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Share Bazar / लिस्टिंग नियमों का पालन नहीं करने पर NSE की बड़ी कार्रवाई, 250 कंपनियों पर लगाया जुर्माना

1000 रु से 4.5 लाख रु तक का लगाया जुर्माना

NSE fines 250 companies for non compliance with listing regulations
  • आईएलएंडएफएस ग्रुप की दो कंपनियों और जेट एयरवेज सहित 250 कंपनियों पर लगा जुर्माना
  • 250 कंपनियों पर कुल 8.84 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया 


नई दिल्ली. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने लिस्टिंग नियमों का पालन नहीं करने पर बड़ी कार्रवाई की है। एनएसई ने इसके चलते आईएलएंडएफएस ग्रुप की दो कंपनियों और जेट एयरवेज सहित 250 कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई 31 मार्च, 2019 को समाप्त तिमाही को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की है। एनएसई डाटा के मुताबिक, इसके तहत 250 कंपनियों पर 8.84 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है।

1000 रु से 4.5 लाख रु तक का लगाया जुर्माना

एनएसई ने कहा कि मार्केट रेग्युलेटर सेबी के सर्कुलर के आधार पर यह कार्रवाई की गई है, जिसके माध्यम से प्रोविजंस ऑफ (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस डिसक्लोजर रिक्वायरमेंट) रेग्युलेशंस के नॉन कंप्लायंस रोकने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर लागू किए गए थे। इसके माध्यम से कंपनियों पर 1,000 रुपए से 4.5 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया गया।

इन कंपनियों पर लगा 4.5 लाख रु का जुर्माना

इसके तहत अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, हिंदुस्तान कॉपर, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, ऑयल इंडिया और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन सहित 31 कंपनियों पर 4.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
इसके माध्यम से उन्हीं कंपनियों पर 4.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जो एलओडीआर रेग्युलेशंस के नियम 17 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। यह नियम बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के संयोजन से जुड़ा है।

सेबी ने पेश किया था नॉन-कंप्लायंस रोकने का मैकेनिज्म

सेबी ने मई, 2018 में लिस्टिंग की शर्तों के नॉन कंप्लायंस को रोकने का मैकेनिज्म पेश किया था, जहां एक्सचेंजेस को प्रमोटर शेयरहोल्डिंग को जब्त करने और यहं तक कि ऐसी डिफॉल्टिंग कंपनियों के शेयर डीलिस्ट कराने के अधिकार दिए गए थे।
इसके साथ ही एक्सचेंज नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनी पर जुर्माना लगा सकता है, ऐसी कंपनियों को ट्रेडिंग से प्रतिबंधित कैटेगरी में डाल सकता है और ऐसी कंपनियों के शेयरों की ट्रेडिंग को सस्पेंड कर सकता है।
 

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