को GPF पर लोन की सुविधा मिलती है। 
- पुरानी पेंशन स्कीम में जीपीएफ की निकासी पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। 
- GPF के लिए एक निश्चित ब्याज दर निर्धारित होती है। 

ये है नई पेंशन योजना


- नई पेंशन योजना में GPF को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। 
- नई पेंशन योजना में कर्मचारियों के वेतन से 10 फीसदी कटौती का प्रावधान किया गया है। 
- नई योजना में पेंशन की राशि निश्चित नहीं है। यह पूरी तरह से शेयर बाजार और बीमा कंपनी पर निर्भर है।
- नई योजना में पेंशन बीमा कंपनी की ओर से दी जाएगी।
- नई स्कीम में विवाद की स्थिति में बीमा कंपनी के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा।
- नई पेंशन स्कीम में ग्रेच्युटी की कोई व्यवस्था नहीं है। 
- नई पेंशन स्कीम में डेथ ग्रेच्युटी की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
- नई पेंशन में पारिवारिक पेंशन की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
- नई स्कीम में पेंशनधारक को महंगाई भत्ता और वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता है।
- नई पेंशन स्कीम में सामान्य तौर पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। विशेष परिस्थितियों में पेंशनधारकों को रिफंडेबल लोन मिल सकता है।
- नई पेंशन स्कीम में कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर मिलने वाले 60 फीसदी अंशदान पर आयकर का प्रावधान है।
- नई पेंशन स्कीम पूरी तरह से शेयर बाजार पर निर्भर है।

आखिर क्यों मचा है बवाल


कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नई पेंशन स्कीम पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी है। इस पेंशन स्कीम में कर्मचारी कई प्रकार के लाभों वंचित हैं। कर्मचारियों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद महंगाई भत्ता और वेतन आयोगों का लाभ नहीं मिलने, इस पेंशन स्कीम की सबसे बड़ी कमी है। कर्मचारियों का कहना है कि जब हम जीवनभर सरकार के लिए काम करते हैं तो पेंशन के लिए बीमा कंपनियों पर क्यों निर्भर रहें? 

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