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IT कंपनियों ने MF इन्वेस्टर्स को दिया झटका,1 साल में 16% का हुआ नुकसान

आईटी कंपनियों की बढ़ती दिक्कतें म्युचुअल फंड इन्वेस्टर्स पर भारी पड़ रही हैं। टेक्नॉलाजी कंपनियों में निवेश करने वाली म्युचुअल फंड स्कीम्स ने पिछले एक साल में 16 फीसदी तक का निगेटिव रिटर्न दिया है।

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नई दिल्ली. आईटी कंपनियों की बढ़ती दिक्कतें म्युचुअल फंड इन्वेस्टर्स पर भारी पड़ रही हैं। इस सेक्टर की कंपनियों में निवेश करने वाली म्युचुअल फंड स्कीम्स में निवेश की गई रकम 16 फीसदी तक घट चुकी है। दुनिया में जिस तरह से कई बड़े देश विदेशी कंपनियों के लिए अपने दरवाजे बंद कर रहे हैं, उससे आईटी कंपनियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपए की मजबूती भी आईटी कंपनियों की दिक्कतें बढ़ा रही हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभी इन ऐसे फंड से दूर ही रहना चाहिए।
 
 
इस वक्त शेयर बाजार अपने उच्चतम स्तर के आसपास बना हुआ है। ज्यादातर सेक्टर की म्युचुअल फंड स्कीम्स निवेशकों को अच्छा खासा रिटर्न दे रही हैं। दर्जनों स्कीम्स ने पिछले एक साल में 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। लेकिन आईटी फोकस्ड म्युचुअल फंड ने पिछले एक साल में‍ इन्वेस्टर्स को घाटा दिया है। इस सेक्टर में करीब एक दर्जन स्कीम्स हैं, जिनमें से किसी ने भी पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया है। सबसे ज्यादा नुकसान डीएसपी टेक्नॉलाजी फंड ने दिया है। इस फंड ने पिछले एक साल में 16.7 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। 
अमेरिका H-1B वीजा को लेकर दिक्कतें
 
अमेरिका H-1B वीजा को लेकर कड़े नियम लागू कर रहा है। इसमें न्यूनतम वेतन की शर्त को बढ़ाकर 1,30,000 डॉलर की जा रही है। ऐसा होने से भारतीय कंपनियां अमेरिका में अपने कम वेतन वाले कर्मचारी नहीं भेज पाएंगी। महंगे कर्मचारी रखने से कंपनियों की कॉस्ट बढ़ेगी और आईटी कंपनियों का मुनाफ घटेगा। यह समस्या धीरे-धीरे अमेरिका के अलावा अन्य देशों में भी बढ़ रही है। ऑस्ट्रेलिया ने भी अपने यहां वीजा के नियम कड़े कर दिए हैं। यह भी भारतीय आईटी कंपनियों के हित में नहीं है। 
 
अगली स्लाइड में जानें आखिर क्यों निकलना चाहिए इन्वेंस्टर्स को 
म्युचुअल फंड कंपनियों ने बेचे आईटी कंपनियों के शेयर 
 
यही कारण है कि भारतीय आईटी कंपनियों का मुनाफा घट रहा है। हाल ही में अपने चौथे तिमाही के रिजल्ट में इन्फोसिस का मुनाफा घटा है। यही आशंका दूसरी आईटी कंपनियों की तरफ से भी जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि यह समस्या अभी कुछ तिमाही तक दूर होती नहीं लग रही है। इसके चलते MF कंपनियां अपने पोर्टफोलियो से आईटी कंपनियों के शेयर कम कर रही हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2017 में म्युचुअल फंड ने करीब 1500 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। 
 
इन स्कीम्स से निकलना ही बेहतरः एक्सपर्ट
 
च्वाइस ब्रोकिंग के प्रेसिडेंट अजय केजरीवाल के मुताबिक पिछले कुछ समय से आईटी कंपनियां दिक्कत में हैं। अगर कोई इन्वेस्टर ऐसी म्युचुअल फंड योजनाओं में हैं तो उसे निकल जाना चाहिए। हालांकि घाटे में निकलना कठिन फैसला होता है, लेकिन ऐसे कठिन फैसले निवेशकों को लेने चाहिए। यह पैसा कहीं और निवेश करके अपने घाटे की भरपाई की जा सकती है। 
 
कुछ ऐसी ही राय बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम की भी है। इनका कहना है कि इन फंड्स में अगली कुछ तिमाही में अच्छा रिटर्न मिलने का अनुमान नहीं है। ऐसे में या तो निवेशक इन फंड्स को बेचें या फिर हर महीने कुछ न कुछ पैसों का निवेश और शुरू करें। हालांकि ये दोनों की फैसले कठिन हैं। लेकिन कोई फैसला न लेना और स्कीम्स को ऐसे ही छोड़ देना अच्छा फैसला नहीं होगा। अगर निवेशक के पास पैसा है, और कम से कम तीन साल और निवेश कर सकता है तो उसे हर महीने निवेश यानी सिप माध्यम से निवेश शुरू कर देना चाहिए। अगर इतने लंबे समय तक निवेश नहीं किया जा सकता है, तो बेहतर फैसला ऐसी स्कीम्स से निकल जाना ही है।
 
 
निगेटिव रिटर्न देने वाली टॉप 5 MF की स्‍कीम्‍स    
 
स्‍कीम्‍स का नाम एएमयू 1 साल का रिटर्न  
डीएसपी टेक्‍नॉलाजी 38.72 -16.7
टाटा डिजिटल इंडिया फंड 37.06 -15.6
एसबीआई आईटी फंड 49.16 -10.0
आईसीआईसीआई प्रू टेक फंड 261.29 -9.9
बिड़ला न्‍यू मिलेनियम ग्रो‍थ 61.79 -8.4
(डाटा 20 अप्रैल 2017 तक का, आसेट अंडर मैनेजमंड (एएमयू) करोड़ रुपए में, रिटर्न फीसदी में)
 
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