एक्सपर्ट एडवाइस /यह निवेश पोर्टफोलियो में सुधार करने का अच्छा समय, 4 से 6 महीने में 20 फीसदी रिकवरी संभव

  • 2008 में सेंसेक्स 61 फीसदी गिरा था, लेकिन अगले 1.5 साल में 157 फीसदी रिकवरी हुई

Moneybhaskar.com

Mar 13,2020 03:01:00 PM IST

नई दिल्ली. गुरुवार का दिन मार्केट के लिए काफी भयानक और डरानेवाला रहा। एक दिन में 11 लाख करोड़ रुपए का मार्केट कैप साफ हो गया। शुक्रवार को भी सुबह के कारोबार में बाजार में जबरदस्त गिरावट हुई और सेंसेक्स में लोअर सर्किट लग गया। सर्किट खुलने के बाद बाजार में और ज्यादा गिरावट हुई हालांकि बाजार बाद में तेजी के दायरे में आ गया। लेकिन यह तेजी टिकाऊ रहेगी या नहीं कहना कठिन है। वैश्विक स्तर पर पिछले दो महीने में मार्केट को 5 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान हो चुका है। इस तरह की गिरावट आर्थिक संकट को जन्म दे सकती है और यह वाकई डरावना है। मार्केट एक्सपर्ट देवेन चोकसे (एमडी, केआर चोकसे इन्वेस्टमेंट फर्म) बताते हैं कि चीन में जब पिछले महीने कोरोनावायरस फैला तो वहां की सरकार ने मार्केट को नुकसान से बचाने के लिए काफी स्मार्ट तरीके से काम किया। चीन ने मार्केट में शॉर्ट सेलिंग को नियंत्रण में रखा। हालांकि, चीन एक गैर लोकतांत्रिक देश है और उसके तरह के उपाय लोकतांत्रिक देशों में मुमकिन नहीं हैं। चीन के उपायों का असर भी दिख रहा है। एक ओर जहां ग्लोबल मार्केट में 15-20 फीसदी का नुकसान हुआ, चीन के मार्केट में सिर्फ 0.10 फीसदी का नुकसान हुआ है। साथ ही चीन का मार्केट वेल्थ 4.76 लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर स्थिर रहा। यह ध्यान देने वाली बात है कि किसी देश की मार्केट वेल्थ वहां के मार्केट कैप में दिखती है। इसलिए इसकी सुरक्षा बहुत जरूरी है। ऐसी स्थिति में इस बात पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है कि जब भी पहले मार्केट में इस तरह का नुकसान हुआ है तो रिकवरी में कितना समय लगा है।

बाजार में चार से छह महीने में करीब 20 फीसदी की रिकवरी संभव

  • 1992 में सेंसेक्स एक साल में 54% गिरा। इसके अगले 1.5 साल में इसने 127% की रिकवरी की।
  • 1996 में 40 फीसदी की गिरावट आई। लेकिन अगले एक साल में 115 फीसदी की रिकवरी आई थी।
  • 2000 से अगले 1.5 साल में 56 प्रतिशत गिरावट आई। अगले 2.5 साल में 138 फीसदी की रिकवरी।
  • 2008 में एक साल में 61 फीसदी की गिरावट रही। उसके अगले 1.5 साल में 157 फीसदी रिकवरी।
  • 2010 में 28 फीसदी की गिरावट रही। अगले तीन साल में 96 फीसदी की रिकवरी हुई।
  • 2015 में एक साल में 25 प्रतिशत की गिरावट रही। अगले दो साल में 62 फीसदी रिकवरी दर्ज की गई।
  • पिछले 2.5 महीने में करीब 22 फीसदी की गिरावट रही है। ऐसे में लागों के मन में सवाल है कि आगे क्या होगा? शॉर्ट और मीडियम टर्म (4 से 6 महीने) में 20 फीसदी की रिकवरी संभव है। 18-24 महीने में ज्यादातर मामलों में 100 फीसदी रिकवरी हो जाती है। ट्रेंड पर नजर डालें तो ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता है कि इस बार रिकवरी न हो। गिरावट के इतिहात और रिकवरी को देखते हुए हम सर्वश्रेष्ठ नतीजे की उम्मीद कर सकते हैं।
  • मौजूदा स्थिति में अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो का रिव्यू जरूर करें। अपने पोर्टफोलियो में क्वालिटी स्टॉक को शामिल करने का यह बेहद अच्छा मौका है। इसे न गंवाएं।
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