Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

    Home »Personal Finance »Experts» In Current Scenario It Will Be A Good Decision To Invest In Balanced Mutual Funds

    रिस्‍क-फ्री रिटर्न के लिए चुनें बैलेंस्‍ड फंड

    रिस्‍क-फ्री रिटर्न के लिए चुनें बैलेंस्‍ड फंड
    क्रूड की गिरती कीमत और विकास की बेहतर संभावनाओं के कारण भारत विश्‍व पटल पर एक तेजी से उभरता हुआ बाजार है। सरकार द्वारा नए और पहले से अटके प्रोजेक्‍ट्स को पूरा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण आर्थिक सुधारों के प्रति भरोसा बढ़ा है। इन कारणों से इक्विटी मार्केट का आटलुक अगले तीन से पांच साल के लिए बहुत ही सकारात्‍मक है। इसलिए, निवेशकों के पास अवसर है कि वे भारत के इक्विटी बाजार में लंबे समय के लिए निवेश करें और इसका फायदा उठाएं।
     
    हालांकि, इक्विटी मार्केट में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक इस बात को लेकर आशंकित है कि वह निवेश करें या नहीं। तो क्‍या इसका मतलब है कि निवेशकों को इक्विटी मार्केट से दूर रहना चाहिए। नहीं, निवेशकों को इक्विटी मार्केट में बैलेंस्‍ड फंड के जरिए निवेश करना चाहिए। ये फंड इक्विटी और डेट में खास अनुपात में निवेश करते हैं। आमतौर पर बैलेंस्‍ड फंड के तहत 65 फीसदी का निवेश इक्विटी में किया जाता है और शेष का डेट में।
     
    रिस्‍क और रिटर्न में संतुलन
     
    जब बाजार में तेजी का दौर होता है तो बैलेंस्‍ड फंड इक्विटी में निवेश करते हैं और जब बाजार में गिरावट की शुरआत होती है तो ये फंड मुनाफावसूली कर लाभ कमाते हैं। अमूमन, जब बाजार में उतार-चढ़ाव रहता है तो आम निवेशक जल्‍द से जल्‍द बाहर निकलना चाहते हैं और बाद में जब बाजार ऊपर की ओर जाता है तो अपने फैसले पर अफसोस करते हैं। बैलेंस्‍ड फंड निवेशकों को स्थि‍रता देता है। जब मार्केट गिरता है तब भी बैलेंस्‍ड फंड के एनएवी में कम गिरावट आती है।
     
    बैलेंस्‍ड फंड सिंगल मॉडल में एसेट एलोकेशन और लाभ देते है। बैलेंस्‍ड फंड इक्विटी में लंबे समय तक निवेश के जरिए अच्‍छा रिटर्न देते हैं, वहीं डेट में निवेश पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है। निवेश में विविधता होने के कारण इक्विटी या डेट का प्रदर्शन खराब होने के रिस्‍क को कवर करता है।
     
    एसेट एलोकेशन
     
    निवेशकों को निवेश करने से पहले निवेश रिस्‍क को समझना बहुत जरूरी होता है। इसके अलावा, निवेश के जोखिम को समझते हुए एसेट एलोकेशन करना चाहिए। निवेशकों को इक्विटी और डेट में किए हुए निवेश की नियमित रूप से समीक्षा करनी चाहिए। बैलेंस्‍ड फंड निवेशकों को ये दोनों सुविधा एक साथ उपलब्‍ध कराता है। एक सिंगल प्रोडक्‍ट से निवेशक इक्विटी और डेट फंड में निवेश कर सकता है। इसका फायदा यह है कि निवेशक सिर्फ एक प्रोडक्‍ट में निवेश कर एक से अधिक प्रोडक्‍ट का फायदा उठा सकता है। निवेशक को इक्विटी और डेट फंड में अलग-अलग निवेश करने की जरूरत भी नहीं होता है। साथ ही मार्केट के उतार-चढ़ाव में अपने फंड को संतुलित करने की जरूरत नहीं होती है।
     
    टैक्‍स छूट
     
    मौजूदा टैक्‍स नियमों के मुताबिक बैलेंस्‍ड फंड पर इक्विटी फंडों जैसा ही टैक्‍सेशन का नियम लागू होता है, क्‍योंकि बैलेंस्‍ड फंड का 65 फीसदी इक्विटी में निवेश किया जाता है। अगर निवेश बैलेंस्‍ड फंड में निवेश करता है और एक साल से अधिक समय तक निवेश को रखता है तो टैक्‍स छूट भी मिलती है। यदि, निवेश एक साल से कम समय के लिए होता है तो 15 फीसदी की दर से टैक्‍स लगाया जाता है। साथ ही बैलेंस्‍ड फंड से मिला लाभांस भी टैक्‍स फ्री होता है। 
    - लेखक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्‍यूचुअल फंड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर एवं चीफ एक्‍जीक्‍यूटिव ऑफिसर हैं।

    Recommendation

      Don't Miss

      NEXT STORY