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4000 निवेशकों को दिया धोखा, करोड़ों का बैंक लोन भी नहीं चुकाया, पूना बेस्ड बिल्डर डीएस कुलकर्णी के फ्रॉड के चलते 3 बैंकर गिरफ्तार, कभी मूंगफली वाले से तय किया था करोड़पति तक का सफर

पुणे बेस्ड बिल्डर डीएस कुलकर्णी पर 4000 निवेशकों को धोखा देने का आरोप है।

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नई दिल्ली.  3000 करोड़ रुपए के DSK ग्रुप लोन डिफॉल्ट मामले में पुणे पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM) के सीईओ एंड एमडी रविंद्र मराठे समेत तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। मराठे के अलावा बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरके गुप्ता और बैंक के पूर्व सीएमडी सुशील मुहनोत भी गिरफ्तार हुए हैं। डीएसके ग्रुप को खड़ा करने वाले डीएस कुलकर्णी कभी दोस्तों की मदद के लिए मूंगफली बेचे तो कभी अखबार बेचा करते थे और आज वह खुद हजारों निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में पुलिस की गिरफ्त में हैं।

 

 

कैसे मूंगफली बेचने वाला शख्स बन गया करोड़पति

कई छोटे-मोटे काम करने के दौरान दीपक सखाराम कुलकर्णी ने 1970 में एक छोटी सी फर्म टेली स्मेल की स्थापना की। कंपनी टेलिफोन रिसिवरों की सफाई और उसमें परफ्यूमिंग का काम किया करती थी। कंस्ट्रक्शन बिजनेस पर नजर पहले से ही थी। एक दिन वो टेलिफोन की सफाई के लिए एस.एल किर्लोस्कर के ऑफिस गए। वहां तख्ती पर लिखा था एस एल किर्लोस्कर, चेयरमैन एंड मैनजिंग डायरेक्टर। तख्ती को देखकर दीपक के मन में इच्छा जागी की काश उनकी भी एक कंपनी हो और जिसमें मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन के रूप में उनका नाम लिखा जाए। दीपक का ये सपना भी साकार हुआ और 1970 में डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स की शुरुआत की। साल 1991 में कंस्ट्रक्शन के कारोबार में काले धन का काफी बोलबाला था। कोई भी बिल्डर पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनाने को तैयार नहीं था। ऐसे माहौल में दीपक ने डीएस कुलकर्णी एंड कंपनी को डीएस कुलकर्णी डेवलपर कंपनी लिमिटेड बनाई और उसे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेट कंपनियों में शुमार करवाया था। आज उनकी कंपनी में ट्रेडिंग सस्पेंड है।

 

इन मामलों में केस दर्ज हुआ

पुणे पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने अरेस्ट किए गए लोगों पर चीटिंग, फोर्जरी, क्रिमिनल कॉन्सिपिरेंसी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बैंक के पूर्व सीएमडी सुशील मुहनोत को जयपुर से अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने जांच में पाया है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सीईओ रविंद्र मराठे समेत बैंक के कई अधिकारियों ने दिवालिया हो चुके बिल्डर डीएस कुलकर्णी को लोन दिलाने में मदद की। रिपोर्ट्स के अनुसार बैंक अधिकारियों को उनके दिवालिए होने की जानकारी थी। 

 

फरवरी में अरेस्ट हुए थे डीएस कुलकर्णी

डीएसके ग्रुप के प्रमुख डीएस कुलकर्णी पुणे बेस्ड बिल्डर हैं, जिन पर 4000 निवेशकों को धोखा देने का आरोप है। डीके और उनकी वाइफ हेमन्ती को इसी साल फरवरी में क्राइम ब्रांच ने अरेस्ट किया था। कुलकर्णी पर बैंक का पैसा न चुकाने और सही समय पर फ्लैट न देने के आरोप थे। कुलकर्णी पर निवेशकों के 230 करोड़ रुपए भी नहीं लौटाने का आरोप है।

 

124 प्रॉपर्टीज अटैच करने के लिए जारी हुआ था नोटिफिकेशन

बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र के 2 ऑफिशियल के अलावा जो लोग अरेस्ट हुए हैं, उनमें इनमें डीएसके ग्रुप के सीए सुनील घाटपांडे, इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के वाइस प्रेसिडेंट राजीव नेवासकर और बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र के जोनल मैनेजर नित्यानंद देशपांडे शामिल हैं। पिछले महीने महाराष्‍ट्र सरकार ने कुलकर्णी, उनकी वाइफ और डीएसके ग्रुप के अधिाकारियों से जुड़ी 124 प्रॉपर्टीज, 276 बैंक अकाउंट और 46 व्हीकल्स अटैच करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। 

 

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