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ले रहे हैं पर्सनल लोन तो बैंक से पूछें कैसे कैलकुलेट होगा ब्याज

आपकी प्रोफाइल से तय होता है पर्सनल लोन का इंटरेस्‍ट रेट

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नई दिल्‍ली। अगर आप पर्सनल लोन लेने जा रहे हैं तो आपको बैंक से पूछना चाहिए कि आपके पर्सनल लोन पर ब्याज कैसे कैलकुलेट होगा। बैंक पर्सनल लोन पर आम तौर पर दो तरह से ब्याज कैलकुलेट करते हैं। पहला डेली/ मंथली रिड्यूशिंग बैलेंस मेथडलॉजी और दूसरा एनुअल रिड्यूशिंग मेथडलॉजी। अगर आपका बैंक डेली/ रिड्यूशिंग बैलेंस मेथडलॉजी के आधार पर ब्याज कैलकुलेट करता है तो आपके लोन की ईएमआई हर माह कम होती जाती है। यानी आपको ब्याज के मोर्चे पर हजारों रुपए का फायदा होगा। 


 

आपके बकाया लोन पर कैलकुलेट होगा इंटरेस्‍ट 
 

भारतीय स्‍टेट बैंक के अनुसार हम पर्सनल लोन का इंटरेस्‍ट रेट डेली / मंथली रिडयूशिंग बैंलेंस मेथेडेलॉजी से कैलकुलेट करते हैं। यानी आपके पर्सनल लोन पर इंटरेस्‍ट बचे हुए लोन अमाउंट पर कैलकुलेट किया जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि आपकी हर ईएमआई या रिपेमेंट के साथ ब्‍याज कम होता जाता है। इस तरह से आपके पर्सनल लोन पर इफेक्टिव इंटरेस्‍ट बहुत कम हो जाता है। 

 

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एनुअल रि‍ड्यूशिंग बैंलेंस मेथड से होता है आपको नुकसान 
 

एसबीआई के अनुसार एनुअल रिड्यूशिंग बैलेंस मेथेड में साल की शुरुआत में आपके बकाया पर्सनल लोन पर इंटरेस्‍ट कैलकुलेट किया जाता है। इसका नतीजा यह होता है कि आने वाले एक साल में आप जो ईएमआई या रिपेमेंट कर देते हैं आपको उस पर भी इंटरेस्‍ट का भुगतान करना होता है। इस तरीके से आपका इफेक्टिव ब्‍याज एक साल के बाद ही कम होता है। 

आपकी प्रोफाइल से तय होता है पर्सनल लोन का इंटरेस्‍ट रेट

 

आम तौर पर बैंक सालाना 10 फीसदी से 18 फीसदी तक इंटरेस्‍ट रेट पर पर्सनल लोन देते हैं। पर्सनल लोन का इंटरेस्‍ट रेट आपकी इनकम प्रोफाइल के आधार पर तय होता है। अप किस कंपनी में नौकरी करते हैं। आपकी सैलरी कितनी है। इसके अलावा अगर आपका सैलरी अकाउंट उस बैंक मं है जहां से आप पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो बैंक आपको कम इंटरेस्‍ट रेट पर पर्सनल लोन दे सकता है।

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