विज्ञापन
Home » News Room » States » Madhya PradeshModi had put in cold storage, the proposal for development, Digvijay searched, King Bhoj also remembered

चुनाव / मोदी ने ठंडे बस्ते में डाला था विकास का प्रपोजल, दिग्विजय ने ढूंढ़ा, राजा भोज भी याद आए

पीएम मोदी की स्मार्ट सिटी स्कीम की तोड़ में और साध्वी प्रज्ञा को ठक्कर देने के लिए बताया विजन डॉक्यूमेंट, जेटली की भी सलाह मानी, बनाएंगे किसान सिटी

Modi had put in cold storage, the proposal for development, Digvijay searched, King Bhoj also remembered
  • चार साल पहले सांसद आलोक संजर ने मोदी को दिया था भोपाल विकास का प्रजेंटेशन
  • ठंडे बस्ते में पड़े इस प्रपोजल को दिग्विजय ने इसे निकलवाया और दोबारा कर दिया रंग रोगन
  •  मोदी की किसान विरोधी नीतियों पर तंज, विजन डॉक्यूमेंट में किसान सिटी का वादा

नई दिल्ली. कुलदीप सिंगोरिया 
गुजरात मॉडल। अक्सर विकास के लिए इसकी चर्चा होती है। पीएम मोदी ने भी वर्ष 2014 के चुनाव में जीत हासिल करने के बाद इसे ही आगे बढ़ाते हुए स्मार्ट सिटी मिशन आदि की लांचिंग की। इसी समय भोपाल के तत्कालीन सांसद आलोक संजर ने भी पीएम को भोपाल के विकास का प्रजेंटेशन दिया। लेकिन यह फाइलों में ही दब कर रह गया।  दस साल तक मप्र के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह को लोकसभा चुनाव के लिए इसकी याद आई। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार को इसे नया नाम विजन डॉक्यूमेंट देते हुए लांच किया। दिग्विजय ने वादा किया कि वे इसकी हर बात पूरी करेंगे। चुनाव में उनका मुकाबला हिंदुत्व चेहरा व भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से है। 

किसानों पर अब भी भरोसा, किसान सिटी का वादा 

सांसद आलोक संजर के प्रेजेंटेशन में दिग्विजय ने किसान सिटी को जोड़ा है। सबसे पहले पूरे लोकसभा क्षेत्र की बात करते हुए दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर भोपाल कैपिटल रीजन प्लान बनाने का ऐलान किया है। हालांकि यह प्रस्ताव बीते 45 साल से धूल खा रहा है। न तो दिग्विजय और नही भाजपा की सरकारों ने इसकी सुध ली। दूसरे नंबर पर दिग्विजय को किसान याद आए हैं। सिंह ने किसान सिटी - फूड प्रोसेसिंग यूनिट उद्यानिकी सेंटर की बात कही है। 

यह भी पढ़ें : दिग्विजय ने अपने शासन काल में बिजली गुल की वजह से खरीदा था जनरेटर, अब तक सहेजकर रखा

जेटली की सलाह को भी दिग्विजय ने अपनाया 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भोपाल को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की सलाह दी थी। चौहान ने तो नहीं लेकिन दिग्विजय ने इस सलाह को अपने डॉक्यूमेंट में अपना लिया है। उन्होंने मेगा लॉजिस्टिक एवं वेयर हाउस जोन बनाने का वादा किया है। 

यह भी पढ़ें : ताज हमले में आतंकवादियों के आने वाले रास्ते पर दीवार बनकर खड़ा हुआ आईएनएस इंफाल

ताल की बात कहकर भोपाल का दिल को छुआ

भोपाल दो ही बातों से सबसे ज्यादा जाना जाता है। एक भोपाल गैस त्रासदी का दर्द और दूसरा राजा भोज द्वारा भारत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा मानव निर्मित बड़ा तालाब। डल झील से भी बड़ा 'बड़ा तालाब' भोपाल की रग में बसता है। इसका सरंक्षण न तो दिग्विजय कर पाए थे न शिवराज। फिर भी, सिंह ने डॉक्यूमेंट के सबसे आखिरी में 'ताल सलामत तो भोपाल सलामत' की बात कह कर भोपाल से रिश्ता जोड़ने की कोशिश की है। 

