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IPO के जरिए 10 दिन में आपका पैसा हो सकता है डबल, इस साल आएंगे 35000 करोड़ के इश्यू

आइए जानते हैं कि कहां कम समय में आपके पैसे हो सकते डबल और यहां क्या है निवेश का तरीका...

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नई दिल्ली.  हर शख्‍स यही चाहता है कि वह अपने पैसे ऐसी जगह निवेश करे जहां कम से कम समय में ज्यादा फायदा हो। फाइनेंशियल मार्केट में एक जगह ऐसी है, जहां नियमों में रहकर महज 10 दिनों में आपको अपने निवेश पर 100 फीसदी या उससे ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। हम यहां बात कर रहे हैं IPO के जरिए निवेश की। खास बात है कि पिछले साल कई निवेशकों ने इसका लाभ उठाया और महज 10 दिन में उनके पैसे डबल से ज्यादा हो गए। इस साल भी बेहतर मौके हैं, जिसका लाभ आप भी उठा सकते हैं। 

 

इस साल 35 हजार करोड़ रुपए का आएगी आईपीओ
अभी रेलवे कंसल्टैंसी फर्म राइट्स (RITES) और फाइन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के आईपीओ खुले हैं और 26 जून को वरोक इंजीनियरिंग का आईपीओ खुलने वाला है। वहीं, अगले कुछ महीने में 33 कंपनियां 35 हजार करोड़ रुपए का आईपीओ ला रही हैं। इनमें इंडियन रिन्यूबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी, रेल विकास निगम, IRCON इंटरनेशनल, गार्डेन रिच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियरिंग और मझगांव डाक शामिल है।  कंपनियां समय-समय पर फंड जुटाने के लिए आईपीओ ले आती हैं। ऐसे में आप भी अपने मनपंसद कारोबार में हिस्सा बन सकते हैं। 

 

2018 में अभी तक 15 कंपनी लिस्ट


इस साल अभी तक 15 कंपनियों की लिस्टिंग शेयर बाजार में हुई है। इनमें से तीन कंपनियों की बंपर लिस्टिंग हुई है। इनमें अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, अंबर एंटरप्राइजेज औऱ बंधन बैंक  शामिल हैं।

 

ये हैं उदाहरण:


अपोलो माइक्रो सिस्टम्स: अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का स्टॉक 22 जनवरी 2018 को बीएसई पर 73.82 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट 478 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ था। यानी इसमें निवेशकों के लगाए गए 1 लाख रुपए 10 दिनों में ही करीब 1.74 लाख रुपए हो गए।

 

सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग: सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग का स्टॉक जुलाई 2017 में 140 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। स्टॉक 108 रुपए के इश्यू प्राइस के मुकाबले बीएसई पर 259 के स्तर पर लिस्ट हुआ। यानी जिन्होंने स्टॉक में 1 लाख रुपए लगाए होंगे, उनको 1.40 लाख रुपए का मुनाफा हो गया।

 

एवेन्यू सुपरमार्केट (डी-मार्ट): मार्च 2017 में आरके दमानी की कंपनी ने डी-मार्ट का आईपीओ आया था। शेयर के लिए ऑफर प्राइस 295 से 299 रुपए के बीच रखा गया था। लेकिन, लिस्टिंग वाले दिन शेयर 115 फीसदी बढ़कर 642 रुपए पर लिस्ट हुआ। 

 

CDSL: जुलाई 2017 में सीडीएसएल 68 फीसदी की बढ़त के साथ लिस्ट हुआ है। शेयर ऑफर प्राइस 149 की तुलना में 250 रुपए पर लिस्ट हुआ। यानी 1 लाख रुपए लगाने वाले निवेशकों को 1.7 लाख रुपए मिले।

 

AU स्मॉल फाइनेंस: 50 फीसदी की बढ़त के साथ शेयर आफर प्राइस 358 की तुलना में 525 रुपए पर लिस्ट हुआ। यानी जिन्होंने 1 लाख रुपए लगाए होंगे, उन्हें 1.5 लाख रुपए मिले होंगे। 

 

आगे पढ़ें, IPO में कैसे कर सकते हैं निवेश

ऐसे कर सकते हैं IPO में निवेश


- आईपीओ के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। इसमें ब्रोकर के जरिए निवेश किया जा सकता है। हर ब्रोकरेज हाउस आईपीओ में निवेश के लिए अपनी वेबसाइट पर एक अलग सेक्शन रखता है। जहां जाकर आप कुछ सूचनाएं भरने के बाद आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन सूचनाओं में प्रमुख है कि आप कितने स्टॉक के लिए किस कीमत पर अप्लाई करना चाहते हैं। आपके आवेदन के हिसाब से उतनी रकम आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग तक ब्लॉक कर दी जाती है।

 

इन बातों का ध्‍यान रखना जरूरी 
- अच्छा आईपीओ चुनने के लिए सबसे पहले तो उस कंपनी की साख देखें जो अपना आईपीओ ले आ रही है। कई रेटिंग एजेंसियां उस आईपीओ को अपना रेटिंग भी देती हैं, जिसपर नजर रखना जरूरी है। अगर 2 या 2 से अधिक एजेंसियों की रेटिंग आईपीओ पर पॉजिटिव है तो उसमें निवेश किया जा सकता है। कंपनी के अच्छे बिजनेस के साथ साथ आईपीओ की कीमत भी देखें। ब्रोकर्स की रिपोर्ट को भी देखना चाहिए। बाजार प्रमोटर्स के अलावा दूसरे निवेशकों के बारे में भी जानकारी जुटाएं।

 

आगे पढ़ें, कम से कम कितना निवेश जरूरी

कम से कम 15 हजार रुपए निवेश करने होंगे

 

आईपीओ में निवेश के लिए एक निश्चित रकम लगानी जरूरी है,  आईपीओ में एक शेयर के लिए बिड नहीं लगा सकते। यहां एप्लीकेशन लॉट साइज के हिसाब से होती है। यानि आपको कम से कम एक निश्चित संख्या में स्टॉक्स के लिए बिड देनी होगी। फिलहाल जितने भी आईपीओ आ रहे हैं उसके हिसाब से एक एप्लीकेशन में कम से कम 15 हजार रुपए लगाने होते हैं।

 

आगे पढ़ें, क्या हैं आईपीओ के फायदे

ये हैं फायदे

 

- समय-समय पर कंपनियां मार्केट से फंड जुटाने के लिए आईपीओ ले आती हैं। ऐसा वह अपने कारोबार बढ़ाने के लिए करती हैं। इस तरह से आईपीओ का यह भी फायदा होता है कि आपको मनपसंद कारोबार में हिस्सेदारी मिलती है। इसमें निवेश का फैसला लेने के लिए आपको पूरा समय मिलता है, जिस दौरान आप किसी भी जानकार से राय ले सकते हैं। 
- आईपीओ के लिए एक प्राइस बैंड तय किया जाता है। ये प्राइस बैंड से ही कट ऑफ प्राइस निकलता है। जिस कीमत पर इश्यू प्राइस किया जाएगा उसी पर निवेशक को शेयर मिलेगा।निवेशक का हायर बैंड के हिसाब से पैसा देना होता है। अगर इश्यू कम प्राइस पर लिस्ट हुआ तो बाकी पैसा निवेशक को लौटा दिया जाएगा। वहीं, आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग के बीच अधिकतम 7-10 दिन का ही समय लगता है।

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