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अर्निंग घटने से दबाव में फार्मा सेक्‍टर, लॉन्‍ग टर्म के नजरिए से निवेश की सलाह

फाइनेंशियल ईयर 2018 की दूसरी तिमाही फार्मा सेक्टर के लिहाज से दबाव वाला रहा है।

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नई दिल्ली. फाइनेंशियल ईयर 2018 की दूसरी तिमाही फार्मा सेक्टर के लिहाज से दबाव वाला रहा है। दूसरी तिमाही में कंपनियों की अर्निंग कमजोर रही है। टॉप कंपनियों खासतौर से यूएस बिजनेस वाली कंपनियों का रेवेन्यू और मुनाफा कमजोर रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय फार्मा कंपनियों के लिहाज से कमजोर यूएस मार्केट, जीएसटी, कई प्रोडक्ट्स को अप्रूवल न मिलने और कीमतें कम होने से सेक्टर पर दबाव है। यह दबाव अभी अगले 3 तिमाही तक रह सकता है। हालांकि, बॉटम पर आ चुके अच्छे शेयरों में लंबी अवधि के लिहाज से निवेश का भी मौका बना है।

 

 

दूसरी तिमाही में खराब रही अर्निंग

 

कंपनी   रेवेन्यू मुनाफा
सनफार्मा 15% गिरा 64% गिरा
अरबिंदो फार्मा 29% बढ़ा 19% बढ़ा
सिप्ला 12% बढ़ा 17.7% बढ़ा
ल्यूपिन 8% गिरा 31% गिरा
डॉ रेड्डीज 1.6% गिरा 1.1% गिरा
डिवाइस लैब 12% गिरा 8% गिरा
ग्लेनमार्क  फ्लैट 4.2% गिरा 
कैडिला 34% बढ़ा 33% बढ़ा

                              

 

इन वजहों से सेक्टर पर दबाव

फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि भारतीय कंपनियों के लिहाज से दूसरी तिमाही में यूएस मार्केट कमजोर रहा है। प्लांट को लेकर यूएस एफडीए कंसर्न, जेनेरिक ड्रग्स को लेकर बढ़ते कॉम्पिटीशन से कीमतें 15 फीसदी तक कम होने, नई लॉन्चिंग के पाइपलाइन में फंसे रहने और घरेलू स्तर पर जीएसटी की वजह से दूसरी तिमाही में फार्मा कंपनियों की सेल्स प्रभावित रही है। यूएस मार्केट से फार्मा कंपनियों की सेल्स 40 फीसदी तक डाउन रही हैं। वहीं, कंपनियों का मुनाफा 64 फीसदी तक गिरा है।

 

अगली 3 तिमाही तक रहेगा असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फार्मा सेक्टर को लेकर यूएस मार्केट और घरेलू स्तर पर जो चिंताएं हैं, उसका असर अगले 6 से 9 महीनों तक दिख सकता है। घरेलू स्तर पर जीएसटी का असर अगले तिमाही तक कम होगा। वहीं, प्राइ कंट्रोल को लेकर भी चिंताएं कम हुई हैं। हालांकि यूएस फार्मा लॉबी का दबाव कंपनियों पर होगा। यूएस फार्मा लॉबी की मांग है कि भारतीय कंपनियां यूएस में भी प्लांट लगाएं या एक्सपोर्ट टैक्स दें। वहीं, कई प्रोडक्ट को मंजूरी मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। कीमतें के स्‍टेबल होने में समय लग सकता है। फिलहाल अभी दबाव रहेगा।

 

फार्मा के लिए ये फैक्टर हैं पॉजिटिव

कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल का कहना है कि अच्छी बात यह है कि फार्मा कंपनियां डोमेस्टिक मार्केट पर फोकस बढ़ा रही हैं। वहीं, वैल्युएशन को लेकर भी कोई चिंता नहीं है। मार्केट की तेजी में भी फार्मा शेयर सस्ते हैं। आगे जैसे-जैसे यूएस मार्केट में कंसर्न दूर होगा, कंपनियों में अर्निंग स्टोरी दिखने लगेगी। फिलहाल लंबी अवधि के लिहाज से निवेश किया जा सकता है।

