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इन 91 कंपनियों में न करें इन्वेस्टमेंट, SEBI ने जारी किया अलर्ट

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इन्वेस्टर्स को 91 कंपनियों में निवेश न करने की चेतावनी जारी की है।

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नई दिल्ली. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इन्वेस्टर्स को 91 कंपनियों में निवेश न करने की चेतावनी जारी की है। सेबी को इन कंपनियों में कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (सीआईएस) का पता चला है। ये स्कीम ऑफर करने वाली कंपनियां सेबी में पंजीकृत नहीं हैं। इसके अलावा कुछ कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने नियामक को इस ऑफर की जानकारी नहीं दी है। सेबी ने निवेशकों को सतर्क किया है, कि वो इन कंपनियों में इन्वेस्ट से बचें। मनी भास्कर आपको बता रहा है कि इन ऑफर के तहत इन्वेस्टर्स क्यों इन कंपनियों में पैसा न लगाएं।
 
 
91 कंपनियों के नाम किए सार्वजनिक
 
सेबी ने जनवरी 2011 से अब तक कुल 91 कंपनियों की सूची बनाई है। सेबी इस स्कीम को लेकर निदेशकों को पूंजी बाजार से प्रतिबंधित करने के आदेश जारी कर चुका है। सेबी ने इनकी सूची अपनी वेबसाइट सेबी डॉट जीओवी डॉट इन पर उपलब्ध कराई है। सेबी का कहना है कि लंबे समय से उसे इस तरह के ऑफर्स से फंड जुटाने की शिकायतें मिल रही थीं। 
 
क्या है कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम (सीआईएस)

अनरजिस्टर्ड, कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम (सीआईएस) एक तरह की फंड राइजिंग स्कीम है, जिसमें लोगों को पैसा लगाने के लिए कहा जाता है। इसके तहत कंपनियां फंड जुटाती हैं और निवेशकों को निश्चित रिटर्न की गारंटी देती हैं। 
 
आगे की स्लाइड में जानिए कितनी शिकायतें मिल चुकी हैं सेबी को....
 
तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
 
 
मिली हैं 500 से ज्यादा शिकायतें, निवेश की रकम पर जोखिम
 
सेबी का कहना है कि ये कंपनियां अनरजिस्टर्ड कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम चला रही हैं। सेबी को पिछले सालों में इस तरह की 500 से अधिक शिकायतें मिली हैं। शिकायतों के आधार पर सेबी ने कहा है कि कई छोटी कंपनियों ने प्राइवेट प्लेसमेंट की आड़ में एनसीडी के जरिए आम लोगों से पैसा उठाया है। ये कंपनियां रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी को सही जानकारी नहीं देती। इससे, इस तरह की स्कीम्स में निवेश करने वालों की रकम पर जोखिम बढ़ जाता है। एजेंसियों की बैठक में सेबी ने चिंता जताते हुए साफ कहा कि छोटी वित्तीय कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उन पर नजर रखने वाला कोई नहीं है।
 
क्या करें, अगर फंस चुके हैं
 
नियामक ने कहा है कि यदि ये कंपनियां धन जुटाते हुए पाई जाती हैं, तो निवेशक  सेबी और स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। यदि आपने इस तरह की स्कीम्स में पैसा लगा भी दिया है, तो सेबी को सही समय पर जानकारी देकर इससे बचा जा सकता है। 
 
 
आगे की  स्लाइड में जानिए कौन सी कंपनियां शामिल हैं इस लिस्ट में.....
 
 
 
ये कंपनियां हैं शामिल
 
सन प्लांट एग्रो
एनजीएचआई डेवलपर्स इंडिया
एमपीएस ग्रीनरी डेवलपर्स
सारधा रियल्टी इंडिया
आलकेमिस्ट इंफ्रा रियल्टी
रोज वैली होटल्स एंड एंटरटेनमेंट
साईं प्रसाद फूड लिमिटेड
साईं प्रसाद प्रॉपर्टी लिमिटेड
एनआईसीएल इंडिया लिमिटेड
गरिमा होम्स एंड फार्म्स हाउस लिमिटेड
एग्री गोल्ड फार्म्स एंड एस्टेट लिमिटेड
आरबीएन इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया लिमिटेड
श्री राम रियल एस्टेट एंड बिजनेस सोल्यूशन लिमिटेड
प्रोस्पेरिटी एग्रो इंडिया लिमिटेड
रिच इंफ्रा डेवलसर्स इंडिया लिमिटेड
 
पूरी लिस्ट जानने के लिए यहां क्लिक करें...
http://www.sebi.gov.in/cms/sebi_data/pdffiles/31647_t.pdf 
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