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सरकार के कदमों से इन इंफ्रा कंपनियों के स्टॉक्स में आएगा उछाल

MARKET TEAM

Dec 31,2015 07:27:00 AM IST
नई दिल्ली। इंफ्रा सेक्‍टर में रिवाइवल के लिए केलकर समिति की सिफारिशों और एनआईआईएफ के गठन का असर स्‍टॉक मार्केट पर भी दिखाई देगा। अटके और बड़े इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स के लिए फंडिंग की राह आसान होने से जीएमआर इंफ्रा, लैंको इंफ्रा, रिलायंस इंफ्रा, आईवीसीआरएल और एचसीसी जैसी कंपनियों के स्‍टॉक्‍स में तेजी की उम्‍मीद है। बीते तीन माह में इन इंफ्रा कंपनियों के स्‍टॉक्‍स ने 50 फीसदी तक का रिटर्न दिया है।
केलकर समिति ने पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत इंफ्रा में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने और प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए कई सिफारिशें है। इसमें स्‍वतंत्र रेग्‍युलेटर बनाने, बिल्‍ड-ऑपरेट-ट्रांसफर टोल प्रोजेक्‍ट्स पर फोकस बढ़ाने और पीपीपी प्रोजेक्‍ट में प्राइवेट सेक्‍टर का इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ाने के सुझाव शामिल हैं। इसके अलावा, मंगलवार को सरकार ने 40,000 करोड़ रुपए का नेशनल इन्‍वेस्‍टमेंट एंड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर (एनआईआईएफ) फंड बनाया है। इससे अटके इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स के लिए फंडिंग का रास्‍ता साफ हो गया।
इंफ्रा स्‍टॉक्‍स पर क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट
  • मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बालिगा का कहना है कि इंफ्रा सेक्टर को लेकर सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसका असर भी कंपनियों पर देखने को मिला है। बीते तीन महीने में स्टॉक्स 50 फीसदी तक चढ़ गए हैं। आने वाले समय में भी इन स्‍टॉक्‍स में तेजी की उम्‍मीद है। क्‍योंकि, इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स के लिए फंडिंग आसान होने से यह समय पर पूरे हो जाएंगे, जिससे इंफ्रा कंपनियों की आमदनी और मुनाफा में अच्‍छी ग्रोथ मिलेगी।
  • फिनेथिक वेल्थ के हेड विवेक नेगी का कहना है कि केलकर समिति की सिफारिशों के तहत जीरो कूपन बॉन्‍ड यानी बिना ब्‍याज के बॉन्‍ड जारी करने की इजाजत मिलती है, तो इंफ्रा के लिए फंडिंग आसान हो जाएगी। कंसोर्सियम के जरिए इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स के लिए आसान शर्तों पर लोन मिल सकेगा। इनका इंफ्रा कंपनियों के स्‍टॉक्‍स पर आने वाले समय में पॉजिटिव असर होगा।
  • डेस्टीमनी सिक्युरिटी के हेड सुदीप बंदोपाध्याय का कहना है कि सरकार ने इंफ्रा स्ट्रक्चर पर खर्च काफी बढ़ाया है। इंफ्रा शेयरों में काफी संभावनाएं दिख रही हैं। सुदीप बंदोपाध्याय के मुताबिक अगले 6-12 महीने में रेलवे में बहुत काम होगा। ऐसे उन इंफ्रा कंपनियों में निवेश फायदेमंद रहेगा जिनका रेलवे के साथ संबंध है।
  • फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर कहते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर आई सिफारिशें पॉजिटिव है। अगर सरकार इन सिफारिशों को लागू करती है, इंफ्रा कंपनियों पर इसका सकारात्मक असर होगा। अब रिजर्व बैंक भी इस सेक्टर पर फोकस कर रहा है। कर्ज की लागत घटने और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग की योजना से पूरे सेक्टर को फायदा मिला है। अगर इन कंपनियों ने कैश फ्लो का मैनेजमेंट कर लिया, तो आने वाले समय में इनमें अच्छी तेजी की संभावना है। भविष्य में ये सेक्टर कई अवसर लेकर आएगा। इस सेक्टर में वो ही कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी जो कर्ज घटा रही है और कैश फ्लो ठीक से कर पा रही हैं।
