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राहत, 15 लाख कर्मचारियों के आईएलएंडएफएस पेंशन फंडों में लगे हजारों करोड़ रुपए करने होंगे वापस

दिवालिया कोर्ट ने कहा - कर्ज चुकाने से पहले निवेशकों के पैसे पहले लौटाने होंगे

Bankrupt Court said - people will have to return the money before repaying the loan

आईएलएंडएफएस के बॉन्ड में फंसे लाखों निवेशकों का पैसा बचाने के लिए दिवालिया कोर्ट सामने आया है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने कहा है कि पेंशन और प्रोविडेंट फंड द्वारा आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों में किया गया निवेश कर्ज चुकाने से पहले लौटाया जाएगा।

नई दिल्ली. आईएलएंडएफएस के बॉन्ड में फंसे लाखों निवेशकों का पैसा बचाने के लिए दिवालिया कोर्ट सामने आया है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने कहा है कि पेंशन और प्रोविडेंट फंड द्वारा आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों में किया गया निवेश कर्ज चुकाने से पहले लौटाया जाएगा। समूह पर 91,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।

बेंच ने निवेश का मांगा ब्यौरा  

जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय बेंच ने समूह की चार कंपनियों में पेंशन और प्रोविडेंट फंडों के निवेश का ब्योरा मांगा है। इसमें हजारीबाग रांची एक्सप्रेसवे, झारखंड रोड प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन कंपनी, मुरादाबाद बरेली एक्सप्रेसवे और वेस्ट गुजरात एक्सप्रेसवे शामिल हैं। गौरतलब है कि सरकारी बिजली बोर्डों और पीएसयू के पीएफ ट्रस्टों समेत निजी क्षेत्र की कंपनियों के 50 से ज्यादा रिटायरमेंट फंडों के हजारों करोड़ रुपए इसमें फंसे हैं। इन फंडों में 15 लाख कर्मचारियों के पैसे हैं। 

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आर्सेलरमित्तल को जमा करने पड़ सकते हैं 42,000 करोड़ रुपए 

एनसीएलएटी आर्सेलरमित्तल को एस्सार स्टील को खरीदने के लिए 42,000 करोड़ रुपए अलग जमा कराने को कह सकता है। एस्सार स्टील पर बैंकों का 49,000 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। इसे कर्ज देने वाले बैंकों की समिति ने पिछले साल 26 अक्टूबर को आर्सेलरमित्तल को सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में चुना था। इसने 42,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। 

 

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