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Home » Personal Finance » Financial Planning » Step To Step GuideInternational Women's Day: Tips For Women To Save And Invest Money Efficiently

International Women's Day : महिला हैं तो इन चार बातों को ध्यान में रखकर हो सकती है मालामाल

इन तरीकों से महिलाएं अपनी वित्तीय सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकती हैं

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नई दिल्ली.

अब वो दिन बीत गए जब भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश में महिलाओं का मानना था कि सभी वित्तीय और निवेश संबंधित निर्णयों के लिए सिर्फ पुरुष जिम्मेदार होने चाहिए। जहां महिलाएं तब पैसे से संबंधित निर्णय नहीं ले सकती थीं, वहीं वे अब बचत के संदर्भ में समझदारी से कदम उठाती हैं। याद कीजिए उस ‘मिट्टी की गुल्लक’ उर्फ क्ले मनी सेविंग पॉट को। यह वह समय था जब शिक्षा, सशक्तिकरण और स्वतंत्रता जैसे शब्दों का कहीं भी महिलाओं के लिए कोई मायने नहीं थे। कल्पना कीजिए कि आज के समय में महिलाएं क्या क्या कर सकती है।

 

अब महिलाएं न सिर्फ अच्छी तरह शिक्षित हैं, बल्कि वे पूरी स्वतंत्रता के साथ अपनी जिंदगी के हरेक पहलू के पेशेवर तौर पर प्रबंधन करने में भी सक्षम हैं। लेकिन यह सच है कि वित्त का प्रबंधन परिवार में पुरुष के हाथ में ही भरोसेमंद समझा जाता है। यहां ऐसे चार तरीके बताए जा रहे हैं जिन पर महिलाएं अपने स्वयं के वित्तीय मामलों के प्रबंधन के लिए विचार कर सकती हैं।

 

1. सिर्फ बचत ही नहीं, निवेश भी करें

अपने पैसे का लाभ तभी मिल सकता है जब आप इसका निवेश करें। भले ही निवेश बाजार जोखिमों और उतार-चढ़ाव से जुड़ा होता है, लेकिन इसकी वजह से आपको अपनी पूंजी बढ़ाने की इच्छाओं को समाप्त नहीं करना चाहिए। जोखिम को दूर करने का एक तरीका म्युचुअल फंड जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश करना है। लगभग 5 साल की अवधि और 1-10 हजार रुपए के बीच मासिक निवेश के साथ आपका पैसा आकर्षक रिटर्न दिला सकता है। लंबी निवेश अवधि के साथ आपको ज्यादा अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

2. आपात फंड तैयार करें

चिकित्सकीय तौर पर महिलाएं अधिक नाजुक होती हैं, यह कुछ हद तक सच है। चाहे बच्चे पैदा करने की बात हो या शारीरिक थकान की, या अन्य कोई शारीरिक समस्या हो, महिलाओं के लिए चिकित्सकीय खर्च पुरुषों की तुलना में अधिक होता है। इसलिए महिलाओं के लिए इमरजेंसी फंड यानी आपात कोष तैयार करना बेहद जरूरी होता है। इमरजेंसी फंड के लिए, आपको वित्तीय रूप से अपने पुरुष साथी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है। आपको किसी भी समय चिकित्सीय स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। आपकी स्वास्थ्य जरूरतों के लिए भी यह इमरजेंसी फंड वाकई मददगार साबित हो सकता है।

 

3. अपने लक्ष्य तय करें

एक महिला के तौर पर आपकी जिंदगी में हासिल करने के लिए कई लक्ष्य हो सकते हैं। सबसे ज्यादा प्राथमिकता वाले लक्ष्य हैं - आपकी शादी, शिक्षा, बच्चे की शिक्षा, बच्चे की शादी आदि और कम प्राथमिकता वाले लक्ष्यों में छुट्टियों पर बाहर जाना, कार/घर खरीदना, महंगे कपड़े खरीदना आदि शामिल हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि अपने लक्ष्यों को निर्धारित करें और फिर इनके अनुसार ही अपनी निवेश रणनीति बनाएं।

4. सही योजना बनाएं

योजना बनाए बगैर निवेश करना गंतव्य स्थान को जाने बगैर यात्रा करने जैसा है, जिसमें आपको सफलता नहीं मिल सकती है। इसलिए, पहला सवाल आपको खुद से पूछना है कि ‘प्लान क्या है?’ और जब आप इसका उत्तर तलाश लेंगी तो उसके बाद आप आसानी से निवेश कर सकती हैं। आपको सिर्फ अपनी जिंदगी के खास लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में सक्षम होने की जरूरत है।

 

निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि चाहे आप सेवानिवृति के लिए बचत पर विचार कर रही हैं, या वित्तीय रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, महिला होने की वजह से आपको अभी से निवेश शुरू कर वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनना बेहद जरूरी है।

 

 

 - सामंत सिक्का, सह-संस्थापक, Sqrrl.in

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