अब क्या करें इन्वेस्टर्स
1.सिंप्लेक्स इंफ्रा खरीदें, 450 रुपए
आईसीआईसीआई डायरेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक सिंप्लेक्स अगले 5 साल में अच्छा प्रदर्शन करेगी। मैनेजमेंट का मानना है कि इस साल 500 करोड़ रुपए की रिकवरी होगी। वहीं अगले साल 700 करोड़ रुपए की रिकवरी होगी। कंपनी का कुल बकाया 3200 करोड़ रुपए का है और जो ज्यादातर बिजली कंपनियों पर है। कंपनी की रिकवरी और वर्किंग कैपिटल सुधरने से मुनाफा बढ़ रहा है। सिंप्लेक्स इंफ्रा को सरकार के काम में तेजी से वर्किंग कैपिटल की दिक्कत कम हो गई हैं और वित्त वर्ष 2017 में बिक्री 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। सिंप्लेक्स इंफ्रा में प्रोमोटर्स का हिस्सा 56 फीसदी है और इसके कोई शेयर गिरवी नहीं हैं। एफआईआई के पास 6 फीसदी हिस्सा है और डीआईआई के पास 23.79 फीसदी हिस्सा है। डीआईआई ने बीते एक साल में सिंप्लेक्स इंफ्रा में 5.5 फीसदी हिस्सा बढ़ाया है।
2.जीएमआर इंफ्रा खरीदें, लक्ष्य 36 रुपए
प्रेसिजन इन्वेस्टमेंट के एनालिस्‍ट किरण जाधव का कहना है कि जीएमआर इंफ्रा का चार्ट अच्छा दिख रहा है। जीएमआर इंफ्रा में मौजूदा स्तरों पर खरीदारी की जानी चाहिए। अगले 6 महीनें में जीएमआर इंफ्रा में 36 रुपए के स्तर देखने को मिल सकते हैं। इस खरीद के लिए 14 रुपए के स्टॉपलॉस की सिफारिश होगी।
3.रिलायंस इंफ्रा खरीदें
मोतीलाल ओसवाल के टेक्निकल एनालिस्‍ट भाविन देसाई का कहना है कि रिलायंस इंफ्रा में अगर और गिरावट आती है तो ही खरीददारी कर सकते हैं। पावर, इंफ्रा सेक्टर में इस समय कुछ उतार चढ़ाव देखा जा रहा है तो शेयरों में सतर्क रहकर काम करें तो बेहतर होगा।
अगली स्लाइड में पढ़िए- कैसा रहा इंफ्रा स्टॉक्स का प्रदर्शन....
इंफ्रा स्टॉक्स ने तीन माह में दिया 50% तक रिटर्न स्टॉक तीन महीने में रिटर्न लैंको इंफ्रा 50% रिलायंस इंफ्रा 46% आईवीसीआरएल 24% जीएमआर इंफ्रा 22% एचसीसी 35% सिंप्लेक्स इंफ्रा 15% एलएंडटी -11% इंफ्रा में बढ़ा सरकारी खर्च जर्मन के डायचे बैंक ने एक क्लाइंट नोट में लिखा है कि प्लान्ड एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स की कंपनियों हो रहा है। वित्त वर्ष 2015-16 के पहले दो महीने में सरकारी खर्च की जो रफ्तार दिखी है, उससे आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों की कमाई पर साफ असर दिखा है। इकोनॉमी में रिवाइवल के लिए सरकारी खर्च में बढ़ोतरी जरूरी है, क्योंकि प्राइवेट सेक्टर फ्रेश इनवेस्टमेंट अभी नहीं कर रहे हैं। इंफ्रा कंपनियों के नतीजों में आया सुधार इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के प्रदर्शन में तीन साल के बाद सुधार देखने को मिल रहा है। देश की बड़ी इंफ्रा कंपनी लैंको इंफ्रा ने 12 तिमाही के बाद मुनाफा दर्ज किया है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 89 करोड़ रुपए के घाटे से 6 करोड़ रुपए के मुनाफे में पहुंच गई है। इसके अलावा एचसीसी, रिलायंस इंफ्रा का मुनाफे में 30 फीसदी तक की ग्रोथ देखने को मिली है।
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