विज्ञापन
Home » Money Making TipsPPF vs ELSS retirement planning with income tax saving

Income Tax / PPF और ELSS में कौन है बेहतर, किसने दिया ज्यादा रिटर्न? ऐसे समझें 

थोड़ा रिस्क और ज्यादा फायदा, ELSS ने दिया 19% तक रिटर्न

1 of


नई दिल्ली. लोग इनकम टैक्स (income tax) से पूरी तरह छूट तो पाना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए निवेश भी नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में कई बार इनकम टैक्स कटाना भी पड़ जाता है। इनकम टैक्स बचाने के लिए 80C के तहत ही निवेश करना होता है, जिस पर 1.5 लाख रुपए तक करके अधिकतम टैक्स की छूट ली जा सकती है। इस छूट में पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) और म्‍युचुअल फंड की इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) जैसी दो स्कीम्स आती हैं। निवेश पर गारंटी चाहने वाले लोग पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) को पसंद करते हैं, लेकिन जो लोग अपने निवेश पर थोड़ा रिस्क लेना चाहते हैं वह इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) में निवेश करना पसंद करते हैं।

ईएलएसएस में मिला ज्यादा रिटर्न

जहां तक रिटर्न की बात है तो अभी पीपीएफ (PPF) पर जहां 8 फीसदी का ब्याज मिल रहा है, वही इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) ने पिछले 3 साल में सालाना लगभग 19 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस हिसाब से पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) में निवेश करने वालों से इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) में निवेश करने वालों को दोगुने से ज्यादा तक रिटर्न मिला है। ऐसे में इन दोनों टैक्स सेविंग स्कीम्स की खासियतों के बारे में जानते हैं

रिटर्न के मामले में टॉप 5 ईएलएसएस स्कीम

स्कीम             रिटर्न
Mirae Asset Tax Saver Fund - Regular Plan 18.98%
DSP Tax Saver Fund - Direct Plan    14.25%    
Motilal Oswal Long Term Equity Fund 13.89%    -    -
Principal Tax Saving Fund 13.77%
Kotak Tax Saver Scheme - Growth13.48%

 

23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर


 

 

दोनों में ये हैं समानताएं

दोनों बेस्ट टैक्स सेविंग स्‍कीम (Best Tax Saving Scheme) में कुछ बातें काॅमन हैं। पहली यह कि दोनों में अधिकतम 1.5 लाख रुपए का निवेश करके अधिकतम इनकम टैक्‍स (income tax) बचाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों स्‍कीम्स को बीच में बंद नहीं किया जा सकता है। यह अलग बात है कि पीपीएफ (PPF) में पैसा 15 साल बाद निकाला जा सकता है, वहीं टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड (ELSS) में पैसा 3 साल बाद ही निकाला जा सकता है।

पीपीएफ की खास बातें

1. इस स्‍कीम को बैंक या पोस्‍ट ऑफिस (Post Office) में कहीं भी खोला जा सकता है। इसके अलावा इसे किसी भी बैंक (Bank) में या किसी भी पोस्‍ट ऑफिस (Post Office) में ट्रांसफर भी किया जा सकता है।  
2. इसे खोला तो केवल 100 रुपए से जा सकता है, लेकिन फिर बाद में हर साल 500 रुपए एक बार में जमा करना जरूरी है। इस अकाउंट में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए ही जमा किए जा सकते हैं। 
3. यह स्‍कीम 15 साल के लिए है, जिससे बीच में नहीं निकला जा सकता है। लेकिन इसे 15 साल के बाद 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। 
4. इसे 15 साल के पहले बंद नहीं किया जा सकता है, लेकिन 3 साल बाद से इस अकाउंट के बदले लोन लिया जा सकता है। अगर कोई चाहे तो इस अकाउंट से 7वें साल से नियमों के तहत पैसा निकाल सकता है। 
5. ब्‍याज दरों की समीक्षा हर तीन माह में सरकार करती है। यह ब्‍याज दरें कम या ज्‍यादा हो सकती है। फिलहाल 1 अप्रैल, 2019 से इस अकाउंट पर 8 फीसदी ब्‍याज मिल रहा है।

 

 

ईएलएसए (ELSS) की 5 खास बातें

1. देश में 42 म्‍युचुअल फंड कंपनियां टैक्स सेविंग स्‍कीम (Tax Saving Scheme) चलाती हैं। हर कंपनी के पास इनकम टैक्स (income tax) बचाने के लिए इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम है। इसे ऑनलाइन घर बैठे-बैठे या किसी एजेंट के माध्‍यम से खरीदा जा सकता है। इन्हें आम बोलचाल की भाषा में टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) भी कहा जाता है। 
2. इसमें अगर इनकम टैक्स (income tax) बचाने के लिए एक बार में निवेश करना है तो आम तौर पर न्‍यूनतम 5 हजार रुपए और अगर हर माह निवेश करना है तो आमतौर पर न्‍यूनतम 500 रुपये महीने का निवेश शुरू किया जा सकता है। हालांकि इसमें 1.5 लाख रुपए की अधिकतम टैक्‍स छूट ली जा सकती है, लेकिन अधिकतम निवेश की इसमें कोई सीमा नहीं है। 
3, इस इनकम टैक्स (income tax) बचाने वाली स्कीम में निवेश 3 साल के लिए लॉकइन रहता है। इसके बाद निवेशक चाहे तो यह पैसा निकाल सकता है। तीन साल के बाद चाहें तो पूरा निकाल लें या जितनी जरूरत हो उतना पैसा निकाल ले और बाकी पैसा इस इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम या टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) में जब तक चाहे बना रहने दें। 
4 इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) केवल 3 साल के लिए लॉकइन होती है, लेकिन अगर निवेशक इसमें डिविडेंट पेआउट का आप्‍शन लेता है तो उन्‍हें बीच-बीच में पैसा मिलता रहेगा। हालांकि इनकम टैक्स (income tax) बचाने वाली इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम से बीच में पैसा निकाला नहीं जा सकता है। 
5. इस इनकम टैक्स (income tax) बचाने वाली स्कीम में निवेश पर ब्‍याज दर की जगह मार्केट लिंक रिटर्न मिलता है। इस कैटेगरी के म्‍युचुअल फंड में सबसे अच्‍छी स्‍कीम Mirae Asset Tax Saver Fund ने 3 साल में 18.98 फीसदी (सालाना) का रिटर्न दिया है। इस कैटेगरी में 42 से ज्‍यादा स्‍कीम्‍स हैं और उनका औसत 3 साल का रिटर्न 12.3 फीसदी रहा है। (नोट : यह डाटा 17 मई, 2019 तक का है।)

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम के मुताबिक, दोनों ही जगह निवेश करके इनकम टैक्स (income tax) बचाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों की स्कीम की अपनी खासियत और कमियां हैं। ऐसे में अगर कोई इनकम टैक्स (income tax) बचाने में थोड़ा सा रिस्क लेना चाहता है उनके लिए इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम या टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) बेहतर विकल्प हैं। इन स्कीम ने ज्यादातर समय निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालांकि निगम की राय है कि अगर इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम या टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) में पैसा लगा रहे हैं तो यह एक बार में नहीं लगाना चाहिए। इसकी जगह पैसा एसआईपी (SIP) के माध्यम से लगाना चाहिए, जिसमें हर महीने निवेश किया जाता है। इससे जहां निवेश पर रिस्क कम हो जाता है और अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

(नोट : किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर ले लें।)

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन