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इन जगहों पर पैसा लगाइए, बैंक के सेविंग्स एकाउंट से काफी अधिक मिलेंगे रिटर्न

रिटर्न को लेकर कुछ सालों से निवेशकों का रुझान बैंक से कम हो गया है।

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नई दिल्ली।  रिटर्न कमाने के लिए बैंक पहले के मुकाबले कम भरोसेमंद रह गया है। अब बैंक से काफी अधिक रिटर्न दूसरे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट से मिल रहे हैं।  यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से निवेशकों का रुझान बैंक से कम हो गया है। मनी भास्कर बता रहा है कहां पैसा लगाने पर आपको कितना रिटर्न मिलेगा।

 

बैंक में अगर आप तीन से पांच साल के लिए फिक्स्ड डिपोजिट करते हैं तो आपको 6.80-6.85 फीसदी का रिटर्न मिलेगा। भारतीय स्टेट बैंक में फिक्स्ड डिपोजिट पर यही रेट है। बैंक या पोस्ट ऑफिस में पब्लिक प्रोविडेंट फंड में 15 साल के लिए पैसा लगाने पर आपको 8 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। बैंक या पोस्ट ऑफिस में प्रधानमंत्री वीवी योजना में 10 साल के लिए पैसा लगाने पर 8.7 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। अगर आप सीनियर सिटिजन है तो बैंक में 5 साल के लिए पैसा लगाने पर आपको 8.7 फीसदी की दर से रिटर्न मिलेगा।

 

सेकेंडरी मार्केट में कितना रिटर्न

बैंकों के मुकाबले सेकेंडरी मार्केट में अधिक रिटर्न मिल रहे हैं। अगर आप किसी परपेच्युल बांड में 8 साल के लिए पैसा लगाते हैं तो यह आपको 10 फीसदी या उससे अधिक का रिटर्न देगा। लेकिन टैक्स फ्री बांड में रिटर्न थोड़ा कम है। अगर आप हुडको के 2028 वाले टैक्स फ्री बांड में 10 साल के लिए निवेश करते हैं तो यहां 6.39 फीसदी की दर से रिटर्न मिलेंगे। लेकिन आप प्राइमरी मार्केट के टीसीएफएसएल के टैक्स फ्री बांड में 3 साल के लिए निवेश करते हैं तो आप यहां 8.80 फीसदी की दर से ब्याज हासिल कर सकते हैं। फिक्स्ड मैचुरिटी प्लान में 3 साल के लिए पैसा लगाने पर यह आपको 8.30 फीसदी तक का रिटर्न दे सकता है।

 

आगे पढ़ें : रिटर्न कम मिलने से डिपोजिट में गिरावट

 

 

रिटर्न कम मिलने से डिपोजिट में गिरावट

 

सेविंग्स पर रिटर्न कम मिलने से बैंकों के सेविंग्स अकाउंट्स के डिपोजिट में गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 में बैंकों में होने वाले डिपोजिट जीडीपी के 6.3 फीसदी थे जो वित्त वर्ष 2017-18 में घटकर 2.9 फीसदी रह गए। आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक फिक्स्ड डिपोजिट पर लगने वाले टैक्स की वजह से भी काफी लोग फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान की ओर शिफ्ट कर रहे हैं। 

 

आगे पढ़ें : बढ़ सकती है ब्याज दर 

 

बढ़ सकती है ब्याज दर 

विशेषज्ञों ने बताया कि कई निवेशक अपने फिक्स्ड डिपोजिट को तोड़कर उसके अधिकतर हिस्से को फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान में लगा रहे हैं तो बचे हुए हिस्से को टैक्स फ्री बांड में लगा रहे हैं। बैंक के अधिकारियों ने बताया कि जिस तरीके से डिपोजिट में कमी आ रही है, उसे देखते हुए आने वाले समय में डिपोजिट को प्रोत्साहित करने के लिए बैंक डिपोजिट पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

 

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