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    पुराने होम लोन ग्राहकों को रेट कट का नहीं मिला ज्‍यादा लाभ

    पुराने होम लोन ग्राहकों को रेट कट का नहीं मिला ज्‍यादा लाभ
     
    पिछले महीने बैंकों ने ब्‍याज दरें घटानी शुरू की लेकिन इसके लिए उन्‍हें भारतीय रिजर्व बैंक और वित्‍त मंत्रालय खरी-खोटी सुनी पड़ी। बड़े बैंकों द्वारा ब्‍याज दरों में कटौती के बाद लगभग सभी बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों ने कर्ज की दरों में कटौती की है। ज्‍यादातर बैंकों ने नई घटी हुई दरें मौजूदा कर्ज धारकों के साथ-साथ नए ग्राहकों पर भी लागू की है।
     
    मौजूदा ग्राहकों पर लागू दर नए ग्राहकों की तुलना में अधिक
     
    यहां गौर करने वाली बात है कि बेस रेट के जमाने में वर्तमान ग्राहकों को दरों में कटौती का लाभ दिया जाना भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से जरूरी है। उल्‍लेखनीय है कि बेस रेट किसी भी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों जैसे एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, एचडीएफसी आदि पर लागू नहीं होता है।
    जब आप बैंकों द्वारा घटाई गई हालिया ब्‍याज दरों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि कटौती का लाभ नए ग्राहकों को तो ज्‍यादा मिल रहा है जबकि पुराने ग्राहकों को इसका कम लाभ मिल पा रहा है।
    जब विभिन्‍न कर्जदाताओं के साल 2011 से ब्‍याज दरों में कटौती और पुराने ग्राहकों को मिलने वाले लाभों पर गौर किया कि पुराने ग्राहकों को बैंक किस इमानदारी के साथ इसका लाभ देते हैं। अपनापैसा डॉट कॉम में हम 2008 से बाजार के प्रमुख कर्जदाताओं की दरों को ट्रैक करते रहे हैं। हमने पाया कि कोई भी कर्जदाता अपने पुराने ग्राहकों को दरों में कटौती का लाभ पूरी इमानदारी के साथ नहीं देता। हम तीन प्रमुख कर्जदाताओं की तुलना करते हैं कि 3 जनवरी 2011 को 30 लाख रुपए का होम लोन लेने वाला एक आम व्‍यक्ति मौजूदा ब्‍याज दरों की तुलना में कितने अधिक ब्‍याज का भुगतान कर रहा है।
     
    पुराने और नए होम लोन रेट की तुलना
     
     एचडीएफसी लिमिटेडआईसीआईसीआई बैंक  स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया
    3 जनवरी 2011 को बेस रेट/बेंचमार्क रेट15 फीसदी8.25 फीसदी8 फीसदी
    3 जनवरी2011 को स्‍प्रेड- 5.50 फीसदी+1.25 फीसदी+ 1.50 फीसदी
    3 जनवरी 2011 को कितना ब्‍याज दे रहे थे कर्ज लेने वाले9.50 फीसदी9.50 फीसदी9.50फीसदी
    10 जून 2015 को बेस रेट/बेचमार्क रेट16.55 फीसदी9.75 फीसदी9.70 फीसदी
    कर्ज लेने वाले नए ग्राहकों के लिए 10 जून 2015 को स्‍प्रेड-6.65 फीसदी+ 0.10%+ 0.15%
    10 जून को नए होम लोन ग्राहकों के लिए ब्‍याज दर9.90 फीसदी9.85 फीसदी9.85फीसदी
    साल 2011 में होम लोन लेने वाले ग्राहकों की मौजूदा ब्‍याज दर11.05 फीसदी11.00 फीसदी11.35 फीसदी
     
    उपरोक्‍त टेबल से स्‍पष्‍ट है कि तीन प्रमुख कर्जदाताओं की दरें साल 2011 में बिल्‍कुल एक जैसी थी और आज भी लगभग एक जैसी है। दूसरी तरफ, इन्‍हीं कर्जदाताओं से जिन लोगों ने 2011 में कर्ज लिया था वे 11 फीसदी से अधिक की दर से ब्‍याज दे रहे हैं।
    वास्‍तविकता तो यह है कि इन तीनों कर्जदाताओं में से जिन लोगों ने जनवरी 2011 में एसबीआई से कर्ज लिया था वह सबसे अधिक ब्‍याज का भुगतान कर रहे हैं। यहां सिर्फ तीन प्रमुख कर्जदाताओं की तुलना की गई है। दूसरे सभी कर्जदाताओं के दरों की तुलना की जाए तो स्थिति और बदतर नजर आएगी।
    सांत्‍वना देने वाली बात इनमें बस यही है कि बैंकों ने अपना स्‍प्रेड 0.05 फीसदी से 0.15 फीसदी कर दिया है और इस प्रकार नए और पुराने ग्राहकों बीच अंतर की गुंजाइश सीमित है। सैद्धांतिक तौर पर हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां के लिए ऐसी कोई सीमा नहीं है। इसलिए, यह संभव है कि जब हम ऐसी ही तुलना 2018 में करेंगे तो हाउसिंग फाइनें‍स कंपनियों की ब्‍याज दरें ‘अनफयरनेस’ कंटेस्‍ट में शीर्ष पर होंगी।
    उम्‍मीद है कि बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के रेगुलेटर हस्‍तक्षेप करेंगे और इसके लिए उचित प्रयास भी करेंगे।
    - लेखक पर्सनल फाइनेंस एक्‍सपर्ट और इन्‍वेस्‍टमेंट एडवाइजर हैं। उनसे moneybhaskar@harshroongta.com पर संपर्क किया जा सकता है।

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