प्रस्ताव /लिमिट से ज्यादा बढ़ा NPA तो लिस्टेड बैंकों की बढ़ेंगी मुश्किलें, सेबी ने बदले डिस्क्लोजर नॉर्म्स

Moneybhaskar.com

Jul 18,2019 07:41:05 PM IST

नई दिल्ली. मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने एसेट्स की प्रोविजनिंग में डायवर्जेंस के संबंध में लिस्टेड बैंकों के लिए डिस्क्लोजर नॉर्म्स में संशोधन कर दिया है। सेबी ने 17 जुलाई को जारी सर्कुलर में कहा कि डिस्क्लोजर नॉर्म्स में बदलाव आरबीआई द्वारा संशोधित नियमों के मद्देनजर किए गए हैं।

स्टॉक एक्सचेंज में देने होंगे डिस्क्लोजर

सर्कुलर के मुताबिक, यदि ‘आरबीआई द्वारा एसेस किए गए एनपीए के लिए अतिरिक्त प्रोविजनिंग संबंधित अवधि के दौरान प्रोविजंस व आकस्मिक व्यय से पूर्व दर्ज प्रॉफिट की तुलना में 10 फीसदी से ज्यादा है’ तो लिस्टेड बैंकों को एसेट क्लासिफिकेशन और प्रोविजनिंग में डायवर्जेंस को स्टॉक एक्सचेंज में डिसक्लोज करना होगा। इससे पहले यह थ्रेशहोल्ड 15 फीसदी थी।
सेबी ने कहा कि इसके अलावा ‘आरबीआई द्वारा चिह्नित अतिरिक्त ग्रॉस एनपीए संबंधित अवधि के लिए पब्लिश्ड ग्रॉस एनपीए का 15 फीसदी से ज्यादा है’ तो ऐसी स्थिति में डिसक्लोजर अनिवार्य होगा।

आरबीआई ने जारी किया था नोटिफिकेशन

रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने अप्रैल के नोटिफिकेशन में बैंकों से कहा था कि यदि प्रोविजंस और आकस्मिक व्यय पूर्व प्रॉफिट की तुलना में अतिरिक्त प्रोविजनिंग 10 फीसदी से ज्यादा है तो उन्हें अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट में बैड लोन डायवर्जेंस का खुलासा करना होगा।


ऑडिटर के इस्तीफे पर सेबी सख्त

इसके अलावा सेबी ऑडिटर्स के इस्तीफे पर सख्ती के मूड में है। सेबी ने कंपनियों से ऑडिटर्स के इस्तीफों के मामले बढ़ने के बीच इसकी वजह बताने सहित कई सख्त डिस्क्लोजर्स का प्रस्ताव किया है।
इसके साथ ही ऑडिटर्स को संबंधित कंपनी से जानकारियां नहीं मिलने पर इस्तीफे के संंबंध में डिस्केलमर उपलब्ध कराना होगा। रेग्युलेटर ने लिस्टेड कंपनियों में ऑडिट कमेटियों की भूमिका को मजबूत बनाने और स्पष्टता लाने का भी प्रस्ताव किया है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.