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MF निवेशकों को अभी और मिलेगा फायदा, तुरंत जरूरत हो तभी निकालें निवेश

इक्विटी म्युचुअल फंड के निवेशकों को शेयर बाजार की तेजी से अभी डरने की जरूरत नहीं है। बाजार में तुरंत किसी बड़ी गिरावट की आशंका नहीं लग रही है, ऐसे में अभी निवेश निकालने की जल्दबाजी करना ठीक नहीं है।

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नई दिल्ली. इक्विटी म्युचुअल फंड के निवेशकों को शेयर बाजार की तेजी से अभी डरने की जरूरत नहीं है। बाजार में तुरंत किसी बड़ी गिरावट की आशंका नहीं लग रही है, ऐसे में अभी निवेश निकालने की जल्दबाजी करना ठीक नहीं है। सिर्फ ऐसे निवेशकों को अपना इनवेस्टमेंट निकालने के बारे में सोचना जिनको अगले कुछ माह में पैसों की जरूरत हो। म्युचुअल फंड बाजार के जानकारों की राय में अगर तीन से पांच साल तक और रुक सकते हैं तो और भी अच्छे रिटर्न पा सकते हैं।
 
म्युचुअल फंड में लोगों से पैसा एकत्र कर शेयर बाजार में लगाया जाता है। इसलिए जैसे ही शेयर बाजार ऊपर जाता है तो म्युचुअल फंड की योजनाएं अच्छ रिटर्न दिखाने लगती हैं। बीते एक साल में करीब 1 दर्जन योजनाओं का रिटर्न 50 फीसदी से ऊपर का रहा है, जबकि शेयर बाजार इतना नहीं चला है। यानी म्युचुअल फंड के निवेशकों को शेयर बाजार के सूचकांकों से भी ज्यादा का रिटर्न मिला है। इसीलिए अब काफी निवेशक चिंता में हैं कि वह अपने निवेश को बनाए रखें या पैसा निकाल कर सुरक्षित कर लें। 
  जानकारों की राय है कि लम्बे समय में शेयर बाजार और अच्छे रिटर्न देगा, लेकिन निवेशक के पास कितना समय है और उसकी क्या जरूरत है यह फैसला इसी बात निर्भर करता है। सिर्फ शेयर बाजार की तेजी के आधार पर निवेश निकालने का फैसला ठीक नहीं हो सकता है। 

तीन तरह से ले सकते हैं फैसले
 
म्युचुअल फंड के जानकारों की राय में निवेशकों को तीन तरह की श्रेणी में बांटा जा सकता है। एक तो वह हो सकते हैं जिनको अगले 6 माह से लेकर एक साल में पैसों की जरूरत हो। दूसरी तरह के वह निवेशक हो सकते हैं, जिन्हें पैसों की जरूरत एक या दो साल के बाद हो, लेकिन शेयर बाजार की तेजी डरा रही हो। तीसरी तरह वह निवेशक हैं जिनको अगले कई सालों तक पैसों की जरूरत न हो। 

अगली स्लाइड में जानें क्या करें निवेशक

 
 
 


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लम्बे समय के निवेशक पैसे न निकालें
 
वैल्यू रिसर्च के सीईओ धीरेन्द्र कुमार की राय है कि लम्बे समय के निवेशकों को अभी पैसा निकालने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। अगर उनकी सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान सिप चल रही है तो उसे भी चालू रखें। उनके अनुसार लम्बे समय में म्युचुअल फंड अच्छा रिटर्न देंगे। उनकी राय में सिप को किसी भी हाल में बंद न होने दें, क्योंकि लगातार निवेश के जहां निवेश की राशि बढ़ती है, वहीं फंड की अच्छी एवरेजिंग भी होती है। 

से साल में पैसों की जरूरत है तो यह हैं उपाए
 
च्वॉइस ब्रोकिंग के अध्यक्ष अजय केजरीवाल के अनुसार ऐसे लोग अपने निवेश का कुछ हिस्सा निकाल कर डेट फंड में डाल दें। अगले दो से तीन साल में कुछ ऐसे मौके जरूर आएंगे जब बाजार में कुछ समय की गिरावट दिख सकती है। उस समय इस डेट फंड में रखे पैसों का निवेश कर फायदा उठाया जा सकता है। वैसे निवेशक चाहें तो डेट फंड में डाले गए पैसों को धीरे धीरे निकाल कर हर माह नियोजित तरीके से फिर से इक्विटी फंड में निवेश कर अपनी पोजिशन को मजबूत कर सकत हैं।

तुरंत जरूरत वालों को निकाल लेना चाहिए निवेश
 
शेयर बाजार में तेज उतार चढ़ाव आता जाता रहता है। लेकिन यह लम्बे समय के निवेशकों का फर्क नहीं डालता है, क्योंकि बाजार लगातार बढ़ता रहता है। आज अगर सेंसेक्स 30 हजार पर है तो लगातार बढ़ते हुए ही आया है। इसलिए यह तो तय है कि इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश करने वालों को लम्बे समय में निवेश करने या निवेशित रहने पर अच्छा फायदा मिलेगा, लेकिन अगर पैसों की जरूरत अगले 6 माह से लेकर एक साल के अंदर पड़ने वाली है तो निवेश को निकाल लेना ही उचित है। शेयरखान में उपाध्यक्ष मृदुल कुमार वर्मा की राय में ऐसे लोगों को इक्विटी म्युचुअल फंड से पैसे निकाल कर डेट फंड में डाल देना चाहिए। इससे जहां उनके पैसे की सुरक्षा बढ़ जाएगी, वहीं बैंक की एफडी से ज्यादा रिटर्न भी मिल सकता है।  
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