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    व्‍यक्तिगत करदाताओं को मोदी सरकार ने दी राहत

    व्‍यक्तिगत करदाताओं को मोदी सरकार ने दी राहत
     
    नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली सरकार एक साल पूरे कर रही है। अपने एक साल के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर एक आम करदाता को काफी राहत दी है। आइए, जानते हैं कि इनकम टैक्‍स के मामले में एक साल पुरानी सरकार ने करदाताओं को कहां-कहां राहत दी है और क्‍या उम्‍मीदें थीं।
     
    बेसिक एक्‍जेंम्‍पशन लिमिट में बढ़ोतरी
     
    एक आम करदाता के साथ-साथ वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए बेसिक एक्‍जेम्‍पशन की सीमा बढ़ा कर क्रमश: दो लाख रुपए से 2.5 लाख रुपए और 2.5 लाख रुपए से तीन लाख रुपए कर दी गई। दूसरे तरीके से देखें तो एक आम करदाता के लिए ये लगभग 20,000 रुपए प्रति माह बनता है। अगर शहरी क्षेत्र में रहने के मूल्‍ खर्च से तुलना करें तो वह मासिक एक्‍जेम्‍पशन लिमिट से कहीं ज्‍यादा है। सरकार को देश के नागरिकों से टैक्‍स लेना चाहिए लेकिन उसे कम से कम इस बात पर विचार जरूर करना चाहिए कि उनकी मूलभूत जरूरतें पूरी हो और वे कम से कम एक सामान्‍य जिंदगी जी सकें।
     
    होम लोन के ब्‍याज पर डिडक्‍शन की सीमा बढ़ाई गई
     
    सेल्‍फ ऑक्‍यूपायड घर के मामले में होम लोन के ब्‍याज भुगतान पर कर कर छूट की सीमा डेढ़ लाख रुपए से बढ़ा कर दो लाख रुपए कर दी गई। डेढ़ लाख रुपए के कर छूट की यह सीमा 1999 में शुरू की गई थी। तब से अब तक घरों की कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई है। होम लोन के ब्‍याज पर कर छूट की सीमा प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के अनुरूप होती तो करदाताओं को ज्‍यादा लाभ होता।
     
    विभिन्‍न निवेश पर डिडक्‍शन की सीमा में इजाफा
     
    मोदी सरकार ने अपने पहले बजट में ही विभिन्‍न निवेशों जैसे जीवन बीमा प्रीमियम, स्‍कूल फीस, ईएलएसएस, होम लोन के मूधन के भुगतान, पीपीएफ आदि में निवेश पर डिडक्‍शन की सीमा एक लाख रुपए से बढ़ा कर डेढ़ लाख रुपए कर दी थी। एक लाख रुपए की यह सीमा साल 2002 में तय की गई थी और पिछले 12 साल की महिंगाई दर को देखते हुए इसमें की गई 50 फीसदी की बढ़ोतरी महंगाई को कवर करने के लिए भी पर्याप्‍त नहीं है। एनपीएस में निवेश पर अलग से 50,000 रुपए की कटौती का लाभ देना लोगों को रिटायरमेंट के लिए प्रोत्‍साहित करने की दिशा में उठाया गया एक अच्‍छा कदम है।
     
    हेल्‍थ इंश्‍योरेंस और इलाज के खर्च पर डिडक्‍शन की सीमा बढ़ी
     
    सरकार ने बजट में हेल्‍थ इंश्‍योरेंस प्रीमियम पर डिडक्‍शन की सीमा 15,000 रुपए से बढ़ा कर 25,000 रुपए कर दी है। वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए इसकी सीमा 20,000 रुपए से बढ़ा कर 30,000 रुपए कर दी गई है। 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले अति वरिष्‍ठ नागरिकों के इलाज पर खर्च होने वाली 30,000 रुपए तक की राशि पर डिडक्‍शन का लाभ दिया गया है। सरकार की मंशा थी कि अति वरिष्‍ठ नागरिकों को हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कवर नहीं मिलता जबकि उनके इलाज में भारी खर्च होता है, इस डिडक्‍शन से उन्‍हें कुछ राहत मिलेगी।
     
    ट्रांसपोर्ट एलाउंस में बढ़ोतरी
     
    सैलरीड लोगों के लिए सरकार ने ट्रांसपोर्ट एलाउंस 800 रुपए प्रति माह से बढ़ा कर 1,600 रुपए प्रति माह कर दिया है। इससे नौकरीपेशा लोगों की कर देनदारी घटेगी।
     
    मोदी सरकार द्वारा इनकम टैक्‍स के क्षेत्र में उठाए गए इन कदमों से स्‍पष्‍ट है कि व्‍यक्तिगत करदाताओं को एक साल जितने कम समय में थोड़ी राहत मिली है। जहां तक महंगाई के साथ इसके संबंध की बात है तो हम इसके लिए सरकार पर आरोप नहीं लगा सकते, हां, यह उम्‍मीद कर सकते हैं कि कुछ ठोस कदम उठाए जाएंगे।
     
    - लेखक चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी और सर्टिफायड फाइनेंशियल प्‍लानर हैं। वर्तमान में बांबे ऑक्सिजन कॉरपोरेशन लिमिटेड में कंपनी सेक्रेटरी हैं।
     

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