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Income tax बचाने के लिए सबमिट किया है फर्जी बिल तो बचना है मुशिकल

200 फीसदी तक देनी होगी पेनल्टी 

Income Tax Exemption: Don't Submit Fake Bills to Lower Your Tax Liability, Income Tax Department

Income Tax: मौजूदा वित्त वर्ष मार्च, 2019 में खत्म होने जा रहा है। नौकरी करने वालों के पास एचआर डिपार्टमेंट से रीइम्बर्समेंट या फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए टैक्स छूट क्लेम के लिए बिल की कॉपी जमा कराने के लिए ईमेल आ रहे होंगे।

नई दिल्ली। मौजूदा वित्त वर्ष मार्च, 2019 में खत्म होने जा रहा है। नौकरी करने वालों के पास एचआर डिपार्टमेंट से रीइम्बर्समेंट या फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए टैक्स छूट क्लेम के लिए बिल की कॉपी जमा कराने के लिए ईमेल आ रहे होंगे। आप पर भी बिल जमा कराने का दबाव होगा। ऐसा करते समय आपको अलर्ट रहना होगा कि आप टैक्स छूट क्लेम करने के लिए जो बिल जमा करा रहे हैं वह सही बिल हो। अगर आप टैक्स छूट क्लेम करने के लिए फर्जी बिल जमा कराते हें तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अंडर रिपोटिँग ऑफ इनकम के लिए आपको टैक्स नोटिस भेज सकता है। 

 

मेडिकल बिल या एलटीए का फर्जी बिल 

 

सीए संगीत गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि अगर आप नौकरी करते हैं तो 15,000 रुपए तक मेडिकल खर्च का बिल बना कर कंपनी में जमा करा सकते हैं और कंपनी इस खर्च को आपको रीइम्बर्स कर सकती है। इस पर इनकम टैक्स नहीं लगता है। इसी तरह से आप ट्रेन और एयर टिकट पर हुए खर्च को भी कंपनी से रीइम्बर्स करा सकते हैं। इस पर इनकम टैक्स नहीं लगता है। कई बार लोगों के पास कंपनी के पास जमा कराने के लिए सही बिल नहीं होता है तो वे टैक्स फ्री रीइम्बर्समेट के लिए फर्जी बिल जमा करा देते हैं। लेकिन ऐसा करना गलत है। इनकम टैक्स डिपार्टमेँट आपके इनकम टैक्स रिटर्न की स्क्रूटनी के समय फर्जी बिल के बारे में जान सकता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी कंपनी से टीडीएस के सपोर्ट सबूत मांग सकता है और आपके द्वारा सबमिट किए गए बिल को चेक कर सकता है कि यह बिल जेनुअन या फर्जी है। 


 रेंट देने का प्रूफ जरूरी 

 

ऐसे कई मामले समाने आए हैं जब कर्मचारी ने एचआरए क्लेम किया और कंपनी ने रेंट रसीद के आधार पर उसका क्लेम स्वीकार कर लिया। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेँट की स्क्रूटनी में पाया गया कि न तो कोई रेंट एग्रीमेंट और रेंट देने का कोई प्रूफ भी नहीं है। ऐसे केस में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपसे मकान मालिक को रेंट देने का डाक्युमेंट ट्रांजैक्शन का प्रूफ जैसे बैंक अकाउंट स्टेटमेंट मांग सकता है। अगर आप यह प्रूफ मुहैया नहीं करा पाते हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकता है और आपको इंटरेस्ट और पेनल्टी के साथ इनकम पर अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है। 


 
200 फीसदी तक देनी होगी पेनल्टी 

 

अगर आप टैक्स छूट क्लेम करने के लिए फर्जी बिल जमा कराते हैं तो आपको 200 फीसदी तक पेनल्टी देनी पड़ सकती है। ऐसे में बेहतर है कि फर्जी बिल जमा कराने से बचा जाएगा। आप जो भी कैश पेमेंट करते हैं तो आपको उसका बिल या पेमेंट का रिकॉर्ड संभाल कर रखना चाहिए। अगर आपने ट्रांजैक्शन नेट बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड से किया है तो आपके लिए इसे साबित करना आसान होगा। 

 

 

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