यह भी पढ़ें : दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के साम्राज्य का राज, इंसानी दिमाग की बजाय करते हैं आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स का इस्तेमाल

सबसे पुराने शहर के रूप में होगी भोपाल की पहचान

मध्य भारत में सबसे नई अर्बन डिजाइन पर भोपाल का निर्माण राजा भोज ने किया था। वे खुद नगर नियोजक थे। उन्होंने इसी विषय पर समरांगण सूत्रधार किताब भी लिखी थी। इसमें जैसा शहर उन्होंने बताया, ठीक वैसा ही भोपाल निकला। बीते चार-पांच सालों में सेटेलाइट इमेजरी के जरिए इस पर काफी अध्ययन हुआ। दिग्विजय ने भी अपने विजन डॉक्यूमेंट में इसे जगह दी है और वादा किया कि इस पुराने शहर का संरक्षण करेंगे। 

यह भी पढ़ें : महज तीन साल में इस कंपनी का कारोबार साढ़े तीन गुना और मुनाफे में 32 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी


जिन्हें नर्मदा जल चाहिए वे नर्मदा किनारे रहे का रूख बदला

जिन्हें नर्मदा जल चाहिए वे नर्मदा किनारे रहे जैसे बयान देने वाले दिग्विजय ने अब हर घर नर्मदा जल पहुंचाने की बात कही है। ठीक ऐसे ही उन्होंने राजा भोज को पहले पन्ने पर लिया ही नहीं बल्कि उन्हीं के द्वारा बसा हुआ शहर भी बताया। जबकि यह विवाद भी रहा है कि भोपाल को पहले शासक दोस्त मोहम्मद ने बसाया या राजा भोज ने। इसी तरह उन्होंने राजा भोज की वही तस्वीर ली है जो कि बड़े तालाब के बुर्ज पर लगी है। 

यह भी पढ़ें - नेताओं का निवेश फंडा : शाह उठाते हैं जोखिम, नमो और गांधी को बैंकों पर भरोसा

हर वर्ग को लुभाने की कोशिश 

युवा, महिला, कर्मचारी से लेकर हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की गई है। आधुनिक शहर के रूप में भोपाल को विकास के नए आयाम का वादा किया गया है। महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों के लिए सैफ केपिटल,  कर्मचारियों व आमजनों के लिए हाउसिंग स्कीम, वाटर और वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी, टूरिस्ट हब, एजुकेशन सिटी, साइंस सिटी, आर्ट सिटी, फिल्म सिटी, आई सिटी, भोपाल जॉब पोर्टल, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, स्पोर्टस हब जैसी बातें इसमें शामिल हैं। कई  हालांकि दिग्विजय ने कांग्रेस सरकारों में और खासकर उनके कार्यकाल के दौरान हुए कामों को भी इसमें गिनाया है। 

यह भी पढ़ें - जेट से बैंकों को बड़ा नुकसान होना तय, हमें मिलेगा महंगा कर्ज

बातें तो कीं लेकिन यह नहीं बताया पूरी कैसे होंगी 

दिग्विजय ने भोपाल के लिए वादों की फेहरिस्त लगा दी लेकिन यह नहीं बताया कि यह पूरे कैसे होंगे? इसके लिए पैसा कहां से आएगा या भोपाल का रिवेन्यू मॉडल कैसे जनरेट होगा? उन्होंने आधुनिक शहरी विकास के मॉडल जैसे ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट व ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स आदि की बात नहीं की। 

यह भी पढ़ें - बड़ी नाकामयाबी / मोदी सरकार के कार्यकाल में नोटबंदी के बाद 50 लाख नौकरियां गईं

और स्मार्ट सिटी का यह है हाल 

मोदी के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में स्मार्ट सिटी बन रही है। सिंह ने इसका उल्लेख नहीं किया है। लेकिन हकीकत यह है कि बीते तीन साल में यहां महज दस प्रतिशत काम हुआ है। स्मार्ट रोड अब तक पूरी नहीं बनी है। शहर के अन्य हिस्सों में चल रहे स्मार्ट सिटी के काम बेहद धीमें हैं। कई प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। 

यह भी पढ़ें - मोदी के स्मार्ट सिटी के आइडिया से पहले ही कस्बे को बिना बजट बना दिया स्मार्ट

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन