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FPI ने नवंबर में इंडियन कैपिटल मार्केट में इन्वेस्ट किए 17209 करोड़

फॉरेन इन्वेस्टर्स ने इस महीने अब तक इंडियन कैपिट मार्केट में 2.6 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किए हैं।

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नई दिल्ली. फॉरेन इन्वेस्टर्स ने इस महीने अब तक इंडियन कैपिट मार्केट में 2.6 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किए हैं। सरकार द्वारा बैंकों के लिए रिकैपिटलाइजेशन प्लान और ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में भारत की रैंकिंग में सुधार एफपीआई का निवेश बढ़ा है। पिछले महीने से इंडियन कैपिटल मार्केट में यह 19000 करोड़ रुपए से ज्यादा नेट इंफ्लो है। इसके पहले, एफपीआई ने सितंबर में 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा मार्केट से निकाले थे।

 

754 करोड़ डेट में लगाए

डिपॉजिटरी डाटा के मुताबिक, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने 1 से 24 नवंबर के दौरान इक्विटी में 16,455 करोड़ रुपए का निवेश किया है। वहीं इस दौरान उन्होंने 754 करोड़ रुपए डेट मार्केट में इन्वेस्ट किए हैं। कुल मिलाकर एफपीआई का निवेश 17,209 करोड़ रुपए रहा। एफपीआई ने इस साल अब तक स्टॉक्स में 53,800 करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने डेट मार्केट में 1.46 लाख करोड़ रुपए डाले हैं।

 

सरकार के रिफॉर्म्स का मिला फायदा

मॉर्निंगस्टार इंडिया के सीनियर एनालिस्ट मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, इस निवेश के लिए हाल के कुछ पॉजिटिव डेवलपमेंट्स को श्रेय दिया जा सकता है। इसमें से एक सरकार द्वारा सरकारी बैंकों में और पूंजी डालने का फैसला शामिल है। जिससे इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक के ईज ऑफ डूइंग इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में सुधार से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है।

 

इसके अलावा अमेरिकी ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज द्वारा नवंबर में भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने का भी फायदा मिला है। मूडीज ने करीब 13 साल बाद भारत की रेटिंग Baa3 से बढ़ाकर Baa2 की है। GST समेत मोदी सरकार की ओर से इकोनॉमिक रिफॉर्म के लिए उठाए गए कदमों से भारत में ग्रोथ की रफ्तार बनी रहने की संभावना है।

 

2.11 लाख करोड़ का बैंक रिकैपटिलाइजेशन प्लान
24 अक्टूबर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पीएसयू बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपए रिकैपिटलाइजेशन प्रोग्राम की घोषणा की थी। इसके लिए 1.35 लाख करोड़ रुपए रिकैप बॉन्ड से और बाकी की रकम मार्केट्स और बजटीय सपोर्ट द्वारा जुटाए जाएंगे।

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