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गुजरात इलेक्शन सहित ये 3 ट्रिगर्स मार्केट के लिए हैं अहम, ऐसे बनाएं स्ट्रैटजी

नवंबर में रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद इन दिनों स्टॉक मार्केट एक रेंज में ट्रेड कर रहा है।

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नई दिल्ली. नवंबर में रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद इन दिनों स्टॉक मार्केट एक रेंज में ट्रेड कर रहा है। हालांकि अगले महीने कुछ बड़े ट्रिगर हैं, जिनके चलते मार्केट में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें सबसे बड़ा ट्रिगर गुजरात इलेक्शन है, जिसका मार्केट पर खासा असर दिखेगा। इसके अलावा ओपेक की मीटिंग और आरबीआई का पॉलिसी रिव्यू भी होना है।

 

 

10,200 से 10,700 की रेंज में रह सकता है निफ्टी

मूडीज की रेटिंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार से नवंबर के दूसरे हफ्ते में निफ्टी दोनों ने नया रिकॉर्ड बनाया। सरकार के 2.11 लाख करोड़ के बैंक रिकैपिटलाइजेशन प्लान और 7 लाख करोड़ के इंफ्रा बूस्ट से भी मार्केट को सपोर्ट मिला है। हालांकि 6 नवंबर को नया रिकॉर्ड बनाने के बाद मार्केट एक रेंज में बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक नए ट्रिगर के अभाव में मार्केट फिलहाल कंसॉलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा मार्केट में ऊपरी स्तर पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। आने वाले दिनों में यानी दिसंबर तक कुछ नए ट्रिगर पर नजर रखनी चाहिए। गुजरात चुनाव के नतीजे बीजेपी के फेवर में आने पर निफ्टी 10,700 का लेवल छू सकता है। वहीं विपरीत नतीजे पर मार्केट 10,000 का लेवल भी देख सकता है।

 

 

इन ट्रिगर्स पर रहेगी मार्केट की नजर

 

#गुजरात चुनाव के नतीजे

स्टैलियन एसेट्स डॉट कॉम के सीआईओ अमीत जेसवानी का कहना है कि अभी मार्केट कंसोलिडेशन फेज में है। गुजरात चुनाव से मार्केट को उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि सट्टा बाजार में गुजरात में बीजेपी का पलड़ा भारी है। गुजरात में अगर बीजेपी जीतती है तो मार्केट का सेंटीमेंट्स और मजबूत होगा। गुजरात में वोटिंग 14 दिसंबर को खत्म होगी और 18 दिसंबर को काउंटिंग है।

 

वहीं ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन के मुताबिक, अब सितंबर क्वार्टर का रिजल्ट सीजन लगभग खत्म हो गया है। कंपनियों की अर्निंग का मार्केट पर इफेक्ट दिख चुका है। जैन ने कहा कि ट्रिगर के अभाव में ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। इन्वेस्टर्स की नजर गुजरात चुनाव पर है। गुजरात चुनाव में बीजेपी की जीत होती है तो मार्केट 11000 के लेवल को भी पार कर सकता है।

 

 

#ओपेक की बैठक पर नजर

ओपेक देशों की मीटिंग 30 नवंबर को होने की संभावनाहै। ओपेक देश, रूस और अन्य क्रूड प्रोड्यूसर देशों ने जनवरी से ही 1.8 मिलियन बैरल प्रति दिन क्रूड प्रोडक्शन कट किया हुआ है और यह डेडलाइन मार्च में खत्म हो रही है। इस डेडलाइन को बढ़ाने के लिए ओपेक देश रूस के साथ बैठक करने वाले है। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं मार्च में खत्म हो रही डेडलाइन को 9 महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस मीटिंग का भी मार्केट पर असर दिख सकता है।

 

 

#अगले महीने होने वाली आरबीआई की बैठक

आगामी 6 दिसंबर को आरबीआई की पॉलिसी मीटिंग होनी है। लेकिन क्रूड की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका से ब्याज दर में कटौती की संभावना कम हो गई है। इसका असर भी मार्केट पर दिखने को मिल सकता है।

 

आगे पढ़ें- ऐसे बनाएं निवेश की स्ट्रैटजी

ऐसे बनाएं निवेश की स्ट्रैटजी

एसएमसी इन्वेस्टमेंट्स एंड एडवाइजर्स लिमिटेड के रिसर्च हेड सचिन सर्वदे का कहना है कि कंसॉलिडेशन के दौर से गुजर रहे मार्केट में निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करना चाहिए। निवेशकों को गिरावट में इन्वेस्ट करना चाहिए और ऐसे स्टॉक्स में पैसे लगाने चाहिए, जिनके फंडामेंटल मजबूत हों।

वहीं जेसवानी ने इंफ्रा सेक्टर के स्टॉक्स में निवेश करने की सलाह दी है। इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए सरकार ने इंफ्रा पर फोकस बढ़ाया है। इसलिए इसमें निवेश किया जा सकता है।

 

 

(नोट-निवेश सलाह ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

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