• Home
  • Tata Steel is expected to cut costs by 100 million pounds

टाटा स्टील नहीं बेचेगी अपना UK बिजनेस, कंपनी की बोर्ड बैठक में हुआ फैसला

9 हजार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कंपनी का रुख स्पष्ट नहीं है। 9 हजार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कंपनी का रुख स्पष्ट नहीं है।

MARKET TEAM

Jul 09,2016 08:14:00 AM IST
नई दिल्ली। भारत की मल्टी नेशनल कंपनी टाटा स्टील वेल्स स्थित पोर्ट टालबोट सहित अपने अधिकांश यूके के बिजनेस की बिक्री के प्रॉसेस को रोकने को फैसला किया है। कंपनी ने शुक्रवार को हुई मैराथन बोर्ड मीटिंग के बाद कहा कि हमने महत्वपूर्ण इकाइयों को बेचने की योजना टाल दी है और लागत को 100 मिलियन पाउंड तक कम करने का फैसला लिया गया है।
शुक्रवार को बोर्ड बैठक में हुआ फैसला
ब्रिटेन की बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल टाटा स्टील का यह फैसला ब्रिटेन के बिजनेस मिनिस्टर साजिद जाविद के मुंबई में कंपनी के चेयरमैन साइरस मिस्त्री से बातचीत के बाद आया है। शुक्रवार को ही कंपनी के बोर्ड के बैठक थी, जिसके बाद कंपनी ने कहा कि वो अब यूके का प्लांट नहीं बेचेंगे। ब्रिटिश व्यापार मंत्री ने दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की।
सरकार देगी राहत पैकेज
- रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ओल्ड ब्रिटिश स्टील पेंशन फंड के 1,30,000 मेंबर्स में से अधिकांश के लिए पेंशन बेनिफिट्स में कमी के लिए विशेष कानून जल्द आएगा।
-सरकार ने इसके अलावा भारी कर्ज की भी पेशकश की है। इसके साथ ही सरकार बिजनेस में 25 फीसदी स्टेक लेने की संभावनाएं भी तलाश रही है।
-टाटा ने वर्ष 2007 में ब्रिटिश स्टील पेंशन फंड खरीदा था। इसके 1,30,000 मेंबर हैं और 70 करोड़ पाउंड (90 करोड़ डॉलर) डेफिसिट है।
स्ट्रैटेजिक करार की भी बातचीत जारी
टाटा स्टील और जर्मनी की कंपनी थिसेनकर्प के बीच नीदरलैंड में कंपनी के बिजनस को 50:50 के अनुपात में चलाने को लेकर बातचीत चल रही है। टाटा स्टील के यूरोप ऑपरेंशंस में यूके और नीदरलैंड में चल रही यूनिट्स शामिल हैं।
ब्रिटिश पेंशन स्कीम की बड़ी रकम है बकाया

कंपनी की घाटे में चल रही यूनिट पर ब्रिटिश पेंशन स्कीम की बड़ी राशि बकाया है। कंपनी पर करीब 1.4 लाख एंप्लॉयीज का पैसा पेंशन स्कीम के तहत बाकी है, इनमें वर्तमान और पूर्व कर्मचारी दोनों शामिल हैं। पेंशन स्कीम की कुल पूंजी 13.5 बिलिनय पाउंड है और फिलहाल उसका घाटा 500 मिलियन पाउंड के करीब है।
अगली स्लाइड में पढ़िए-यूके बिजनेस बेचने का क्यों लिया था फैसला
घाटे के बाद कारोबार बेचने का फैसला लिया था -बता दें कि टाटा स्टील ने भारी घाटे के बाद मार्च में अपने स्टील कारोबार को बेचने का फैसला किया था। -कंपनी लगातार 9 साल से घाटे में चल रही थी। टाटा के इस फैसले से करीब 17 हजार लोगों की नौकरी जाने की आशंकाएं पैदा हो गई थीं। -एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी पर कुल 71,798 करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी के यूरोपीय कारोबार पर 300 करोड़ यूरो (करीब 22 हजार 500 करोड़ रुपए) का कर्ज है।
X
9 हजार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कंपनी का रुख स्पष्ट नहीं है।9 हजार कर्मचारियों के भविष्य को लेकर कंपनी का रुख स्पष्ट नहीं है।

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.