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FY18 में शेयर मार्केट में FPI निवेश हुआ आधे से कम, 26 हजार करोड़ किए इन्वेस्ट

नई दिल्ली.  घरेलू शेयर बाजार में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (एफपीआई) का निवेश 2017-18 में आधे से भी कम 26,000 करोड़ रुपए रह गया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में ज्यादा बढ़ोतरी की आशंका और भारतीय स्टॉक मार्केट के हाई वैल्युएशन का असर एफपीआई के निवेश पर पड़ा है।

 

डेट में निवेश किए 1.20 लाख करोड़

डिपॉजिटरी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में शेयर बाजारों में 55,700 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जबकि इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर में उन्होंने 14,000 करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की।

हालांकि एफपीआई ने 2017-18 में डेट मार्केट में खुलकर निवेश किया और इस सेक्शन में वे 1.2 लाख करोड़ रुपए निवेश किए। वहीं 2016-17 में उन्होंने लगभग 7,300 करोड़ रुपए की निकासी की थी। 

 

एक्सपर्ट की राय

फंड्सइंडिया डॉट कॉम की प्रमुख एमएफ रिसर्च विद्या बाला के अनुसार 2017-18 में शेयर बाजारों में एफपीआई निवेश पूर्व साल की तुलना में कम रहना कोई हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कई फैक्टर्स के चलते यह गिरावट लगातार आ रही थी। विद्या बाला के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दर में तेज बढ़ोतरी के अनुमान के चलते भी एफपीआई ने इक्विटी में निवेश से हाथ खींच लिए।
कुल मिलाकर बीते फाइनेंशियल ईयर में 1.45 लाख करोड़ रुपए का विदेशी पूंजी निवेश हुआ जो कि भारतीय पूंजी बाजारों इक्विटी व डेट के लिए बीते तीन फाइनेंशियर ईयर में सबसे अच्छा समय रहा। 

 

दो दशक में 8.86 लाख करोड़ रहा एफपीआई निवेश

इस साल को मिलाकर पिछले दो दशक में इंडियन इक्विटी मार्केट में एफपीआई का कुल निवेश 8.56 करोड़ रुपए रहा। दो दशक पहले नवंबर 1992 में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों को निवेश करने की अनुमति मिली थी।

 

2018-19 में इक्विटी-डेट इंफ्लो रहेगा वोलेटाइल

इसके अलावा, फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में इक्विटी औऱ डेट दोनों में इंफ्लो में उतार-चढ़ाव रहेगा। ग्लोबल ट्रेड टेंशन, अमेरिकी में फेड रेट में बढ़ोतरी के साथ 2019 में भारत में होने आम चुनाव से एफपीआई निवेश पर असर पड़ेगा।

 

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