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सैलरी मैनेजमेंट के 5 स्‍टेप, नहीं होगी पैसों की किल्‍लत

सैलरी डे यानी जिस दिन अकाउंट में सैलरी आती है उस दिन का हम सबको बेसब्री से इंतजार रहता है।

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नई दिल्‍ली। सैलरी डे यानी जिस दिन अकाउंट में सैलरी आती है उस दिन का हम सबको बेसब्री से इंतजार रहता  है। हालांकि सैलरी का बेहतर उपयोग करने के लिए उसका प्रबंधन करना जरूरी है। सैलरी का प्रभावी तरीके से प्रबंधन करने के लिए जरूरी     है कि आप अकाउंट में आने से पहले से इसकी तैयारी करें।

 

बैंकबाजारडॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने moneybhaskar.com को बताया कि 

सबसे पहले आप जरूरी खर्च जैसे घर के किराए, ट्रैवैल और खाने पर खर्च, लोन रिपेमेंट और निवेश के लिए मंथली बजट बनाएं। इससे आपको यह पता चल जाएगा कि आपके पास जरूरी खर्च पूरा करने के बाद खर्च और निवेश करने के लिए कितना अतिरिक्‍त पैसा है। 

 

क्रास चेक करें सैलरी स्लिप 

 

अकाउंट में सैलरी आने पर सबसे पहले अपनी सैलरी स्लिप को क्रास चेक करें कि कहीं कोई गलती तो नहीं हो गई है। आपको सैलरी स्लिप में यह देखना चाहिए कि डिडक्‍शन पॉलिसी के अनुरूप है और बोनस, इन्‍क्रीमेंट या इन्‍सेंटिव अकाउंट में आया है। आपको यह भी देखना चाहिए कि जो सैलरी आपकी सैलरी स्लिप में दिख रही है उतनी ही सैलरी आपके अकाउंट में आई है या नहीं। 

 

बकाए का करें पेमेंट 

 

इसके बाद आपको जरूरी बिल या बकाए का भुगतान करना चाहिए। इसमें यूटिलिटी बिल जैसे इलेक्ट्रिसिटी बिल, फोन और इंटरनेट बिल, रेंट, क्रेडिट कार्ड बिल, लोन की ईएमआई शामिल है। इसके अलावा आप अपने बिल का पेमेंट करने के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक क्लियरिंग सिस्‍टम पेमेंट फैसिलिटी भी सेट कर सकते हैं। इससे आपके अकाउंट से आपके बिल का पेमेंट तय समय पर हो जाएगा। इससे आप जान पाएंगे कि सैलरी आने के कुछ दिन के बाद आपके अकाउंट में कितना पैसा बचा है। 

 

बढाएं अपना निवेश 

 

आदिल शेट्टी के मुताबिक आपका अगला कदम निवेश बढ़ाने के तौर पर होना चाहिए। आप जल्‍द निवेश शुरू कर और नियमित तौर पर निवेश करके बड़ा फंड बना सकते हैं। आप निवेश के लिए भी इलेक्‍ट्रॉनिक क्लियरिंग सिस्‍टम अपना सकते हैं इससे आप समय पर निवेश कर सकेंगे। जब आप निवेश कर रहे हों तो यह सुनिश्चित करें कि आपने खुद को अपने परिवार के लिए पर्याप्‍त बीमा कवर लिया है। आज के समय में हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर लेना सिर्फ अच्‍छी बात नहीं है बल्कि जरूरी है। 

पर्सनल खर्च के लिए अलग करें अमाउंट 

 

अपने बजट को ध्‍यान में रखते हुए जरूरी है कि आप पूरे माह में पर्सनल खर्च के लिए अमाउंट अलग कर लें। यह अमाउंट आप बाहर खाने पर, मूवी देखने पर, शॉपिंग करने पर और ऐसी दूसरी चीजों पर खर्च कर सकते हैं जो आप माह की अवधि में कभी भी करना चाहते हैं। इसके लिए बेहतर होगा कि आप हर माह एक तय अमाउंट इसके लिए अलग करे। 

इमरजेंसी फंड में जमा करें तय अमाउंट 

इसके अलावा आपको हर माह एक तय अमाउंट इमरजेंसी फंड में भी जमा करना चाहिए। यह अमाउंट आपके नियमित निवेश से अलग होना चाहिए। हर माह नियमित तौर पर इमरजेंसी फंड में एक तय अमाउंट डालने से आपके पास एक बड़ा फंड तैयार हो जाएगा। कभी अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर आपको अपने निवेश में से पैसा नहीं निकालना होगा। आप अपने इमरजेसी फंड से अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगे और आपका निवेश बना रहेगा। 

सैलरी प्रबंधन से आपको होगा फायदा 

अपनी सैलरी का प्रबंधन करने या सिस्‍टमैटिक तरीके से सैलरी खर्च करने से आपके पास अपने जरूरी खर्च और जिम्‍मेदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त पैसा रहेगा और हर माह बचत करने के साथ नियमित तौर पर निवेश भी कर सकेंगे। 

 

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