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गोबर से साबुन-तेल बनाता है यह शख्स, हर साल करता है 5 करोड़ का बिजनेस

मुंबई की यह कंपनी गाय के गोबर औऱ गोमूत्र से साबुन, टूथपेस्ट, क्रीम, फेस वॉश के अलावा अन्य कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाती है।

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नई दिल्ली.  गाय का घी, दूध सेहत के लिए अच्छा होता है, इससे तो सभी वाकिफ हैं। वहीं गोबर से खाद और बायो गैस बनाने के बारे में भी सुना होगा। पर आपने कभी सोचा होगा कि आप गोबर औऱ गोमूत्र से बने साबुन से स्नान भी कर सकते हैं। नहीं तो आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बता रहे हैं, जिसने कचरा और गंदगी समझने वाले गोबर का इस्तेमाल कर करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी है। मुंबई की यह कंपनी गाय के गोबर औऱ गोमूत्र से साबुन, टूथपेस्ट, क्रीम, फेस वॉश के अलावा अन्य कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाती है। 

 

गाय के गोबर-गोमूत्र से बनाते हैं प्रोडक्ट

काउपैथी के फाउंडर उमेश सोनी ने मनी भास्कर से बातचीत में बताया कि गाय के गोबर और गोमूत्र में बीमारियों से लड़ने से कई गुण मौजूद है। आयुर्वेद में भी पंचगाव्य यानी गोमूत्र, गाय का गोबर, दूध, दही और घी से बने प्रोडक्ट से बीमारी को ठीक किए जाने का जिक्र है। इस महत्व को देखते हुए उन्होंने गाय के गोबर और गोमूत्र से साबुन समेत कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनाना शुरू किया। धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता बढ़ने से प्रोडक्ट की मांग बढ़ रही है, जिससे उनका बिजनेस भी ग्रो कर रहा है।

 

आगे भी पढ़ें- कितनी लगी पूंजी

10 लाख रु से की शुरुआत

सोनी ने कहा कि साल 2012 में 10 लाख रुपए के निवेश से काउपैथी की शुरुआत की। यह रकम एक्सपोर्ट के बिजनेस से हुई कमाई की थी। काउपैथी को शुरू करने से पहले उन्होंने एक दोस्त के साथ मिलकर एक्सपोर्ट का बिजनेस शुरू किया था। इसके तहत वो कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करते थे।

 

 

गोबर से साबुन बनाने का क्या है प्रोसेस

गाय के गोबर से बनने वाले प्रोडक्ट के बनाए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि हम पहले तेज तापमान में गोबर को सुखाते हैं। गोबर की गंध को मिटाने के लिए उसमें एसेंस ऑयल डालते हैं ताकि उसमें खुशबू आए। ऐसा ही गोमूत्र को उबाल कर अन्य प्रोडक्ट में इस्तेमाल करते हैं।

 

आगे पढ़ें- कितने देशों में होता है एक्सपोर्ट

13 देशों में होता है एक्सपोर्ट

गाय के गोबर से बने साबुन का सोनी ने पेटेंट करा रखा है। उन्होंने कुल चार पेटेंट कर रखे हैं। काउपैथी के गोबर से बने साबुन की कीमत 35 रुपए है। इस साबुन की भारत समेत 13 देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है। इसमें यूक्रेन, रूस, अमेरिका, सिंगापुर शामिल है। उनका कहना है कि उनका प्रोडक्ट सभी मानदंडों पर खड़ा उतरता है। एफडीए अप्रूवल के बाद वो प्रोडक्ट मैन्युफैक्चर करते हैं।

 

 

5 करोड़ है कंपनी का टर्नओवर 

सोनी कहते हैं कि उनकी कंपनी का कुल टर्नओवर 4 से 5 करोड़ रुपए का है। जिसमें काउपैथी का सालाना  टर्नओवर 2 करोड़ रुपए शामिल है। उनका प्रोडक्ट्स ऑनलाइन भी बिक्री के लिए उपलब्ध है। उन्होंने इसके लिए बिग बास्केट के साथ टाइअप किया है। वहीं हाईपर सिटी के साथ करार होना था लेकिन इन्वेस्टमेंट ज्यादा होने की वजह से फिलहाल टाल दिया है। उनका लक्ष्य कुछ सालों में कुछ औऱ नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करना है। साथ ही वो अपने बिजनेस में प्रत्येक साल 40 फीसदी ग्रोथ दर्ज करना चाहते हैं।

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