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हीरे-जवाहरात भी नहीं टिकते 5 मेटल्स के आगे, 426 लाख करोड़/ग्राम तक कीमत

हम आपको बता रहे हैं दुनिया के 5 महंगे मेटल के बारे में।

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नई दिल्ली. दुनिया भर में मेटल की कीमतें लगातार गिर रही है। कमजोर डिमांड से सोना, चांदी सहित अन्य बेस मेटल की कीमतें गिरी हैं। लेकिन, आपको जानकर हैरानी होगी कि सोना दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में शामिल नहीं है। विश्व में कुछ ऐसी कमोडिटीज हैं, जो बहुत महंगी है। ऐसा ही एक मेटल है जिसकी एक ग्राम की कीमत 6.55 लाख करोड़ डॉलर (425.75 लाख करोड़ रुपए) है। वहीं सोने की कीमत 29,600 प्रति दस ग्राम है। हम आपको बता रहे हैं दुनिया के 5 महंगे मेटल के बारे में।
 
 
1. एंटीमैटर
 
दुनिया का सबसे महंगा मेटल है एंटीमैटर। द रिचेस्‍ट के मुताबिक इसकी एक ग्राम की कीमत 425.75 लाख करोड़ रुपए है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एंटीमैटर दरअसल एक पदार्थ के ही समान है, लेकिन उसके एटम के भीतर की हर चीज उलटी है। एटम में सामान्य तौर पर पॉजिटिव चार्ज वाले न्यूक्लियस और नेगेटिव चार्ज वाले इलैक्ट्रोंस होते हैं, लेकिन एंटीमैटर एटम में नेगेटिव चार्ज वाले न्यूक्लियस और पॉजिटिव चार्ज वाले इलैक्ट्रोंस होते हैं। ये एक तरह का ईधन है, जिसे अंतरिक्षयान और विमानों में किया जाता है। एंटीमैटर को इसलिए सबसे महंगा माना जाता है, क्योंकि इसे बनाने वाली टेक्नोलॉजी सबसे ज्यादा खर्चीली है। 1 मिलीग्राम एंटीमैटर बनाने में 25 करोड़ रुपए से ज्यादा लग जाते हैं। 
 
 
आगे पढ़ें- दूसरा सबसे महंगा मेटल
ब्रिटिश इंफोटैमेंट पोर्टल Richest.com
2. कैलिफोरियम 252
 
इसकी खोज 1950 में अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुई थी। इसकी कीमत करीब 175.5 करोड़ रुपए प्रति ग्राम है। कैलिफोरियम न्यूट्रॉन का एक अच्छा स्रोत है, जिसका इस्तेमाल न्यूक्लियर रिएक्टर में किया जाता है। ये एक टारगेट मटीरियल भी है, जो ट्रांसकैलिफोरियम धातु के उत्पादन में इस्तेमाल होता है। कैलिफोरियम-252 का इस्तेमाल सरवाईकल कैंसर के इलाज में भी होता है।
 
 
आगे पढ़ें- तीसरा सबसे महंगा मेटल
3. डायमंड
 
हीरा पृथ्वी का एक दुर्लभ रत्न है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से आभूषणों में किया जाता है। एक आकलन के अनुसार, कुछ हीरे 3.2 अरब साल पुराने हैं। इनकी कीमत 35.75 लाख रुपए प्रति ग्राम है। हमेशा हीरे की पहचान गहनों से होती है। यह रत्न अपनी चमक और खूबसूरत डिजाइन के लिए लोकप्रिय है।
 
आगे पढ़ें- चौथा सबसे महंगा मेटल
4. ट्रिटियम
 
ट्रिटियम विश्व की चौथी सबसे महंगी कमोडिटी में है। एक ग्राम ट्रिटियम की कीमत 19.50 लाख रुपए है। इसका इस्तेमाल मुख्यतः महंगी घड़ियों के निर्माण, दवा और रेडियो थेरपी में किया जाता है। वैज्ञानिक कहते हैं कि कॉस्मिक रेडिशन, संयुक्त ड्यूटेरियम या नाइट्रोजन परमाणु से मिलता है तो दो अतिरिक्त न्यूट्रान्स और हाइड्रोजन न्यूक्लियस के उत्पादन के साथ ट्रिटियम का निर्माण होता है। 
 
आगे पढ़ें- पांचवां सबसे महंगा मेटल
5. टैफिट
 
टैफिट की पहचान एक रत्न के रूप में की गई है। यह दुर्लभ रत्न लाल, गुलाबी, व्हाइट और बैंगनी रंग का होता है। इस पत्थर की कीमत 13 लाख रुपए प्रति ग्राम है। ये हीरे के मुकाबले काफी मुलायम होता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सिर्फ एक रत्न के रूप में किया जाता है।
 
 
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