विज्ञापन
Home » Market » Stocksrakesh jhunjhunwala says indian economy will come back with a bang

उम्मीद / जोरदार वापसी करेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, राकेश झुनझुनवाला ने जताया भरोसा

भारत के वॉरेन बफे कहे जाते हैं झुनझुनवाला

rakesh jhunjhunwala says indian economy will come back with a bang
  • मीडियम से लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर खासे उत्साहित हैं झुनझुनवाला
  • कहा-5 साल तक चले बैंकिंग संकट, कम पूंजी खर्च और अहम सुधारों के बाद अब इकोनॉमी के हालात सुधरने शुरू हो गए हैं

 

नई दिल्ली. भारत के वॉरेन बफे (Warren Buffett of India) कहे जाने वाले अरबपति इन्वेस्टर राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि वह मीडियम से लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर खासे उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि 5 साल तक चले बैंकिंग संकट, कम पूंजी खर्च और जीएसटी (Goods and Services Tax) व डिमोनेटाइजेशन (demonetization) जैसे अहम सुधारों के बाद अब इकोनॉमी के हालात सुधरने शुरू हो गए हैं। देश के सबसे बड़े इन्वेस्टर माने जाने वाले झुनझुनवाला ने सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं।

धमाकेदार वापसी करेगा भारत

उन्होंने कहा कि सरकार ने कारोबार को सुगम बनाने (ease of doing business) की दिशा में कई कदम उठाए और अब ‘हमारा क्रेडिट कल्चर सुधर चुका है और सिस्टम में ईमानदारी दिख रही है।’ उन्होंने कहा, ‘चीन-अमेरिका में ट्रेड पर चल रहा टकराव भारत के लिए एक मौका है। मुझे इस बात की कोई वजह नहीं दिखती कि भारत आगे धमाकेदार वापसी करेगा।’

निकट भविष्य में 9% ग्रोथ की उम्मीद

झुनझुनवाला ने कहा कि मुझे निकट भविष्य में इकोनॉमिक ग्रोथ लगभग 8-9 फीसदी रहने की उम्मीद है और दीर्घावधि में यह 10 फीसदी के स्तर तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा, ‘हम आजादी के बाद हर दशक में अपनी विकास दर में बढ़त दर्ज की है। मुझे लगता है कि 2020 से 2030 तक भारत की विकास दर अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है।’

ग्रोथ के आंकड़ों पर उठे थे सवाल

झुनझुनवाला का भरोसा इसलिए भी अहम है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की चीफ इकोनॉमिस्ट सहित इन्वेस्टर्स और इकोनॉमिस्ट्स लगातार भारत के आधिकारिक विकास के आंकड़ों पर संदेह जाहिर कर रहे हैं। इससे पहले रॉयटर्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के सांख्यिकी मंत्रालय की एक डिवीजन ने जून, 2017 में समाप्त 12 महीने में पाया गया कि देश के जीडीपी की गणना में इस्तेमाल किए गए डाटाबेस में 36 फीसदी कंपनियों के बारे में पता नहीं लगाया जा सका या उनका गलत वर्गीकरण किया गया था। इससे पहले पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन भी भारत के ग्रोथ के आंकड़ों पर संदेह जाहिर कर चुके हैं। 
 

23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन