स्टॉक ब्रोकरों को भी वर्क फ्रॉम होम की इजाजत, कोरोना वायरस को खत्म करने की जंग में एनएसई और बीएसई ने ब्रोकरों को ट्रेडिंग टर्मिनल घर ले जाने की अनुमति दी

बीएसई और एनएसई ने 30 अप्रैल तक नियमों में दी है ढील बीएसई और एनएसई ने 30 अप्रैल तक नियमों में दी है ढील

  • एक्सचेंज ने अपने सर्कुलर में कहा कि ब्रोकरों को कुछ शर्तों का करना होगा पालन
  • एनएसई ने अपने कुछ कर्मचारियों को भी घर से काम करने की अनुमति दी

Moneybhaskar.com

Mar 21,2020 07:55:00 PM IST

नई दिल्ली. प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने ब्रोकरों को निर्धारित स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान से काम करने की इजाजत दे दी है। एनएसई ने इसके लिए शुक्रवार को एक सर्कुलर जारी किया, जिसका शीर्षक है 'ऑपरेशनल बिजनेस कंटीन्यूइटी मेजर्स कोविड-19'। बीएसई ने भी शुक्रवार को लगभग इसी तरह का एक सर्कुलर जारी किया, जिसका शीर्षक है ' कोविड-19-ऑपरेशनल बिजनेस कंटीन्यूइटी मेजर्स'। इसका यह मतलब यह लगाया जा सकता है कि कोरोना वायरस को खत्म करने की देशव्यापी मुहिम के तहत स्टॉक ब्रोकरों को भी वर्क फ्रॉम की इजाजत मिल गई।

ब्रोकरों को कुछ शर्तों का करना होगा पालन

एनएसई ने अपने सर्कुलर में कहा कि कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए ट्रेडिंग मेंबर्स अपने ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को किसी अन्य स्थान पर ले जा सकते हैं। इसके लिए हालांकि कुछ शर्तों का पालन करना होगा। ब्रोकिंग हाउस को इसके लिए एक आंतरिक नीति बनानी होगी। इसमें अनधिकृत ट्रेडिंग गतिविधि की रोकथाम के लिए समुचित मॉनिटरिंग और नियंत्रण का ब्योरा देना होगा। जिन उपयोगकर्ताओं को दूसरे स्थान से टर्मिनल संचालित करने की अनुमति दी जाएगी, उनका पूरा ब्योरा भी एक्सचेंज को भेजना होगा। ब्रोकर की यह भी जिम्मेदारी होगी कि टर्मिनल तक सिर्फ अधिकृत उपयोगकर्ता ही पहुंच सके। एनएसई ने सर्कुलर में कहा कि अन्य स्थानों से टर्मिनल के संचालन से पहले अधिकृत किए गए उपयोगकर्ता की सूची देनी होगी। टर्मिनल का विवरण देना होगा। सेगमेंट और सर्टिफिकेट का भी विवरण देना होगा। वैकल्पिक लोकेशन का पता भी एक्सचेंज को देना होगा।

30 अप्रैल तक नियमों में दी गई है ढील

मौजूदा नियमों के तहत सिर्फ मुख्य कार्यालय या शाखा से ही ट्रेडिंग टर्मिनल का संचालन किया जा सकता है। ब्रोकर को अपने नोटिस बोर्ड पर सेबी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी प्रदर्शित करना होता है। दोनों एक्सचेंज ने इन नियमों में 30 अप्रैल तक ढील दे दी है। इसक बाद टर्मिनल का संचालन उसी स्थान से हो सकेगा, जहां की सूचना एक्सचेंज में दी जाएगी। सर्कुलर में कहा गया है कि अनय स्थानों से काम करने की आंतरिक नीति पर सीईओ, निदेशक या कंप्लायंस अधिकारी जैसे वरिष्ठ अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी।

एनएसई के कर्मचारियों को घर से भी काम करने की सुविधा

इस बीच एनएसई ने अपने कर्मचारियों के लिए भी वर्क फ्रॉम होम एडवायजरी जारी की है। सूत्रों के मुताबिक एनएसई ने अपने कर्मचारियों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत कर दिया है। एक श्रेणी में उन कर्मचारियों को रखा गया है, जो घर से काम कर सकते हैं। दूसरी श्रेणी में उन कर्मचारियों को रखा गया है, जिन्हें एक्सचेंज परिसरों में आना होगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को 31 मार्च तक मुंबई, पुणे, पिंपरी चिंचवाड़ और नागपुर में सभी कार्यस्थलों को बंद करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने हालांकि कहा है कि उसका यह आदेश स्टॉक बाजार के लिए नहीं है।

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