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रीकैपिटलाइजेशन से खत्म होगा PSU बैंकों का पेन

कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल का कहना है कि रीकैपिटलाइजेश प्लान से पीएसयू बैंकों में ग्रोथ आएगी।

Pain of PSU banks is nearing end after recapitalization plan: Expert
नई दिल्ली। हाल ही में सरकार ने पीएसयू बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन प्लान को मंजूरी दी है, जिसके तहत बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इस मुद्दे पर हमने कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल से बात की है। उनका कहना है कि इस कदम से लंबी अवधि में पीएसयू बैंक सेक्टर में अच्छी ग्रोथ दिख रही है। गुजरात इलेक्शन मार्केट के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है......
 

प्रश्‍न: सरकार ने पीएसयू बैंकों के लिए रीकैपिटलाइजेशन प्लान को मंजूरी दे दी है। इस कदम से पीएसयू बैंक सेक्टर के लिए किस तरह का आउटलुक देख रहे हैं?
जवाब: पीएसयू बैंकों के लिए रीकैपिटलाइजेशन प्लान को मंजूरी मिलने में कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन यह सेक्टर के लिए अच्छी खबर है। बेंकों के रिवाइवल के लिए पहले से भी एनपीए और मर्जर जैसे इश्‍यू पर सरकार काम कर रही है। ऐसे में अब रीकैपिटलाइजेशन प्लान से सेक्टर का आउटलुक बेहतर बना है। कहा जा सकता है कि पीएसयू बेंकों में पेन अब खत्म होने वाला है। यहां से लंबी अवधि के नजरिए से सेक्टर में अच्छी ग्रोथ दिख रही है। 
 
प्रश्‍न: रीकैपिटलाइजेशन प्लान के तहत सरकारी बैंकों को 2.11 करोड़ लाख रुपए दिए जाने हैं। क्या यह राशि इसके लिए पर्याप्त है? 
जवाब: बैंकों पर अभी करीब 8 लाख करोड़ रुपए का एनपीए है। इनमें से 4.55 लाख करोड़ की प्रोविजनिंग की जा चुकी है। इसे छोड़कर एनपीए करीब 3.45 लाख करोड़ रुपए बच रहा है। अगर 50 फीसदी हेयरकट हो तो फिर 1.73 लाख करोड़ की जरूरत है। वहीं, सरकार 2.11 लाख करोड़ रुपए बैंकों को देने जा रही है। ऐसे में यह राशि रीकैपिटलाइजेशन के लिए पर्याप्त दिख रही है।  

प्रश्‍न: बैंकों के रिवाइवल के लिए सरकार जिस तरह के कदम उठा रही है, उससे और किन सेक्टर को फायदा होगा?
जवाब: बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन से उन कंपनियों को फायदा हो सकता है, जिन पर भारी कर्ज है, मसलन आईएफसीआई, जेपी एसोसिएट्स, यूनिटेक, एचडीआईएल। ये कंपनियां आगे अच्छा कर सकती हैं। असल में बैंकों को सरकार से 2.11 लाख करोड़ की मदद मिलती है तो इन कंपनियों को कर्ज चुकाने के लिए बैंकों की ओर से कुछ और समय मिल सकता है। ये शेयर आगे अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। 
 
प्रश्‍न: गुजरात इलेक्शन आने वाले हैं, ऐसे में गुजरात का शेयर मार्केट पर कितना असर दिख रहा है?
जवाब: गुजरात इलेक्शन पर मार्केट की खास नजर है। अगर बीजेपी इलेक्शन बड़े मार्जिन से जीत जाती है तो इससे  मार्केट को बड़ा बूस्ट मिलेगा। इससे 2019 लोकसभा चुनाव में भी स्टेबल गवर्नमेंट के लिए सेंटीमेंट बनेगा। वहीं, अगर गुजरात में इसके उलट रिजल्ट आता है तो इससे मार्केट का सेंटीमेंट बिगड़ सकता है। 

प्रश्‍न: मार्केट के लिए आगे कौन से फैक्टर अहम साबित हो सकते हैं?
जवाब: अमेरिका में टैक्स रिफॉर्म होने वाले हैं। वहीं एफआईआई और यूएस फेड के अगले कदम पर मार्केट की खास नजर बनी हुई है। इसके अलावा नॉर्थ कोरिया इश्‍यू भी ग्लोबल फैक्टर है, जिससे मार्केट प्रभावित हो सकता है। डोमेस्टिक लेवल पर गुजरात इलेक्शन मार्केट को नई दिशा दे सकता है। 
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