टैक्स /टैक्स से राहत के लिए FPIs कंपनी के तौर पर करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन: वित्त मंत्री

Moneybhaskar.com

Jul 18,2019 06:30:07 PM IST

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि ट्रस्ट के तौर पर रजिस्टर्ड फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) को नया टैक्स सरचार्ज देना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड एफपीआई पर टैक्स रेट बढ़ने का असर नहीं पड़ेगा और एफपीआई ट्रस्ट के बजाय कंपनी के तौर पर फिर से अपना रजिस्ट्रेशन कराने पर विचार कर सकते हैं। वित्त मंत्री संसद में टैक्स से जुड़े सवालों पर बोल रही थीं। इस बीच लोकसभा में वित्त विधेयक, 2019 को मंजूरी मिल गई है।

99 फीसदी कंपनियों के घटेंगे टैक्स रेट

उन्होंने कहा कि फाइनेंस एक्ट के माध्यम से डायरेक्ट टैक्स अमेंडमेंट का उद्देश्य मेक इन इंंडिया को बढ़ावा देना है। इससे 99 फीसदी कंपनियों के लिए टैक्स रेट घट जाएंगे।

कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड एफपीआई पर नहीं पड़ेगा असर

उन्होंने बजट में एफपीआई पर प्रस्तावित टैक्स के संबंध में कहा कि एफपीआई को नया टैक्स सरचार्ज देना ही होगा। हालांकि वे अपनी कंपनियों के रूप में स्ट्रक्चरिंग के विकल्प को अपना सकते हैं और ट्रस्ट के तौर पर रजिस्टर्ड एफपीआई कंपनियों के रूप में अपने रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुन सकते हैं। उन्होंने कंपनी के तौर पर रजिस्टर्ड एफपीआई पर टैक्स रेट बढ़ने का असर नहीं पड़ेगा।

1 फीसदी टैक्स को एडजस्ट कर सकेंगे टैक्सपेयर्स

सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि बजट प्रस्तावों का उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स को बैंक से एक साल में एक करोड़ रुपए से ज्यादा कैश विदड्राल पर 1 फीसदी टीडीएस को अपनी टैक्स देनदारी से एडजस्ट करने की अनुमति दी जाएगी।


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