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income tax : कंपनी ने काट लिया है TDS फिर भी फाइल करें income tax return, वरना होगा नुकसान

2.5 लाख से अधिक है टैक्सेबल इनकम तो ITR फाइल करना है जरूरी 

Income Tax Return ITR Filing Last Date 2019, Penalty for Late ITR Filing

Income Tax Return (ITR Filing):अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी कंपनी ने आपकी सैलरी पर टैक्स डिडक्शन एट सोर्स यानी टीडीएस काट कर सरकार के पास जमा करा दिया है। फिर भी आपके लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है। इसका कारण यह है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न भरना आपकी जिम्मेदारी है चाहे आप की इनकम पर टैक्स बनता है या नहीं।

नई दिल्ली। अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी कंपनी ने आपकी सैलरी पर टैक्स डिडक्शन एट सोर्स यानी टीडीएस काट कर सरकार के पास जमा करा दिया है। फिर भी आपके लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है। इसका कारण यह है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न भरना आपकी जिम्मेदारी है चाहे आप की इनकम पर टैक्स बनता है या नहीं। अगर आप समय से इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल नहीं करते हैं तो आप को 5,000 रुपए से 10,000 रुपए तक पेनल्टी देनी पड़ सकती है। आप इस पेनल्टी के साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर पाएंगे। 

 

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने में है आपका फायदा 

 

सीए संगीत गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आपको इससे कई तरह का नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौजूदा समय में हर व्यक्ति को होम लोन, कार लोन या एजुकेशन लोन की जरूरत पड़ सकती है। अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो बैंक यह समझेगा कि आपकी इनकम 2.5 लाख रुपए से कम है और बैंक 20,000 रुपए की मंथली इनकम वाले को शायद ही लोन दे। 

 

टैक्स चोरी के मामले में मिल सकता है नोटिस 

 

अगर आप सैलरी क्लास से हैं और कंपनी ने आपका टीडीएस काट लिया है तो आपकी इनकम टैक्स रिटर्न भरने की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती है। इनकम टैक्स सैलरी से होने वाली इनकम के अलावा दूसरे स्रोत से होने वाली इनकम पर भी लगता है। उदाहरण के लिए आपने प्रॉपर्टी को किराए पर दिया है उससे आपको रेंटल इनकम हो रही है। इसके अलावा आपको एफडी पर ब्याज मिल रहा है तो सालाना 10,000 रुपए से अधिक ब्याज पर टैक्स लगता है। ऐसे में अगर आपको दूसरे स्रोत से भी इनकम हो रही है और आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो इनकम टैक्स विभाग आपको टैक्स चोरी के मामले में नोटिस जारी कर सकता है। 

 

2.5 लाख से अधिक है टैक्सेबल इनकम तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना है जरूरी 

 

गर आपकी सालाना टैक्सेबल इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक है तो आपके लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करना जरूरी है। अगर आप की इनकम टैक्‍सेबल है और आप इस इनकम पर टैक्‍स नही देते हैं तो सरकार आपके ख्रिलाफ मुकदमा चला सकती है और आपको 2 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा आप को टैक्‍स की राशि पर इंटरेस्‍ट के साथ पेनल्‍टी भी देनी होगी। 

 
टैक्‍स न चुकाने पर चलेगा मुकदमा 
 

इनकम टैक्‍स एक्‍ट के मौजूदा नियम के तहत  इनकम टैक्‍स न चुकाने पर टैक्‍सपेयर को टैक्‍स की राशि पर इंटरेस्‍ट और पेनल्‍टी देनी होगी। इसके अलावा टैक्‍सपेयर के खिलाफ मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसके तहत टैक्‍सपेयर को 3 माह से लेकर 2 साल तक सश्रम कारावास की सजा हो सकती है। 

 

इन लोगों को हो सकती है 7 साल तक की सजा 
 

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के अनुसार अगर किसी पर 25 लाख रुपए से अधिक का टैक्‍स बनता है और वह यह टैक्‍स नहीं चुकाता है तो उसे 6 माह से लेकर 7 साल तक जेल की सजा हो सकती है। 

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