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भारतनेट प्रोजेक्ट से इन शेयरों में बने निवेश के मौके, ऐसे बनाएं स्ट्रैटजी

टेलिकॉम कंपनियों को सस्ती दर पर इंटनेट उपलब्ध कराकर नए कस्टमर्स को अपने साथ जोड़ने का मौका मिलेगा।

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नई दिल्ली. करीब डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने के लिए भारतनेट प्रोजेक्ट का दूसरा चरण लॉन्च हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत सभी पंचायतों में मार्च 2019 तक ब्रॉडबैंड पहुंचाए जाने का लक्ष्य है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतनेट प्रोजेक्ट से टेलिकॉम ऑपरेटर्स को सस्ती दरों में ब्रॉडबैंड सेवाएं मुहैया कराने में आसानी होगी और उनको नए ग्राहक बनाने में मदद मिलेगी। रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ टेलिकॉम सेक्टर से जुड़ी अन्य कंपनियों को भी इसका फायदा मिलेगा।

 

 


सस्ते बैंडविथ का मिलेगा फायदा

 

-फार्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि भारतनेट प्रोजेक्ट से टेलिकॉम कंपनियों को फायदा मिलेगा। भारतनेट प्रोजेक्ट के तहत बैंडविथ की कीमतों को सरकार ने करीब 75 फीसदी तक कम किया है। टेलिकॉम कंपनियां को सस्ती दर पर इंटनेट उपलब्ध कराकर नए कस्टमर्स को अपने साथ जोड़ने का मौका मिलेगा। वहीं गांवों में भी ट्रेंड बदला है। लोग अब एक से ज्यादा मोबाइल और सिम का यूज करने लगे हैं। वहीं सस्ते स्मार्टफोन से इंटरनेट यूजर्स की संख्या भी बढ़ रही है। जिसका फायदा टेलिकॉम कंपनियों को मिलेगा।

 

-वहीं, एसएमसी इन्वेस्टमेंट्स एंड एडवाइजर्स लिमिटेड के रिसर्च हेड सचिन सर्वदे ने कहा कि  भारतनेट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण पर करीब 31 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 1.5 लाख ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाने के लिए ऑप्टिकल फाइबर बिछाने होंगे। टेलिकॉम टावर और टेलिकॉम कम्युनिकेशन इक्विपमेंट की डिमांड बढ़ेगी। जिसका फायदा टेलिकॉम सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को भी मिलेगी।


जियो ने दी सबसे अधिक फीस

 

जियो ने 30,000 ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने के लिए 13 करोड़ रुपए की एडवांस सब्सक्रिप्शन फीस दी है। रिलायंस जियो के अलावा भारती एयरटेल ने 5 करोड़ रुपए की फीस दी है। वहीं, वोडाफोन ने 1 लाख रुपए और आइडिया सेल्युलर ने 5 लाख रुपए की एडवांस फीस जमा की है।

 

सरकार देगी 3600 करोड़ की सब्सिडी

 

मोदी सरकार ने भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया, आइडिया सेल्युलर और रिलायंस जियो जैसी टेलिकॉम कपनियों को 3,600 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने का प्रस्ताव दिया है। यह सब्सिडी भारतनेट के दूसरे चरण में दी जा रही है, ताकि कंपनियां किफायती दरों पर ग्रामीण इलाकों में वाईफाई लगाकर ब्रॉडबैंड सुविधा मुहैया करा सकें।

 


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रिलायंस इंडस्ट्रीज

 

एसएमसी इन्वेस्टमेंट्स एंड एडवाइजर्स लिमिटेड के रिसर्च हेड सचिन सर्वदे ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में खरीददारी की सलाह दी है। उनके मुताबिक, सरकार के भारतनेट प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा फायदा रिलायंस जियो को मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के लिए आरआईएल ने सबसे अधिक एडवांस फीस दी है। इससे कंपनी को नए कस्टमर्स बनाने में मदद मिलेगी। 30 सितंबर 2017 तक टेलिकॉम यूनिट जियो के पास 13.86 करोड़ कस्टमर थे। सचिन ने आरआईएल में 1050 रुपए के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है।

 

 


अक्स ऑप्टिफाइबर

 

अक्स ऑप्टिफाइबर देश की ऑप्टिकल केबल मैन्युफैक्चरर कंपनी है। कंपनी सिंगल मोड और मल्टीमोड ऑप्टिकल फाइबर बनाती है। टेलिकॉम सेक्टर की जरूरतों को पूरा करने में कंपनी सक्षम है। कंपनी को हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा से 5000 बैंकिंग किआस्क लगाने का ऑर्डर मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2018 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 100 फीसदी बढ़ा है। वहीं कंपनी की बिक्री 66.82 फीसदी बढ़कर 145.08 करोड़ रुपए रही। फार्च्युन फिस्कल के डायरेक्ट के जगदीश ठक्कर ने अक्स ऑप्टिफाइबर में 50 रुपए के टारगेट के साथ निवेश की सलाह दी है। भारतनेट के दूसरे चरण में 2.63 लाख किलोमीट ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की जरूरत होगी।

 

 

 

स्टरलाइट टेक्नोलॉजिज

 

ब्रोकरेज हाउस केआर चोकसी ने डोमेस्टिक ब्रॉडबैंड गियरमेकर स्टरलाइट टेक्नोलॉजिज में 348 रुपए के टारगेट के साथ निवेश की सलाह दी है। कंपनी देश की लीडिंग टेलिकॉम कंपनियों से मुंबई में 5जी रेडी ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए बातचीत कर रही है। वहीं पिछले महीने कंपनी को यूएई की टेलिकॉम प्रोवाइडर कंपनी से ऑर्डर मिला है। ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक, सरकार के डिजिटल इंडिया और भारतनेट प्रोजेक्ट का फायदा कंपनी को मिलने की संभावना है। हाई स्पीड डाटा नेटवर्क के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) की डिमांड में तेजी से कंपनी का प्रॉफिट बढ़ा है। मौजूदा समय में कंपनी के पास 30 मिलियन फाइबर किलोमीटर ओएफसी मैन्युफैक्चरिंग करने की क्षमता है। जिसे कंपनी बढ़ाकर 50 मिलियन फाइबर किलोमीटर करने के ट्रैक पर है। 

 

 


एचएफसीएल

 

एसएमसी इन्वेस्टमेंट्स एंड एडवाइजर्स लिमिटेड के रिसर्च हेड सचिन सर्वदे ने हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस (एचएफसीएल) में 70 रुपए के टारगेट के साथ निवेश की सलाह दी है। ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाने वाले भारतनेट प्रोजेक्ट का फायदा हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस को भी मिल सकता है। इसी महीने कंपनी को भारत संचार निगम लिमिटेड से 1248 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। इसके जरिए कंपनी देश भर में डिफेंस फोर्स के लिए डीडब्ल्यूडीएम इक्विप्मेंट इन्स्टॉल करेगी। इनपुट कॉस्ट कम करने के लिए कंपनी हैदराबाद में 225 करोड़ रुपए की लागत से ऑप्टिकल फाइबर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। 

 

 


(नोट- यहां दी गई सभी सलाह मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर हैं। हर स्टॉक से जुड़े अपने जोखिम होते है, इसलिए सलाह है कि अपने स्तर पर जांच या अपने एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही निवेश का फैसला लें।)

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