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दुनिया के 7 सबसे सफल लोगों ने अपनाए खास तरीके, लोग करते हैं फॉलो

सब कुछ दांव पर लगाने के बाद सफलता ने इन लोगों को बुलंदि‍यों तक पहुंचा दि‍या।

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नई दि‍ल्‍ली. आप अगर कि‍सी भी सफल व्‍यक्‍ति‍ से बात करेंगे तो वह आपको अपनी कहानी के उस दौर के बारे में जरूर बताएंगे जब उन्‍हें लगा कि‍‍ वह बुरी तरह असफल होने वाले हैं। इसका सबसे बड़ा कारण होता है कि‍ वे उस समय अपना सब कुछ दांव पर लगा चुके होते थे। लेकि‍न इसके बाद उनकी सफलता ने उन्‍हें बुलंदि‍यों तक पहुंचा दि‍या। बि‍जनेस शुरू करने से पहले उनके जहन में दुनि‍या को बदलने की चाहत नहीं थी लेकि‍न उस खराब दौर के बाद सब कुछ इतना अच्‍छा होता गया कि‍ जाने-अनजाने ही उन्‍होंने दुनि‍या की तस्‍वीर बदल दी। आइए आज हम आपको उन लोगों के बारे में बताते हैं जि‍न्‍होंने अपने बनाए नि‍यम से भवि‍ष्‍य के लि‍‍‍ए नजीर कायम की। 

 
जेफ बेजोस 
 
‘बि‍जनेस में अकसर यह सवाल पूूछा जाता है कि‍ क्‍यों? यह अच्‍छा सवाल है लेकि‍न उतना ही अच्‍छा सवाल है क्‍यों नहीं?’
 
जेफ बेजोस अपनी और अमेजन की सफलता के लि‍ए उन सभी जोखि‍मों का शुक्रि‍या अदा करते हैं जि‍से उन्‍होंने अपने पूरे करि‍यर में लिए हैं। जेफ ने अपनी कंपनी की शुरुआत 1995 में एक गैरेज से की थी और 1998 में वह 22.1 अरब डॉलर मार्केट के इन-चार्ज बन गए। 
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वॉल्‍ट डि‍ज्‍नी
 
‘असंभव काम को करने में बेहद मजा आता है’ – वॉल्‍ट डि‍ज्‍नी
 
वॉल्‍ट डि‍ज्‍नी ने अपने पहले स्‍टूडि‍यो लाफ-ओ-ग्राम के दि‍वालि‍या होने के बाद भी काम नहीं छोड़ा। स्‍टूडि‍यो पर कर्ज बढ़ गया था। ऐसे में डि‍ज्‍नी को इसे बंद करना पड़ा। उन्‍होंने हॉलीवुड जाने का फैसला लि‍या। 1928 में वॉल्‍ट डि‍ज्‍नी ने मि‍क्‍की माउस नाम का नया कि‍रदार बनाया। इसके बाद डि‍ज्‍नी पूरी दुनि‍या में पॉपुलर हो गए और कार्टून की दुनि‍या में आज भी मि‍की माउस के नाम का सि‍क्‍का चलता है।  
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हैनरी फोर्ड 
 
‘कई सारे लोग बेवकूूफ बनने से डरते हैं’ – हैनरी फोर्ड 
 
दुनि‍या की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनि‍यों में से एक फोर्ड के फाउंडर हैनरी फोर्ड ने अपने मॉडल टी की कीमतें इतनी कम कर दी थी कि‍ वह दि‍वालि‍या होने के कगार पर पहुंच गए। हैरानी की बात तो यह है कि‍ हैनरी फोर्ड कंपनी की शुरुआत से पहले भी दो बार दि‍वालि‍या हुए थे। 
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बि‍ल गेट्स 
 
‘जिंदगी इतनी आसान नहीं, खुद को इसके लि‍ए तैयार रखें’ – बि‍ल गेट्स    
 
बि‍ल गेट्स ने कंप्‍यूटर बनाने के अपने वि‍जन पर बेस्‍ड माइक्रोसॉफ्ट को शुरू करने में बड़ा जोखि‍म उठाया था। बि‍ल गेट अपनी कंपनी को सफल करने के लि‍ए कुछ भी करने और कहीं भी जाने के लि‍ए तैयार थे। इतना ही नहीं वह स्‍टीव जॉब्‍स के खि‍लाफ भी खड़े हो गए थे और दूसरी टेक कंपनि‍यों से आइडि‍या कॉपी करने में नहीं डरे। 
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स्‍टीव जॉब्‍स 
 
‘अगर आज आपकी जिंदगी का आखि‍री दि‍न है, तो क्‍या आप वही करना चाहेंगे जो आप आज कर रहे हैं।’ – स्‍टीव जॉब्‍स 
 
स्‍टीव जॉब्‍स ने असली मैचि‍टोश (जि‍से 1998 में Mac का नाम दि‍या गया) को लॉन्‍च करने में अपना सबकुछ दांव कर लगा दि‍या था। स्‍टीव जॉब्‍स और उनकी टीम ने इसे लॉन्‍च करने से पहले इसके हार्डवेयर को 3 बार रीडि‍जाइन कि‍या था। लॉन्‍च से पहले टीम ने सोचा था कि‍ इसमें भी उनके पहले कंप्‍यूटर लीजा की तरह बड़ी ड्राइव लगाई जाएगी, लेकि‍न अंति‍म समय में इसमें डि‍स्‍क ड्राइव लगाई गई। 
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मार्क जुकरबर्ग
 
‘सबसे बड़ा जोखि‍म, कोई जोखि‍म नहीं लेना है। एक ऐसी दुनि‍या जहां सबकुछ तेजी से बदल रहा है वहां एक ही स्‍ट्रैटजी फेल हो सकती है और वह जोखि‍म नहीं लेना’। - मार्क जुकरबर्ग
 
फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग को अपने शुरुआती दि‍नों में बड़ा जोखि‍म उठाना पड़ा था। उन्‍होंने कई वेंचर कैपि‍टलि‍स्‍ट के बड़े ऑफर्स को लेने से इनकार कर दि‍या था। बाद में उन्‍होंने पेपाल के फाउंडर पीटर थायल का ऑफर मंजूर कि‍या और इसके बाद फेसबुक और जुकरबर्ग ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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धीरुभाई अंबानी
‘मुनाफा कमाने के लि‍ए आपके पास नि‍मंत्रण नहीं आएगा’ - धीरुभाई 

 

धीरुभाई अंबानी ने यमन को ऐसे वक्‍त पर छोड़ने का फैसला लि‍या जब उनकी जिंदगी बेहतर हो गई थी। धीरुभाई यमन छोड़ भारत आ गए और रि‍लायंस की शुरुआत की। 1952 में धीरुभाई भारत वापस आ गए और 15000 की रकम के साथ रि‍लायंस कमर्शि‍यल कॉरपोरेशन की शुरुआत की। रिलायंस कमर्शि‍यल कॉरपोरेशन का पहला बि‍जनेस पोलियस्टर के सूत का आयात और मसालों का निर्यात करना था। 

 
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