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निवेश / म्युचुअल फंड में निवेश के लिए जरूरी नहीं Demat होना, ध्यान रखें ऐसी ही 7 बातें

3 तरीकों से म्युचुअल फंड में कर सकते हैं निवेश

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नई दिल्ली. अच्‍छे रिटर्न की तलाश में ज्‍यादातर लोग म्‍युचुअल फंड (mutual funds) में निवेश करना चाहते हैं। लेकिन अभी भी काफी लोग ऐसे हैं, जिन्हें म्युचुअल फंड में निवेश के बारे में ज्यादा नहीं मालूम है। ऐसे में लोगों के लिए म्युचुअल फंड में निवेश का फैसला लेना खासा मुश्किल हो जाता है। मनीभास्कर म्युचुअल फंड के बारे में कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं, जिनसे पहली बार इसमें निवेश की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए फैसला लेना आसान हो सकता है।

1. केवाईसी कंप्लायंट है जरूरी

सबसे अहम बात तो यह है कि किसी म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने के लिए आपको केवाईसी (KYC) कम्प्लायंट होना जरूरी है। इसका एक तरीका यह है कि आप फिजिकल फॉर्म में KYC (अपने ग्राहक को जानें) संबंधी औपचारिकता पूरी कर लें। निवेशक इस फॉर्म को भरकर, फोटो लगाकर, आधार/पासपोर्ट/बिजली बिल आदि की कॉपी लाएं। इतना ही नहीं, कुछ म्यूचुअल फंड वेबसाइट पर या डिस्ट्रीब्यूटर के प्लैटफॉर्म पर ई-केवाईसी की सुविधा देते हैं। इसके जरिए आप सीधे भी निवेश शुरू कर सकते हैं।

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2. अपनी जोखिम लेने की क्षमता को ध्यान में रखें

पहली बार निवेश करने जा रहे लोगों के लिए कुछ बातें ध्यान में रखना जरूरी है। निवेशक फंड चुनते वक्त लक्ष्य के साथ जोखिम लेने की क्षमता और समय को भी ध्यान में रखें। इसके लिए आप लक्ष्य आधारित प्लानिंग के लिए वेबसाइट या फाइनैंशल प्लानर की मदद ले सकते हैं। निवेशक को स्कीम से संबंधित दस्तावेज ध्यान से पढ़ने चाहिए। इसके साथ ही म्यूचुअल फंड के निवेश के उद्देश्य सिक्यॉरिटी स्कीम आदि को ठीक से समझना भी जरूरी है।

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3. फंड का प्रदर्शन जरूर देखें

फंड हाउस को बतौर निवेशक चुनना बेहद अहम माना जाता है। फंड हाउस और फंड मैनेजर के फैसले से आपके निवेश की रकम पर भी असर पड़ता है। फंड हाउस चुनने से पहले निवेशक को उसका प्रदर्शन देखना चाहिए। इतना ही नहीं, किसी फंड का पिछला प्रदर्शन उसके भविष्य की गारंटी नहीं होता है। हां, यदि आप तीन, पांच या 10 साल का प्रदर्शन देखेंगे तो फंड की स्थिति आपकी समझ में जरूर आ जाएगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए फंड चुनें जिसने बेंचमार्क की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया हो। आगे भी पढ़ें...

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4. किसी एक्‍सपर्ट्स की राय लें

अंश फाइनेंशियल एंड इन्‍वेस्‍टमेंट के डायरेक्‍टर दिलीप कुमार गुप्‍ता के अनुसार म्‍युचुअल फंड के बारे में अगर जानकारी न हो तो निवेश से पहले किसी जानकार की राय ले लेनी चाहिए। ऐसा न करने से नुकसान हो सकता है। अगर समझ है तो निवेश का सबसे अच्‍छा तरीका डायरेक्‍ट प्‍लान होते हैं। इनमें अन्‍य तरीके से किए निवेश से ज्‍यादा रिटर्न मिलता है। इसका कारण है कि डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश पर एजेंट का कमीशन नहीं होता है। इससे थोड़ा ज्‍यादा रिटर्न मिलना संभव हो जाता है।