 

सिप्ला
टारगेट: 700

कंपनी का डोमेस्टिक बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में डोमेस्टिक सेल 12 पीसदी बढ़कर कुल रेवेन्यू की 40 फीसदी हो गई है। मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि यूएस बिजनेस में कंपनी पर प्राइसिंग प्रेशर खत्म हुआ है। वहीं, घरेलू स्तर पर जीएसटी से रिकवरी है। कंपनी का अफ्रीका बिजनेस भी बढ़ा है। कुछ प्रोडक्ट के मामले में कंपनी मार्केट लीडर बन गई है, वहीं कुछ नए प्रोंडक्ट आने वाले हैं, जिसका फायदा कंपनी को होगा। फिलहाल ब्रोकरेज हाउस सेंट्रम ने शेयर के लिए 700 रुपए का लक्ष्‍य दिया है। शेयर का करंट प्राइस 593 रुपए है। 

 

 

ल्यूपिन
टारगेट: 1140

ल्यूपिन का यूएस बिजनेस कमजोर हुआ है, लेकिन दूसरे देशों में कंपनी की अच्छी ग्रोथ रही है। कंपनी ने डोमेस्टिक बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है, जिससे डोमेस्टिक बिजनेस में 16 फीसदी ग्रोथ रही है। भारत के अलावा ब्राजील, मैक्सिको, जापाना और फिलीपींस में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मार्जिन परफॉर्मेंस बेहतर है। कुछ नए प्रोडक्ट पाइपलाइन में हैं, जिनके मार्केट में आने से कंपनी को फायदा होगा। यूएस में भी रिकवरी के लिए मैनेजमेंट लगातार काम कर रहा है। फिलहाल ब्रोकरेज हाउस जेएम फाइनेंशियल ने शेयर के लिए 1140 रुपए का लक्ष्‍य दिया है। शेयर का करंट प्राइस 828 रुपए है। 

 

 

डॉ रेड्डीज
टारगेट: 3450 

पिछले एक साल से अप्रूवल, रेग्युलेटरी इश्‍यू और बढ़ती प्रतियोगिता की वजह से कंपनी पर दबाव रहा है। वित्त वर्ष 2017 में यूएस रेवेन्यू 17 फीसदी गिरा है। लेकिन, अब कंपनी ने यूएस बिजनेस के साथ डोमेस्टिक बिजनेस के लिए क्लीयर रोडमैप तैयार किया है। कंपनी की कुछ जेनेरिक और बॉयो सिमिलर्स पाइपलाइन में हैं, जो जल्छ लॉन्च होंगे। कंपनी में रिवाइवल की स्थिति बनी है। फिलहाल ब्रोकरेज हाउस दोलत कैपिटल ने शेयर के लिए 3450 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। मौजूदा प्राइस 2334 रुपए है। 

 

 

और किन शेयरों में करें निवेश 
 

 

डिवाइस लैब

टारगेट: 1275 
यूएस एपडीए ने कंपनी को बताया है कि विशाखापत्तनम के यूनिट 2 के लिए इंपोर्ट अलर्ट 66-40 हटाया जाएगा। यूनिट के ऑब्जर्वेशन के बाद यह अलर्ट यूएस एफडीए ने जारी किया था। इंपोर्ट अलर्ट हटाया जाना डिवाइस लैब के लिए पॉजिटिव खबर है। इससे कंपनी को अपना बिजनेस इंप्रूव करने में मदद मिलेगी। कंपनी के नतीजे दबाव में रहे हैं, लेकिन मैनेजमेंट को उम्मीद है कि आगे अच्छी ग्रोथ रहेगी। फिलहाल ब्रोकरेज हाउस शेयरखान ने 1275 रुपए के लक्ष्‍य के साथ शेयर में निवेश की सलाह दी है। शेयर का करंट प्राइस 1005 रुपए है। 

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