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ये कंपनी दे रही है छत पर मोबाइल टावर लगाने का मौका, ऐसे करें अप्‍लाई

अगर आपके छत या खाली प्लॉट पर 100-200 वर्गफुट भी जगह खाली है तो आप इसे किराए पर देकर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

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नई दिल्ली। अगर आपके छत या प्लॉट पर 100-200 वर्गफुट भी जगह खाली है तो आप इसे किराए पर देकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी इंडस टावर को अप्लाई करना होगा। इंडस टावर की अगले एक साल के अंदर देशभर में मोबाइल टावर लगाने की योजना है। ये टावर 50 शहरों में लगाए जाएंगे। खास बात यह होगी कि कंपनी द्वारा लगाए जाने वाले मोबाइल टावर पहले की टावर की तुलना में 80 फीसदी तक कम जगह घेरेंगे और देखने में बेहद ही खूबसूरत होंगे। कहीं ये पाल्म ट्री के आकार के होंगे तो कहीं सिंगल पोल की तरह। कंपनी का कहना है कि इनसे रेडिएशन का खतरा भी नहीं होगा।
 
आइए जानते हैं कि इंडस टावर के साथ कैसे शुरू कर सकते हैं बिजनेस, कैसे करना होगा अप्लाई और हर महीने कितनी हो सकेगी कमाई.......
 
 
अगली स्लाइड में, क्या है कंपनी की प्लानिंग
 
 
 
 
 
टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी इंडस 500 मोबाइल टावर लगाने जा रही है। इस काम के लिए कंपनी ने अगले 12 महीनों में 100 करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट की प्लानिंग की है। ये मोबाइल टावर 50 अलग-अलग शहरों में लगाए जाएंगे। 100 नेक्स्ट जेनरेशन मोबाइल टावर सेट-अप किए जाने पर कंपनी पहले ही 20 से 25 करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर चुकी है।
 
अगली स्लाइड में, कैसा होगा मोबाइल टावर का डिजाइन
 
 
खास डिजाइन वाले टावर 
 
इंडस टावर द्वारा लगाए जाने वाले नए मोबाइल टावर की डिजाइन पहले से अलग होगी। इन्हें देखते ही यह जानना मुश्किल होगा कि यह मोबाइल टावर है। कहीं ये पॉम ट्री डिजाइन के होंगे तो कहीं एक सिंगल पोल की तरह। दूर से देखकर इनकी पहचान करना आसान नहीं होगा। वहीं ये मोबाइल टावर डीजल फ्री पावर बैक-अप वाले होंगे।
 
अगली स्लाइड में, कितनी जगह में लग जाएंगे ये टावर
 
 
कम जगह में लग जाएंगे टावर 
 
ये टावर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता और मैसूर सहित 50 शहरों में लगाए जाएंगे। इंडस टावर के अनुसार नए टावर इस तरह से डिजाइन किए गए हैं कि इन्हें लगाने में जगह का इस्तेमाल बेहद कम होगा। ट्रेडिशनल साइट्स की तुलना में 80 फीसदी तक कम जगह की जरूरत होगी। ट्रेडिशनल टावर को छत पर लगाने के लिए 500 वर्गफुट की जगह की जरूरत होती है। इस लिहाज से ये टावर 100 वर्गफुट तक की एरिया में भी लग जाएंगे।
 
 
अगली स्लाइड मेंजानें क्या है मोबाइल टॉवर लगवाने का प्रॉसेस
 
 
इंडस टावर की ओर से स्पष्‍ट जानकारी नहीं मिली है कि छत या प्लॉट किराए पर देने पर कि‍तनी इनकम होगी। लेकिन यह रेंट अलग-अलग एरिया के हिसाब से दिया जाता है। दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में टियर 2 शहरों की तुलना में रेंट ज्यादा होता है। वहीं शहर में भी लोकेशंस के आधार पर रेंट तय होता है। हालांकि मोबाइल टावर लगवाने पर मंथली रेंट औसत 25 से 30 हजार रुपए है। लोकेशन के हिसाब से मंथली इनकम बदल सकती है।
 
अगली स्लाइड मेंटॉवर लगवाने के लिए नहीं खर्च करना होता है पैसा
 
 
अगर आपकी प्रॉपर्टी पर मोबाइल टॉवर लग रहा है तो इसके लिए आपको अपनी ओर से कोई खर्च नहीं करना होगा। यह बिल्कुल फ्री है, सारा काम मोबाइल लगाने वाली कंपनी को होगा।
 
अगली स्लाइड मेंजानें क्या है मोबाइल टॉवर लगवाने का एक और प्रॉसेस
 
 
मोबाइल ऑपरेटर्स खुद यह तय करती हैं कि किन लोकेशन में टॉवर लगवाने की जरूरत है। इसके बाद वह जगह का चुनाव करते हैं। अगर उनकी चुनी हुई लोकेशन में आपकी प्रॉपर्टी है तो आप इसका बेनेफिट ले सकते हैं। इसलिए आपकी प्रॉपर्टी की लोकेशन इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, जियो का पूरे देश में लगातार नेटवर्क बढ़ाने की योजना है तो ऐसे में इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोग उठा सकते हैं।
 
 
टावर लगाने वाली कंपनियों से भी कर सकते हैं संपर्क 
 
इन कंपनियों से भी कर सकते हैं संपर्क
 
- मोबाइल ऑपरेटर्स कुछ प्राइवेट कंपनियों को मोबाइल टॉवर लगवाने का कांट्रैक्ट देती हैं।
- इंडस टॉवर्स, अमेरिकन टॉवर कॉरपोरेशन, भारती-इन्फ्राटेल, एटीसी, वायोम, जीटीएल जैसी प्राइवेट कंपनियां मोबाइल ऑपरेटर्स के बेस पर अलग-अलग लोकेशंस पर मोबाइल टॉवर लगाने का काम करती हैं।
- इन कंपनियों की वेबसाइट पर आप भी आवेदन कर सकते हैं।   
ऐसे करें आवेदन... 
 
मोबाइल टॉवर लगवाने के लिए आपको इंडस टॉवर की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां आपको एक लिंक मिलेगा, जिसमें अपने नाम और एड्रेस के साथ प्रॉपर्टी की पूरी डिटेल देनी होगी। आपको बताना होगा कि आपका प्लॉट है या छत, ओनरशिप आपके नाम से है या ज्वॉइंट। इसके अलावा यह बताना होगा कि प्रॉपर्टी रेजिडेंशियल है या कमर्शियल। इसके बाद आपको अपने राज्य और शहर की जानकारी देनी होगी।
 
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