5. आसान है MF में निवेश के बारे में जानना

म्‍युचुअल फंड में निवेश के बारे में जानना काफी आसान है। एसोसिएशन ऑफ म्‍युचुअल फंड इन इंडिया की वेबसाइट www.amfiindia.com पर जाकर इसके बारे में जानकारी ली जा सकती है। लेकिन इस वेबसाइट पर जानकारी लेने के बाद कुछ दिनों तक म्‍युचुअल फंड पर निगाह भी रखें और उनके नेट एसेट वैल्‍यू (NAV) में बदलाव के बारे में जानें। इससे आपकी म्‍युचुअल फंड के बारे में बेसिक जानकारी हो जाएगी।

6. शेयर बाजार से जुड़े रिस्क

म्‍युचुअल फंड अपनी इक्विटी स्‍कीम में जुटाए पैसों का निवेश शेयर बाजार में करते हैं। स्‍टॉक मार्केट के बारे में कुछ भी भविष्‍यवाणी करना कठिन होता है। इसी कारण इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश रिस्‍की माना जाता है। हालांकि जानकारों का कहना है कि थोड़ा-थोड़ा पैसा लम्‍बे समय तक लगाया जाए तो अच्‍छा रिटर्न पाया जा सकता है।

 

 

7. म्युचुअल फंड में निवेश के हैं 3 तरीके 

म्‍युचुअल फंड में तीन तरह से निवेश किया जा सकता है। इसमें पूरी तरह से ऑनलाइन से लेकर फार्म भरकर निवेश किया जा सकता है। म्‍युचुअल फंड में लगाया गया पैसा शेयर बाजार में लगाया जाता है। इसलिए कई लोगों को लगता है कि इसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है, हालांकि ऐसा नहीं है। म्‍युचुअल फंड में निवेश बिना DEMAT अकाउंट के भी निवेश किया जा सकता है।

पहला तरीकाः यह तरीका काफी आम है। इसमें किसी एजेंट के माध्‍यम से निवेश करना होता है। अगर एजेंट को खोजने में दिक्‍कत हो तो जिस कंपनी में निवेश करना चाहते हैं उस कंपनी की वेबसाइट से टोल फ्री नम्‍बर लेकर बात कर सकते हैं। कंपनी आपके इलाके में जो एजेंट हैं उससे संपर्क करा देगी। फिर इस एजेंट की मदद से आप निवेश कर सकते हैं।
 
दूसरा तरीकाः ब्रोकर या किसी म्‍युचुअल फंड बेचने वाली वेबसाइट के माध्‍यम से भी निवेश किया जा सकता है। कई लोग जो शेयर बाजार में निवेश करते हैं, वे अपने ब्रोकर अकाउंट के माध्‍यम से भी म्‍युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा देश में एक दर्जन से ज्‍यादा वेबसाइट हैं जो म्‍युचुअल फंड बेचती हैं। लोग इन वेबसाइट पर अपना रजिस्‍ट्रेशन कराने के बाद म्‍युचुअल फंड खरीद सकते हैं। अगर जरूरत हो तो ये वेबसाइट अपने एजेंट भी निवेशक के पास मदद के लिए भेजती हैं।

तीसरा तरीकाः डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश। सेबी के आदेश के बाद सभी म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी सभी स्‍कीम्‍स में डायरेक्‍ट प्‍लान का ऑप्‍शन देती हैं। इनमें निवेश पूरी तरह से ऑनलाइन होता है। आप म्‍युचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट पर जाकर सीधे स्‍कीम चुनते हैं और कुछ स्‍टेप में निवेश की प्रक्रिया पूरी करते हैं। यहां पर पेमेंट भी ऑनलाइन करना होता है।

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