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गूगल ने 'सैंडविच' के सहारे बचा लिए 1.25 लाख करोड़, ऐसे किया खेल

गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने शेल कंपनी के जरिए 1.25 लाख करोड़ रुपए (1920 करोड़ डॉलर) बचा लिए हैं।

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नई दिल्ली. सिर्फ अपने ही देश में की ही नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भी टैक्स बचाने के लिए एक से एक ट्रिक्स अपनाती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने शेल कंपनी के जरिए 1.25 लाख करोड़ रुपए (1920 करोड़ डॉलर) का टैक्स बचा लिया है। आइए जानते हैं कंपनी ने कैसे किया खेल।

 

कर कानून की खामी का उठाया फायदा

 

- नीदरलैंड्स रेग्युलेटर की फाइलिंग के अनुसार, गूगल ने आयरिश टैक्स कानूनों में 'डबल आयरिश' और 'डच सैंडविच' जैसी खामियों का फायदा उठाकर 2016 में एक मुखौटा कंपनी में निवेश किया। बतौर रेग्युलेटर, इससे गूगल ने 1.25 लाख करोड़ रुपए का टैक्स बचाया है।

- डच न्यूजपेपर की रिपोर्ट के मुताबिक, डच चैंबर ऑफ कॉमर्स की फाइलिंग में 2016 में इस टैक्स स्ट्रक्चर का उपयोग कर गूगल ने पिछले साल की तुलना में 7 फीसदी ज्यादा पैसे ट्रांसफर किए हैं।


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डबल आयरिश और डच सैंडविच का किया इस्तेमाल

 

टैक्सेशन से अपने इंटरनेशनल प्रॉफिट को संरक्षित करने के लिए गूगल ने दो स्ट्रक्चर्स का उपयोग किया जिसे 'डबल आयरिश' और 'डच सैंडविच' जैसे के रूप में जाना जाता है। इस सेटअप के जरिए एक आयरिश कंपनी से एक डच कंपनी में पैसे ट्रांसफर किए गए जिसके पास कोई कर्मचारी नहीं थे और उसके बाद एक ऑयरलैंड की रजिस्टर्ड कंपनी के स्वामित्व वाले बरमूडा मेलबॉक्स में पैसे ट्रांसफर किए गए। गूगल के मुताबिक, उसने हर देश में टैक्स चुकाया और कर कानूनों का पालन किया है।

 

आगे पढ़ें- पिछले साल इस रूट से बचाए करोड़ों 

8541 करोड़ रु बचाया फ्रेंच टैक्स

 

रिपोर्ट के मुताबिक, पर्याप्त टैक्स का भुगतान न करने के लिए गूगल दुनिया भर के रेग्युलेटर्स और अथॉरिटीज के दबाव में है। पिछले साल कंपनी ने 8541.80 करोड़ रुपए (112 करोड़ यूरो) फ्रेंच टैक्स बचाया था।

यूरोपियन यूनियन ऐसी तरीकों की तलाश कर रहा है, जिससे अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां जो इस टैक्स शेल्टर का उपयोग करते हैं को अधिक टैक्स का भुगतान करना पड़े।

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