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जिसके चंदे से पढ़कर बना PM, अब उसी के लिए बना नासूर

कोई सफल इंसान बन जाता है तो वह अपने इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करने वाले लोगों का ताउम्र शुक्रगुजार होता है

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नई दिल्‍ली। आमतौर पर जब कोई इंसान सफल बन जाता है तो वह अपने उस मुकाम तक पहुंचने में मदद करने वाले लोगों का ताउम्र शुक्रगुजार होता है और उसके एहसान को मानता है। लेकिन बहुत से लोग ऐसे नहीं होते हैं और वह अपने मददगार के लिए ही मुसीबत बन जाते हैं। आज हम एक ऐसे ही शख्‍स के बारे में बताने जा रहे हैं। यह शख्‍स साधारण नहीं बल्कि एक देश का प्रधानमंत्री है। जी हां, सही पढ़ा आपने। इस पीएम ने इन दिनों उस इंसान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिसने कभी उसकी पढ़ाई में मदद की थी।तो आइए, जानते हैं इस प्रधानमंत्री के बारे में। आगे पढ़ें - कौन है वो शख्‍स 
 
 
हंगरी के प्रधानमंत्री
 
दरअसल, यह शख्‍स यूरोपिए देश हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान हैं। इन दिनों  ओरबान ने हंगरी में जन्‍म लेने वाले अमेरिकी बिजनेसमैन और इन्‍वेस्‍टर जॉर्ज सोरोस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जॉर्ज सोरोस वही शख्‍स हैं जिन्‍होंने ' ओपन सोसायटी फाउंडेशन' की स्‍थापना की है। इस फाउंडेशन का मकसद लोगों को पढ़ाई, न्‍याय और स्‍वास्‍थ्‍य जैसी सुविधाओं में मदद करना होता है। दिलचस्‍प बात यह है कि हंगरी के प्रधानमंत्री ओरबान ने इसी फाउंडेशन की मदद से पढ़ाई की है।   आगे पढ़ें - कैसे मदद मिली
 
 
 

ऐसे मिली मदद

 

असल में हंगरी के प्रधानमंत्री ओरबान ने इंग्‍लैंड स्थित ऑक्‍सफोर्ड के पेमब्रोक कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की है। ओरबान को इस पढ़ाई के लिए जॉर्ज सोरोस के ‘ओपन सोसायटी फाउंडेशन' से स्‍कॉलरशिप मिली। ओरबान ने ऑक्‍सफोर्ड से पढ़ाई पूरी कर हंगरी की राजनीति में सक्रिय हो गए। आगे पढ़ें - अभी क्‍यों खोल रखा है मोर्चा 

 
क्‍यों खोल रखा है मोर्चा
 

एक वक्‍त दोस्‍त रहे हंगरी के प्रधानमंत्री और जॉर्ज सोरोस के बीच मनमुटाव लंबे समय से चल रहा था लेकिन अब खुलकर जुबानी जंग हो रही है। इस जंग की शुरुआत तब हुई जब सोरोस ने हंगरी में हो रहे भ्रष्‍टाचार, गरीबी और देश की एजुकेशन सिस्‍टम पर सवाल उठाए। इसके अलावा देश में मुसलमानों के प्रति हो रहे दुर्व्‍यवहार को भी जॉर्ज ने इंटरनेशनल मीडिया में उठाया है। पीएम ओरबान को उनका ऐसा करना अच्‍छा नहीं लगा क्‍योंकि 2018 में आम चुनाव होने वाले हैं।

 

 

 

 

जॉर्ज की मुसीबतें बढ़ीं

यही वजह है कि हंगरी के दक्षिणपंथी नेता ओरबान  और उनके मिनिस्‍टर्स ने जॉर्ज के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। इस विरोध की वजह से अलावा हंगरी में सक्रिए 'ओपन सोसायटी फाउंडेशन' को लेकर भी कई तरह की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। हालांकि स्‍थानीय मीडिया में लगातार हंगरी के पीएम को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और इससे उनकी छवि को भी धक्‍का लग रहा है।

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