रिटायरमेंट प्लानिंग /SBI के PPF अकाउंट की 5 अहम बातें, छोटे निवेश से तैयार होता है बड़ा फंड

  • पीपीएफ अकाउंट (PPF account) से रिटायरमेंट के बाद के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है
  • इसे कोई भी अपने नाम पर या किसी नाबालिग की तरफ से एसबीआई द्वारा उल्लिखित किसी भी शाखा में खोला जा सकता है

moneybhaskar

Jun 05,2019 02:29:00 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे कमर्शियल लेंडर्स सहित विभिन्न संस्थानों में खुलने वाले पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ अकाउंट (PPF account) रिटायरमेंट के बाद के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। एसबीआई (SBI) की वेबसाइट के मुताबिक, एक पीपीएफ (PPF) अकाउंट में बड़े निवेश के साथ ही आयकर में छूट जैसी कई सुविधाएं मिलती हैं।

यह एक ऐसा अकाउंट है, जिसे कोई भी अपने नाम पर या किसी नाबालिग की तरफ से एसबीआई द्वारा उल्लिखित किसी भी शाखा में खोल सकता है। हालांकि पीपीएफ (PPF) अकाउंट को हिंदू अविभाजित परिवार के नाम पर नहीं खोला जा सकता है। मनीभास्कर यहां एसबीआई (SBI) के पीपीएफ अकाउंट की 5 खास बातों के बारे में बता रहा है।

1. निवेश की सीमा

एक पीपीएफ अकाउंट में सालाना न्यूनतम 500 रुपए और अधिकतम 1.50 लख रुपए तक जमा किया जा सकता है। सब्सक्राइबर को एक साल में 1.50 लाख रुपए से ज्यादा धनराशि जमा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि 1.50 लाख रुपए से ज्यादा रकम पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और उस पर इनकम टैक्स एक्ट के अंतर्गत आयकर में कोई छूट नहीं मिलेगी। एसबीआई (SBI) के मुताबिक, इस धनराशि को एकमुश्त या अधिकतम 12 किस्तों में जमा किया जा सकता है।

 

2. कितनी मिलेगी ब्याज दर

पीपीएफ पर ब्याज दर केंद्र सरकार द्वारा तिमाहीवार तय की जाती है। वर्तमान में पीपीएफ पर सालाना 8 फीसदी ब्याज दर मिल रही है। ब्याज दर की गणना महीने की 5 तारीख और महीने के अंत तक रखे न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। एसबीआई के मुताबिक, इसका भुगतान हर साल 31 मार्च को किया जाता है।

3. मैच्योरिटी पीरियड

इस योजना की मूल अवधि 15 साल है। उसके बाद सब्सक्राइबर इसे 5 साल के एक या उसके बाद ज्यादा ब्लॉक के लिए एक्सटेंड कर सकता है।

 

 

4. आयकर में छूट

एसबीआई के पीपीएफ अकाउंट के अंतर्गत इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 88 के अंतर्गत आयकर में छूट दी जा रही है। ब्याज के माध्यम से हुई आय को आयकर से पूरी छूट हासिल है।

5. समय-पूर्व निकासी (Premature payment)

अकाउंट के 5 साल की अवधि पूरी होने पर चुनिंदा शर्तों के पालन करने पर समय-पूर्व पैसे निकालने की अनुमति दी जाती है। एसबीआई ने कहा कि नाबालिग के नाम पर खुले खातों पर भी यही बात लागू है।

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