जानिए क्या होता है एटीएफ, हवाई किरायों को तय करने में होता है इसका प्रमुख रोल

एटीएफ का प्रयोग  एटीएफ के सस्ता होने से एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को होता है फायदा  एयरलाइंस का 40 से 45 फीसदी खर्च एटीएफ की खरीद पर ही होता है एटीएफ का प्रयोग एटीएफ के सस्ता होने से एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को होता है फायदा  एयरलाइंस का 40 से 45 फीसदी खर्च एटीएफ की खरीद पर ही होता है

  • एटीएफ के सस्ता होने से एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को होता है फायदा 
  • एयरलाइंस का 40 से 45 फीसदी खर्च एटीएफ की खरीद पर ही होता है

Moneybhaskar.com

Mar 21,2020 03:54:04 PM IST

नई दिल्ली। जेट फ्यूल (हवाई ईंधन) या एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की जरूरत विमानों के परिचालन के लिए पड़ती है। इसका प्रयोग जेट व टर्बो-प्रॉप इंजन वाले विमान को पावर देने के लिए किया जाता है। यह एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित ईंधन है। एटीएफ दिखने में रंगहीन और स्ट्रा की तरह होता है। ज्यादातर कॉमर्शियल विमानन कंपनियों ईंधन के तौर पर जेट ए और जेट ए-1 ईंधन का इस्तेमाल करती है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होता है उत्पादन

एटीएफ का उत्पादन अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप और तय दिशानिर्देशों के तहत किया जाता है। आमतौर पर टरबाइन इंजन संचालित विमानों में जेट-बी फ्यूल का ही प्रयोग किया जाता है। सर्दियों में इसका प्रयोग विमानों के बेहतर परिचालन के लिए होता है।

कितने तरह का होता है एटीएफ

एटीएफ एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित ईंधन है। कच्चे तेल के शोधन में यह डीज़ल और केरोसीन के साथ वर्गीकृत है। जेट ईंधन वास्तव में केरोसीन की एक उच्च परिष्कृत श्रेणी है। जेट ए-1 और जेट ए टर्बाइन सिविल कॉमर्शियल एविएशन में इस्तेमाल होने वाली ईंधन की दो मुख्य श्रेणियां हैं। अन्य विमानन ईंधनों में मिलिट्री जेट ईंधनों जिसमें प्रमुख रूप से जेपी-4, जेपी-5, और जेपी-8, शामिल हैं तथा ये सभी केरोसीन प्रकार के ईंधन हैं।


कैसे तय होती हैं एटीएफ की कीमत

वैश्विक स्तर पर एटीएफ की कीमतें क्रूड ऑयल की कीमतों के साथ ज्‍यादा व आंशिक रूप से संबद्ध रहती हैं। क्योंकि यह क्रूड ऑयल के शुद्धिकरण प्रक्रिया (अर्क निकालकर) उत्पादित किया जाता है। इस प्रकार क्रूड ऑयल की कीमतों को प्रभावित करने वाले वे सभी कारक एटीएफ की कीमतों पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं। इन कारकों में मांग व आपूर्ति, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, प्राकृतिक आपदाओं, मौद्रिक उतार-चढ़ाव, भू-राजनैतिक तनावों, ब्याज दर और अन्य कारक इसमें शामिल है।

एटीएफ के सस्ता होने का फायदा

वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था के विकास में एविएशन सेक्टर की भूमिका मह्त्वपूर्ण है। एटीएफ का सस्ता होना एविएशन इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत की बात होती है। अगर एटीएफ की दरों में कमी का सिलसिला बना रहा तो कई एयरलाइंस पैसेंजर किराए में भी कमी करने का ऐलान कर सकती हैं। जिसका फायदा बिजनेस मैन और एविएशन सेक्टर को भी होगा। इससे हवाई यातायात के यात्रियों और कार्गो में वृद्धि होगी। क्‍योंकि एविएशन सेक्टर में एयरलाइंस का 40 से 45 फीसदी खर्च एटीएफ की खरीद पर ही होता है।

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