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WhatsApp पर लिस्टेड कंपनियों की डिटेल्स लीक होने पर सेबी अलर्ट, शुरू की जांच

मार्केट रेग्युलेटर सेबी सोशल मीडिया पर कुछ बड़ी कंपनियों की डिटेल लीक होने के मामले में गंभीर है।

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नई दिल्ली. मार्केट रेग्युलेटर सेबी सोशल मीडिया पर कुछ बड़ी कंपनियों की डिटेल लीक होने के मामले में गंभीर है। सेबी ने कहा कि लिस्टेड कंपनियों के रिजल्ट और अन्य डिटेल सार्वजनिक होने से पहले सोशल मीडिया पर आने की शिकायतों की जांच की जा रही है। एक अधिकारी ने कहा कि यदि इन मामलों में ब्रोकरेज और लिस्टेड कंपनियों की लिप्तता पाई जाती है तो उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

 

 

SMS और WhatsApp पर लीक हुईं डिटेल

गौरतलब है कि कुछ महीनों से एसएमएस, प्राइवेट वाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से कई अहम लिस्टेड कंपनियों की डिटेल लीक होने के मामले सामने आए हैं। ऐसे भी खबरें आईं कि कुछ कंपनियों के रिजल्ट सार्वजनिक होने से पहले ही सोशल मीडिया पर आ गए थे। इनमें कुछ स्थापित ब्रोकरेज हाउस और एक्सचेंजेस के नाम का भी मिसयूज किया गया।

 

 

फाइनेंशियल डिटेल्स का हो रहा खुलासा

अधिकारी ने कहा कि सेबी कुछ मामलों में पहले ही कदम उठा चुका है, वहीं इस तरह की दूसरी गतिविधियों की भी जांच हो रही है। इसी तरह की जांच का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने लिखा कि प्राइवेट वाट्सऐप ग्रुप पर सर्कुलेट हो रहे मैसेजेस में लिस्टेड कंपनियों की फाइनेंशियल डिटेल्स को सार्वजनिक होने से पहले ही डिसक्लोज किया जा रहा है।

 

 

इन कंपनियों पर हो चुका है एक्शन

सेबी बिना रजिस्ट्रेशन के इन्वेस्टमेंट एडवाइज देने वाली कई कंपनियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई कर चुका है। इसमें एमसीएक्स बिज सॉल्युशंस, मनीवर्ल्ड रिसर्च एंड एडवाइजरी, ग्लोबल माउंट मनी रिसर्च एंड एडवाइजरी, ऑरेंज रिच फाइनेंशियल्स, गोकैपिटल, कैपिटल विला ग्लोबल रिसर्च और इम्त्याज हनीफ खांडा व वली मामाड हबीब घनीवाला शामिल हैं। सेबी ने स्कैमस्टर्स पर शिकंजा कसने के साथ ही इन मुद्दों पर इन्वेस्टर्स के बीच जागरूकता अभियान भी तेज किया है।

 

 

रजिस्टर्ड एडवाइजर्स के साथ ही जुड़ें इन्वेस्टर्स

अपने हाल के पब्लिक नोटिस में मार्केट रेग्युलेटर ने एसएमएस, सोशल मीडिया, वेबसाइट और अन्य पब्लिक मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से मिलने वाले अनचाहे टिप्प के आधार पर ट्रेडिंग के प्रति इन्वेस्टर्स को आगाह किया था। इसमें इन्वेस्टर्स से सिर्फ सेबी में रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और रिसर्च एनालिस्ट्स से जुड़ने के लिए भी कहा गया।

 

सेबी को मिला ट्राई का भी साथ

अगस्त में ही रेग्युलेटर को इस तरह के अनचाहे बल्क एसएमएस पर शिकंजा कसने के लिए टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई से भी मदद मिली थी, जिनके माध्यम से ज्यादा कमाई का झांचा देकर इन्वेस्टर्स को फंसाया जाता था।

बीते साल सेबी ने एसएमएस, वाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से मिलने वाले अनऑराइज्ड ट्रेडिंग टिप्स पर बैन लगाने के लिए एक कंसल्टेशन पेपर भी जारी किया था।

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