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  • Finance Bill 2020: Govt increases cap on special additional excise duty

1 अप्रैल के बाद पेट्रोल-डीजल पर फिर बढ़ सकती है एक्साइज ड्यूटी, फाइनेंस बिल को लोकसभा से मिली मंजूरी

  • सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी की अधिकतम सीमा बढ़ाई
  • इस बढ़ोतरी से सरकार को नया विकल्प मिला, फिलहाल नई कीमत से कम पर हो रही वसूली

Moneybhaskar.com

Mar 23,2020 06:46:00 PM IST

नई दिल्ली। संशोधित फाइनेंस बिल-2020 को सोमवार को लोकसभा से बिना किसी चर्चा के पास कर दिया गया। सरकार ने इस बिल में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर 8 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अब पेट्रोल पर यह ड्यूटी बढ़कर 10 से 18 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 4 से 12 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी। यह फाइनेंस बिल वित्त वर्ष 2020-21 के लिए है और 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी होगा।

सरकार को मिलेगा एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का विकल्प

फाइनेंस बिल 2020 में स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी के बाद सरकार को पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का विकल्प मिल जाएगा। दरअसल, इस समय कोरोनावायरस के कारण मांग में कमी और सऊदी अरब की ओर से शुरू किए गए प्राइस वॉर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी निचले स्तर पर आ गई हैं। सरकार इसको अपना वित्तीय घाटा कम करने के मौके के रूप में देख रही है। हाल ही में सरकार ने सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 22.98 रुपए और डीजल पर 18.83 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

क्या होती है स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी

स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी कुछ खास तरह की वस्तुओं पर लगाई जाती है। जिन भी स्पेशल वस्तुओं पर एक्साइज ड्यूटी लगाई जानी है, उनका उल्लेख पहले से ही फाइनेंस बिल में किया जाता है। अब सरकार ने एक बार फिर फाइनेंस बिल के जरिए स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी वसूले जाने की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी की है। फिलहाल यह एक्साइज ड्यूटी के साथ ही वसूली जा रही है। एक्साइज ड्यूटी से होने वाली आय को सरकार किसी भी कार्य पर खर्च कर सकती है जबकि स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी कुछ विशेष कार्यों पर खर्च करती है जिसमें शिक्षा, आपात स्थिति, हाईवे निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च शामिल हैं।
उदाहरण- इस समय पेट्रोल पर 22.98 रुपए प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी लग रही है जिसमें 10 रुपए की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी शामिल है। इसी प्रकार से डीजल पर 18.83 रुपए प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी लग रही है जिसमें 4 रुपए प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी शामिल है।

1 अप्रैल के बाद हो सकती है एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी

फाइनेंस बिल लोकसभा से पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए जाएगी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 1 अप्रैल 2020 से यह अस्तित्व में आ जाएगा। ऐसे में जानकारों का मानना है कि सरकार 1 अप्रैल के बाद कभी भी एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी कर सकती है। एंजेल ब्रोकिंग के एनर्जी एवं करेंसी रिसर्च मामलों के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता का मानना है कि इस समय क्रूड की कीमतें काफी निचले स्तर पर चल रही हैं। यह सरकार के पास अपना वित्तीय घाटा कम करने का बेहतरीन मौका है। इसके अलावा सरकार एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी करके विशेष फंड भी तैयार कर सकती है जिसका इस्तेमाल आपात स्थिति में किया जा सकता है।

ग्राहकों को जल्द नहीं मिला बड़ा फायदा

अनुज गुप्ता का कहना है कि जिस प्रकार से सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी की है, उससे यह माना जा सकता है कि सरकार अपना वित्तीय घाटे कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी कर सकती हैं। हालांकि, एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने को लेकर स्पष्ट कुछ भी नहीं किया जा सकता है। यदि सरकार एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी करती है तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का आम ग्राहकों को जल्द बड़ा फायदा नहीं मिलेगा और कंपनियां पहले की तरह रोजाना के आधार पर मामूली कटौती करती रहेंगी। अनुज गुप्ता का मानना है कि यदि सरकार भविष्य में एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी करती तो संभवत: इसका बोझ आम ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा और तेल वितरण कंपनियां इसे वहन करेंगी।

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