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पैसा नहीं डालेगा आपके रिश्ते में दरार, अगर चार बाताें का रखते हैं खयाल

Financial management : पति पत्नी के बीच तलाक की बड़ी वजह बन रही है फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स

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नई दिल्ली। नए जामने में जब पति पत्नी दोनों कमा रहे हैं और दोनों के अलग-अलग खर्च हैं, तो फाइनेंशियल मुद्दों पर दोनों के बीच तालमेल की कमी लड़ाई-झगड़ों और तलाक की बड़ी वजह बन रही है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि शादी से पहले आप अपने पार्टनर से अपने फाइनेंसेस के बारे में चर्चा करें। शादीशुदा जोड़ों के लिए तो फाइनेंस मैनेजमेंट और भी जरूरी है। कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप अपने पैसों का बेहतर मैनेजमेंट कर सकेंगे जिससे आप और आपके पार्टनर दोनों खुश रहेंगे।

 

खर्च करने से पहले सोचें

रिश्तों की शुरुआत में अक्सर लोग खर्च करने से पहले नहीं सोचते हैं। अपने पार्टनर को खुश करने के लिए अपनी लिमिट से बढ़कर खरीदारी कर लेते हैं या महंगे से महंगे रेस्त्रां में खाना खाते हैं। यह सब करना गलत नहीं है, लेकिन कई बार ये खर्च फिजूल होते हैं। ऐसे में अच्छा होगा कि आप तय कर लें कि आपका बजट कितना है और उसे कैसे खर्च करना है।

 

आगे पढ़ें- साथ में बनाएं बजट

 

 

साथ में बनाएं बजट

भले ही पैसा खर्च करने के मामले में आप दोनों की न जमती हो या आप दोनों की प्राथमिकताएं अलग हों, तब भी साथ में ही बैठकर अपना बजट बनाएं। घर खर्च चलाने में दोनों की भागीदारी और राय जरूरी है। अपने पार्टनर पर अपनी राय न थोपें, बल्कि आपसी सहमति से तय करें कि किस चीज पर कितना खर्च करना है।

 

पैसों के बारे में करें बात

खराब क्रेडिट स्कोर और पेमेंट में लेट लतीफी करना आपके रिश्ते के लिए खराब हो सकता है। लेकिन उससे भी बुरा होगा इन बातों को अपने पार्टनर से छुपाना। अगर आप फाइनेंशियली बुरे दौर से गुजर रहे हैं तो इस बारे में अपने पार्टनर को बताएं। दोनों मिलकर इस बात का हल निकालें कि क्रेडिट स्कोर कैसे ठीक होगा।

 

आगे पढ़ें- अपने खर्च की लें जिम्मेदारी

 

 

अपने खर्च की लें जिम्मेदारी

भले ही आप दोनों पति-पत्नी के रिश्ते में बंधे हैं और कई चीजों के लिए एक-दूसरे पर निर्भर हैं, आपको अपने निजी खर्च की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए। कभी किसी खास खर्च की वजह से अपने पार्टनर से आर्थिक मदद मांगने में बुराई नहीं है, लेकिन अपने खराब क्रेडिट स्कोर के चलते फाइनेंशियल मामलों में अपने पार्टनर पर ही निर्भर हो जाने से आपका रिश्ता तनाव में आ सकता है। इसलिए अगर अाप फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजर रहे हैं तो अपने खर्च कम करने की कोशिश करें। अपने पार्टनर से उम्मीद न करें कि वे आपका खर्च उठाएं।

 
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