Home » Personal Finance » Financial Planning » Updatecalculate your gratuity find out from your salary । ऐसे कैलकुलेट होती है ग्रैच्युटी, अपनी सैलरी से लगाएं हि‍साब

प्राइवेट नौकरी में भी 20 लाख तक मि‍ल सकती है ग्रैच्युटी, सैलरी से ऐसे करें कैलकुलेट

ग्रैच्युटी क्या है, कब मि‍लती है और कैसे इसे कैलकुलेट कि‍या जाता है। यह बात नौकरीपेशा लोगों के लि‍ए पहेली जैसी है।

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नई दिल्ली. ग्रैच्युटी क्या है, कब मि‍लती है और कैसे इसे कैलकुलेट कि‍या जाता है। यह बात ज्‍यादातर नौकरीपेशा लोग नहीं जानते। यही कारण है कि‍ बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि‍ वो कब ग्रैच्युटी के हकदार बनेंगे और मि‍लेगी तो क्‍या उसपर टैक्‍स लगेगा। बता दें कि‍, ग्रैच्युटी रि‍टायरमेंट लाभों के तहत मि‍लती है। सरकार की ओर से हाल ही में ग्रैच्युटी के नि‍यमों में बदलाव कर कहा गया था कि‍ अधि‍कतम ग्रैच्युटी 20 लाख रुपए तक मि‍ल सकती है। ऐसे में अगर आपके मन में भी हैं ये सवाल तो हम दे रहे हैं इन सभी सवालों के जवाब और कैसे आप अपनी सैलरी से कैलकुलेट कर सकते हैं अपनी ग्रैच्‍युटी। 

कैसे मि‍लेगी 20 तक की ग्रैच्युटी  
 
पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी एक्‍ट में प्रावधान था कि प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारी को 10 लाख रुपए से ज्‍यादा ग्रैच्युटी नहीं दी जा सकती है। संशोधन के बाद अब प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारियों को 20 लाख रुपए तक टैक्‍स फ्री ग्रैच्युटी मिल सकेगी। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पहले ही 20 लाख रुपए तक टैक्‍स फ्री ग्रैच्युटी देने का नियम है। ट्रेड यूनियंस काफी लंबे समय से प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्रैच्युटी की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की मांग कर रही थीं। 
 
आगे पढ़ें : क्‍या होती है ग्रैच्युटी 
क्या होती है ग्रैच्युटी? 
     
ग्रैच्युटी आपके वेतन, यानी आपकी सैलरी का वह हिस्सा है, जो कंपनी या आपका नियोक्ता, यानी एम्प्लॉयर आपकी सालों की सेवाओं के बदले देता है। यह आपके रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा होती है और नौकरी छोड़ने या खत्म हो जाने पर कर्मचारी को कंपनी की ओर से दी जाती है। 
आगे पढ़ें : कब मि‍लती है ग्रैच्युटी 
कब बनेंगे ग्रैच्युटी के हकदार? 
 
ज्‍यादातर लोग ग्रैच्युटी के बारे में सि‍र्फ इतना जानते हैं कि‍ जब वे कि‍सी एक कंपनी में 5 साल पूरे कर लेते हैं तो वे ग्रैच्युटी के हकदार बन जाते हैं। कुछ हद तक यह बात सही भी है। लेकि‍न इसमें एक बात यह है कि‍ एक ही नौकरी में लगातार 4 साल, 10 महीने, 11 दिन तक काम कर लेने के बाद आप ग्रैच्युटी के हकदार बन जाते हैं। लेकि‍न अगर आपको जल्दी-जल्दी नौकरी बदलने की आदत है तो ग्रैच्युटी आपके हिस्से कभी नहीं आएगी।  
आगे पढ़ें : ऐसे करें कैलकुलेट 
कैसे करें कैलकुलेट?
 
ग्रैच्युटी कैलकुलेट करना कोई मुश्‍कि‍ल काम नहीं है। इसका फॉर्म्‍यूला बहुत आसान है। आखि‍री महीने की बेसि‍क सैलरी और महंगाई भत्ते को जोड़कर उसे 15 से गुणा किया जाता है। इसके बाद जि‍तने साल की नौकरी हो चुकी है उससे गुणा कि‍या जाता है। इसके बाद जो रकम बनती है उसे 26 से भाग दे दि‍या जाता है। इसके बाद जो संख्‍या आएगी वही आपकी गैच्‍युटी होगी। 
 
ये है फॉर्म्‍यूला  
 
[(अंतिम माह का बेसिक वेतन + महंगाई भत्ता) x 15 x सेवा में दिए गए साल] / 26  
 
उदाहरण 
 
मान लीजिए, आप किसी कंपनी में 10 साल नौकरी कर चुके हैं। जहां आपकी अंतिम बेसिक सैलरी 22,000 रुपये थी, जिस पर आपको 24,000 रुपये महंगाई भत्ता मिलता था। ऐसे में सबसे पहले आप 22,000 और 24,000 की रकम को जोड़ लीजि‍ए। इसके बाद इस 46,000 रुपए की रकम को 15 से गुणा करने पर 6,90,000 मिलेगा। इसके बाद आपने कि‍तने साल नौकरी की यानी 10 से इसे गुणा कर दीजि‍ए। इसके बाद जो रकम आई 69,00,000 रुपए उसे 26 से भाग दे दीजि‍ए। इसके बाद जो रकम आई 2,65,384 रुपए यह आपकी ग्रैच्‍युटी होगी। 
आगे पढ़ें : कि‍तनी ग्रैच्‍युटी है टैक्‍स 
कि‍तनी ग्रैच्‍युटी होती है टैक्‍स फ्री? 
 
अगर आपकी ग्रैच्‍युटी ऊपर बताए गए फॉर्मूले से कैलकुलेट हो गई है और वह 20 लाख रुपये से ज्‍यादा नहीं है तो आपको इस पर कोई टैक्‍स नहीं देना होगा। नि‍यमों के मुताबि‍क ग्रैच्‍युटी के रूप में मि‍लने वाली 20 लाख रुपये तक की रकम पूरी तरह से टैक्स-फ्री है। वहीं, अगर आपकी ग्रैच्‍युटी 20 लाख रूपए से ज्‍यादा बनती है तो उस पर टैक्‍स लगेगा। 
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