• Home
  • Patanjali sales growth raises pressure on small FMCG companies

कॉम्पिटीशन बढ़ने और मांग में सुस्ती से FMCG पर दबाव

Market Team

Apr 03,2016 08:16:00 AM IST
नई दिल्ली। ग्रामीण इलाकों में मांग में गिरावट और पतंजलि आर्युवेद जैसी नई कंपनियों की सेल्स की तेज ग्रोथ से FMCG सेक्टर की लिस्टेड कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया है। छोटी कंपनियों की सेल्स से लेकर उनके शेयर के प्रदर्शन पर इसका दबाव साफ देखने को मिल रहा है। हालांकि मानसून को लेकर मिल रहे शुरुआती संकेतों के साथ पे-कमीशन और बजट प्रस्तावों की वजह से एफएमसीजी सेक्टर को आगे बेहतर ग्रोथ की उम्मीदें भी हैं।
लिस्टेड कंपनियों की सेल्स के करीब पहुंची पतंजलि
पतंजलि आयुर्वेद के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जनवरी 2016 के बीच कंपनी की कुल बिक्री 3,267 करोड़ रुपए रही है जो पिछले साल के मुकाबले 106 फीसदी बढ़ी है। इसके मुकाबले मैरिको की 9 महीने की आय 3,903 करोड़ रुपए और गोदरेज कंज्यूमर की आय 3,585 करोड़ रुपए रही है। वहीं डाबर की तीन क्वार्टर में आय 4,233 करोड़ रुपए रही है। फिलहाल पतंजलि की 3 सेग्मेंट में पकड़ मजबूत हो रही है। इसमें घी, टूथपेस्ट और हेयर ऑयल शामिल हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे में एफएमसीजी सेक्टर की ऐसी कंपनियां जिनकी आय का बड़ा हिस्सा मिल्क प्रोडक्ट, टूथपेस्ट और हेयर केयर से आ रहा है, उनके कारोबार पर असर देखने को मिल सकता है। वहीं इस दौरान पूरे एफएमसीजी सेक्टर की सेल्स ग्रोथ दस फीसदी से भी कम बनी हुई है। पिछले साल औसत से कम मानसून की वजह से ग्रामीण इलाकों में मांग पर दबाव रहा जिससे पूरे सेक्टर की सेल्स ग्रोथ प्रभावित हुई है।
क्या होगा एफएमसीजी कंपनियों पर असर
माईस्टॉक रिसर्च के हेड लोकेश उप्पल के मुताबिक पतंजलि की मौजूदगी से एफएमसीजी सेक्टर की कंपनियों पर असर देखने को मिल सकता है। हालांकि बड़ी और स्थापित कंपनियों के मामले में यह कुछ खास नहीं होगा। उप्पल के मुताबिक बड़ी कंपनियों की अपने मार्केट पर मजबूत पकड़ है। उनके ब्रांड फेमस हैं, साथ ही इन कंपनियों के लिए ऐसी चुनौतियों से सामना करना नई बात नहीं है। वहीं ट्रेड स्विफ्ट ब्रोकिंग के सीईओ संदीप जैन के मुताबिक पतंजलि की ग्रोथ रफ्तार से एफएमसीजी कंपनियों की चिंता बढ़ी है, हालांकि सही तस्वीर का पता कुछ समय बाद ही सामने देखने को मिलेगा। उनके मुताबिक इस बात की पूरी संभावनाएं हैं कि बेहतर स्ट्रैटजी के साथ काम करने वाली बड़ी एफएमसीजी कंपनियां इस दौरान नई रणनीति के साथ अपना मार्केट बचाने के लिए उतर सकती हैं। ऐसे में निवेशकों को एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में अपना भरोसा बनाए रखना चाहिए। वहीं, बोनांजा पोर्टफोलियो के एवीपी रिसर्च पुनीत किनरा के मुताबिक पतंजलि की ग्रोथ का असर देखने के लिए एक से दो क्वार्टर और इंतजार करना होगा। इसके साथ ही ये देखना होगा कि दूसरी कंपनियां इस दौरान क्या प्रदर्शन करती हैं।
अगली स्लाइड में पढ़िए-किन शेयरों में कर सकते हैं निवेश
कहां करें निवेश फिनेथिक वैल्थ सर्विसेज के वी के नेगी के मुताबिक सातवें पे कमीशन और बजट ग्रामीण इलाकों के लिए उठाए गए कदमों का फायदा सीधा फायदा एफएमसीजी सेक्टर पर देखने को मिलेगा। उनके मुताबिक एक बड़े तबके के पास खर्च करने की रकम बढ़ने से एफएमसीजी गुड्स की सेल्स बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इससे कंपनियों और उनके शेयर को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। साथ ही इस साल मॉनसून को लेकर स्काईमैट के शुरुआती अनुमानों के सकारात्मक रहने से भी सेंटीमेंट्स बेहतर हुए हैं। वहीं मानसून को लेकर शुरुआती संकेतों के बेहतर रहने से भी सेक्टर की उम्मीदें बढी हैं। एंजेल ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक अगर मानसून सामान्य रहता है तो ग्रामीण इलाकों में लोगों की आय बढ़ने का जिन सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा उनमें एफएमसीजी सेक्टर शामिल होगा। किन शेयरों में कर सकते हैं निवेश मोतीलाल ओसवाल ने आईटीसी में 365 के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है। इसके साथ एंजेल ब्रोकिंग ने नेस्ले में 6,646 और टाटा ग्लोबल 144 के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है। उप्पल ने एचयूएल, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और आईटीसी में मध्यम से लंबी अवधि के निवेश की सलाह दी है। उप्पल ने एचयूएल में 920 रुपए का लक्ष्य दिया है। वहीं, गोदरेज कंज्यूमर के लिए 1500 और आईटीसी के लिए 340 का लक्ष्य दिया है। जैन ने सलाह दी है कि निवेशक मैरिको, डाबर और बजाज कॉर्प में निवेश कर सकते हैं। किनरा ने सलाह दी है कि निवेशक 275 के लक्ष्य के साथ मैरिको में निवेश कर सकते हैं।
X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.