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वारेन बफे उत्तराधिकारी तय करने के करीब, अजित जैन को दी बोर्ड में जगह

 

नई दिल्ली. वारेन बफे के दाएं हाथ माने जाने वाले भारतीय अजित जैन को वाइस चेयरमैन के तौर पर उनकी कंपनी बर्कशायर हाथवे के बोर्ड में जगह मिली है। जैन इन्श्योरेंस ऑपरेशन संभालेंगे। इससे बफे की उत्तराधिकारी तय करने की योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले जैन को दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर वारेन बफे के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता रहा है। जैन के अलावा 55 वर्षीय जॉर्ज अबेल को भी वाइस चेयरमैन के रूप में बोर्ड में जगह मिली है। वहीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने निदेशकों की संख्या 12 से बढ़ाकर 14 करने की सिफारिश भी की है। इस खबर के बाद प्री-मार्केट सेशन के दौरान बर्कशायर हाथवे के क्लास बी शेयर में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

 

जैन को मिली बोर्ड में जगह

सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अबेल फिलहाल बर्कशायर हाथवे एनर्जी कंपनी के चेयरमैन एवं सीईओ हैं, जो 1992 में कंपनी से जुड़े थे।

वहीं जैन नेशनल इन्डेम्निटी कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं, और वह 1986 में बर्कशायर हाथवे इन्श्योरेंस ग्रुप से जुड़े थे।

 

बड़े फैसले लेते रहेंगे बफे

बर्कशायर हाथवे ने यह भी कहा कि बफे (87) और मौजूदा वाइस चेयरमैन चार्ल्स मुंगेर (94) अपनी मौजूदा भूमिका में बने रहेंगे। साथ ही यही दोनों शख्स कंपनी के बड़े इन्वेस्टमेंट के फैसले लेंगे। वारेन बफे जल्द ही इस बदलाव की डिटेल दे सकते हैं।

 

उत्तराधिकारी के तौर पर जैन के नाम की चर्चा

माना जा रहा है कि वह जल्द ही अपना उत्तराधिकारी चुनने के संकेत दे सकते हैं। कई साल से बर्कशायर हाथवे में वारेन बफे के उत्तराधिकारी के नाम की अटकलें लगती रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में उत्तराधिकारी के तौर पर जैन का नाम उठता रहा है। बफे भी कई मौकों पर अजित जैन की तारीफ करते रहे हैं। बफे ने एक समय कहा था, 'जैन की वजह से उन्होंने अरबों डॉलर कमाए।'


जैन ऐसे जुड़े बर्कशायर हैथवे से

दरअसल, जैन को बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे से मिशेल गोल्‍डर्बग नामक शख्‍स ने बुलाया। पुरानी कंपनी मैकिन्से में जैन के बॉस गोल्‍डबर्ग ही थे। गोल्‍डबर्ग ने मैकिन्‍से को 1982 में ही छोड़ दिया था।

अजित जैन पेशे से एक व्यापारी है, जिन्हें मौजूदा समय में बर्कशायर हैथवे में कई तरह के रिइंश्योरेंस से संबंधित कारोबारों के प्रमुख वॉरेन बफे का संभावित उत्तराधिकारी माना गया है। द रिचेस्‍ट के मुताबिक वर्तमान में अजित जैन की नेटवर्थ 2 अरब डॉलर यानी 12 हजार करोड़ के करीब है। उन्‍होंने वाशिंगटन में 2005 में जैन फाउंडेशन बनाया।


बफे के चहेते हैं अजित जैन

बीते साल फरवरी में निवेशकों के लिए लिखी अपनी सालाना चिट्ठी में इन्वेस्टमेंट गुरु वॉरेन बफे ने कामयाबी का श्रेय पाने वालों में सबसे पहला नाम अजित जैन का लिया था। चिट्ठी में बफे ने लिखा कि 1986 के एक शनिवार को जब अजित ने ऑफिस ज्वाइन किया था तो उन्हें इन्श्योरेंस सेक्टर का बिल्कुल अनुभव नहीं था। तब से अब तक अजित बर्कशायर के निवेशकों के लिए सैकड़ों करोड़ की वैल्यू बढ़ा चुके हैं। इससे पहले साल 2014 में शेयरहोल्डर्स को लिखी चिट्ठी में बफे ने लिखा था कि उन्होंने जैन की बिजनेस स्किल पर चर्चा करते हुए कुछ समय बिताया।


बफे ने जैन के परिवार को लिखी थी चिट्टी

इससे पहले 2008 में बफे ने अपनी चिट्ठी में लिखा था कि जब जैन हमारे साथ जुड़े कुछ समय बाद ही मुझे महसूस हुआ कि हमने एक असाधारण प्रतिभा को प्राप्त कर लिया हैं। सो मैंने स्वाभाविक रूप से भारत में उसके माता-पिता को लिख कर पूछा कि उनके घर में उस जैसा और भी कोई हो तो उसे भेजें। हालांकि लिखने से पहले ही मुझे जवाब पता था। अजित जैसा दूसरा कोई नहीं।

 

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